दिल्ली NCR में BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल वाहनों पर रोक, लेकर निकलें तो लग सकता है तगड़ा चूना!

दिल्ली NCR में प्रदूषण का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों पर एक्यूआई 400 के पार दर्ज किया गया है। आलम ये है कि यहां की हवा में अब सांस लेने में भी मुश्किल हो रही है।

दिल्ली सरकार ने मामले को गंभीरता को समझते हुए ग्रैप के तीसरे चरण की पाबंदियां भी लागू कर दी गई हैं। ग्रैप का तीसरा चरण लागू होते ही बीएस-3 पेट्रोल वाहन और बीएस-4 के डीजल वाहनों पर पाबंदी लागू होगी।

Air Pollution

इसके बाद दिल्ली में पांच लाख से अधिक वाहनों के पहिए थम जाएंगे। इस पाबंदी का उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इस नियम के तहत 10 साल पुराने डीजल वाहनों और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बीएस-3 पेट्रोल इंजन में सीएनजी होने पर भी नहीं चलेंगे। एनसीआर से ऐसे किसी भी वाहन को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बता दें कि बीएस 3 और बीएस 4 इंजन पर चलने वाली गाड़ियां BS6 इंजन की तुलना में ज्यादा प्रदूषण फैलाती हैं।

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Electric वाहनों के बाद अब सरकार का फोकस है कि जल्द से जल्द फ्लेक्स फ्यूल पर चलने वाले वाहनों को सड़कों पर उतारा जाए जिससे कि वातावरण में प्रदूषण कम फैले।

क्या होते हैं BS3, BS4 और BS6 गाड़ियां: BS यानी भारत स्टेज से पता चलता है कि आपकी गाड़ी कितना प्रदूषण फैलाती है। बीएस के जरिए ही भारत सरकार गाड़ियों के इंजन से निकलने वाले धुएं से होने वाले प्रदूषण को रेगुलेट करती है।

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BS के साथ जो नंबर होता है उससे ये पता चलता है कि इंजन कितना प्रदूषण फैलाता है। यानी जितना बड़ा नंबर उतना कम प्रदूषण। इसी तर्ज पर BS3, BS4 और BS6 निर्धारित किया जाता है।

BS6 गाड़ियों के फायदे: BS-6 लागू होने के बाद प्रदूषण को लेकर पेट्रोल और डीजल कारों के बीच ज्‍यादा अंतर नहीं रह गया है। डीजल कारों से 68 फीसदी और पेट्रोल कारों से 25 फीसदी तक नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन कम हो गया है।

बीएस एमिशन नॉर्म्स को भारत सरकार तय करती है। ये इंटरनल कंबशन इंजन इक्विपमेंट से निकलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तय किए जाते हैं। अलग-अलग समय पर इनमें बदलाव किया जाता है। जो वन, पर्यावरण और जलवायु मंत्रालय के अधीन आते हैं।

मौजूदा समय में देश में बीएस 6 नॉर्म्स लागू हैं। इसे अप्रैल 2020 को लागू किया गया था। इससे पहले अप्रैल 2017 में बीएस 4 नॉर्म्स लागू किए गए थे।

जबकि 2010 के बाद के वाहनों को बीएस 3 की कैटेगरी में रखा गया था। साल 2000 से 2010 के बीच बीएस2 और 2000 से पहले के वाहनों को बीएस1 कैटेगरी के वाहनों में रखा गया था।

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Article Published On: Friday, November 3, 2023, 16:18 [IST]
English summary
Bs3 petrol bs4 diesel cars banned in delhi ncr check all details in hindi
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