Budget 2024: इंडियन ऑटो इंडस्ट्री के लिए रोमांचक होगा ये साल! बजट में हो सकती है ये बड़ी घोषणाएं...
भारत वैश्विक ऑटोमोटिव उद्योग में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में अपनी स्थिति बना रहा है। यह क्षेत्र घरेलू विनिर्माण और आर्थिक विकास को समर्थन देने वाली नीतियों के लिए उत्सुक है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और टिकाऊ प्रथाओं की ओर बदलाव के कारण हितधारक केंद्रीय बजट में विकास को गति देने और नवाचार को बढ़ावा देने वाले उपायों की तलाश कर रहे हैं।
ईवी अपनाने और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करना: स्थापित ऑटोमेकर्स से लेकर नए EV स्टार्टअप्स तक, पूरा इकोसिस्टम EV अपनाने पर सरकार के दीर्घकालिक रोडमैप के लिए उत्सुक है। इसमें घरेलू मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना, आपूर्ति श्रृंखला चुनौतियों का समाधान करना, अनुसंधान एवं विकास को बढ़ाना और बुनियादी ढांचे का विकास करना शामिल है।

कुछ उद्योग के नेता सरकारी प्रोत्साहनों पर स्पष्टता चाहते हैं, जबकि अन्य बुनियादी ढांचे के विकास और कर सुधारों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। चलिए जानते हैं कि आने वाले बजट से ऑटो उद्योग की क्या मांग है।
इस कड़ी में सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) आगामी बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन और वाहनों को स्क्रैप करने के लिए अतिरिक्त लाभ की वकालत कर रही है।

SIAM के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने बजट में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर ज्यादा खर्च किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।उन्होंने FAME 3 जैसी नीति की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं जैसी प्रभावी योजनाओं को जारी रखने की बात कही।
बैटरी स्वैपिंग नीति और स्थानीय उत्पादन: सोसायटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (SMEV) का मानना है कि सिर्फ निजी इस्तेमाल के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ कार शेयरिंग, टैक्सी और छोटे सामान की डिलीवरी जैसे व्यावसायिक इस्तेमाल को भी बढ़ावा देने के लिए खास कदम उठाना चाहिए।

प्रत्याशित उपायों में एक व्यापक बैटरी स्वैपिंग नीति, ई-बसों के लिए बढ़े हुए आवंटन के साथ FAME III की शुरूआत और EV घटकों के स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहित करने के प्रस्ताव शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य भारत के EV पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।
सभी प्रौद्योगिकियों के लिए समान अवसर: आने वाले बजट में, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग सभी टेक्नोलॉजी के लिए समान अवसर चाहता है। इसमें जीएसटी और सब्सिडी में खासकर स्वैपेबल बैटरी के लिए जो असमानता है, उसे दूर करने पर जोर दिया जा रहा है।
ड्राइवस्पार्क की राय: इन उपायों को लागू करके, भारत वैश्विक ऑटोमोटिव बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ा सकता है, साथ ही उद्योग के भीतर टिकाऊ प्रथाओं और नवाचार को भी समर्थन दे सकता है। 23 जुलाई को बजट 2024 पेश किया जायेगा।


Click it and Unblock the Notifications








