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दिल्ली-एनसीआर में बीएस-4 डीजल वाहन होंगे बैन, 2026 तक 9 लाख वाहन हो सकते हैं प्रतिबंधित

दिल्ली में प्रदूषण के लगातार बढ़ते स्तर को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने नई वायू प्रदूषण नीति के तहत 2026 तक दिल्ली-एनसीआर में डीजल से चलने वाले ऑटो और बीएस-4 कारों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। आयोग का कहना ही कि दिल्ली में 2026 तक डीजल से चलने वाले ऑटो रिक्शा को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। डीजल ऑटो के जगह केवल सीएनजी ऑटो को ही परिचालन के लिए परमिट दिया जाएगा।

दिल्ली-एनसीआर में बीएस-4 डीजल वाहन होंगे बैन, 2026 तक 9 लाख वाहन हो सकते हैं प्रतिबंधित

नई वायु प्रदूषण नीति के तहत दिल्ली में बीएस-4 डीजल कारों पर प्रतिबंध लगाने की भी बात कही गई है। हालांकि, यह प्रतिबंध आवश्यक और इमरजेंसी सेवाओं में लगे वाहनों पर नहीं होगा।

दिल्ली-एनसीआर में बीएस-4 डीजल वाहन होंगे बैन, 2026 तक 9 लाख वाहन हो सकते हैं प्रतिबंधित

2023 से इन वाहनों को नहीं मिलेगा परमिट

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर और सीमावर्ती क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 450 के पार पहुंच चुका है जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इसके चलते दिल्ली के लोगों में श्वास से संबंधित बीमारियां बढ़ रही हैं। आयोग की सूचना के अनुसार, दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए कड़े नियम बनाए जा रहे हैं। इसकी शुरूआत 2023 से डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने से शुरू की जाएगी।

दिल्ली-एनसीआर में बीएस-4 डीजल वाहन होंगे बैन, 2026 तक 9 लाख वाहन हो सकते हैं प्रतिबंधित

दिल्ली-एनसीआर में 1 जनवरी, 2023 से डीजल ऑटो को परमिट जारी नहीं किया जाएगा। इसके जगह केवल सीएनजी और इलेक्ट्रिक ऑटो को ही परमिट दिया जाएगा। आयोग द्वारा दिल्ली में सीएनजी रीफिलिंग स्टेशन और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क तैयार करने का निर्देश दिया गया है। लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों के लिए यह सुविधा हाईवे पर भी उपलब्ध करने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर में बीएस-4 डीजल वाहन होंगे बैन, 2026 तक 9 लाख वाहन हो सकते हैं प्रतिबंधित

उत्सर्जन मानक यह निर्धारित करते हैं कि कानूनी रूप से एक वाहन को कितना उत्सर्जन करना चाहिए। डीजल वाहन आमतौर पर काफी अधिक मात्रा में नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) यौगिकों का उत्सर्जन करते हैं, जिनका मानव स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। इसके विपरीत BS-VI डीजल वाहनों में NOx उत्सर्जन की मात्रा एक तिहाई से भी कम होती है।

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इतने वाहनों पर लगेगा प्रतिबंध

इस नए फैसले से दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों में चलने वाले कुल 9.50 लाख से ज्यादा बीएस-4 डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लग सकता है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 1 करोड़ पंजीकृत वाहन हैं, जिनमें से केवल 10 लाख वाहन ही BS-VI (भारत स्टेज-6) के अनुरूप हैं।

दिल्ली-एनसीआर में बीएस-4 डीजल वाहन होंगे बैन, 2026 तक 9 लाख वाहन हो सकते हैं प्रतिबंधित

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बीएस-3 पेट्रोल वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की है। आपको बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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हर साल, करीब एक दशक से, राजधानी और उत्तर भारत का अधिकांश भाग वायु प्रदूषण की गंभीरस समस्या से जूझता है। संकट तब शुरू होता है जब पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में किसान पराली जलने के लिए खेतों में आग लगा देते हैं। इससे दिल्ली और आस-पास के अन्य शहर जहरीले धुंए और कोहरे की चपेट में आ जाते हैं।

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English summary
Bs 4 diesel vehicles to get ban in delhi ncr details
Story first published: Friday, July 15, 2022, 18:35 [IST]
 
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