12 साल की उम्र में बना भिक्षु; दीक्षा लेने से पहले की फरारी की सवारी

By Abhishek Dubey

अन्य अमीर बच्चों की तरह ही भव्य शाह को भी महंगी गाड़ियों, चश्में और ईत्यादि लग्जरी का शौक था। लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी की महज 12 साल की उम्र में गुजरात के एक करोड़पति हीरा व्यापारी के बेटे भव्य शाह ने अपनी सारी सुख-सुविधाओं को त्यागकर एक जैन भिक्षु बनने का फैसला किया।

12 साल की के भिक्षु ने दीक्षा लेने से पहले की फरारी की सवारी

भव्या शाह के पिता दीपेश शाह ने बताया है कि 24 मार्च को भव्य ने अपनी फेवरेट फरारी कार में आखिरी बार सवारी की। ये फरारी कार दीपेश शाह के पड़ोसी दोस्त की थी।

12 साल की के भिक्षु ने दीक्षा लेने से पहले की फरारी की सवारी

जैन समुदाय की परंपरा के मुताबिक उनके भिक्षु बनने से पहले शहर में एक विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा के दौरान भव्य ने ब्लू रंग की शेरवानी पहनी हुई थी। शोभा यात्रा के दौरान भव्य के लिए जिस रथ का इस्तेमाल किया गया था वह ब्लॉकबस्टर हिट फिल्म 'बाहुबली' की तर्ज पर बनाया गया था।

12 साल की के भिक्षु ने दीक्षा लेने से पहले की फरारी की सवारी

भिक्षु बनने से पहले भव्य ने मीडिया से कहा, ''मेरे पेरेंट्स ने बताया है कि किसी को सच के लिए आगे आना आना चाहिए। ऐसा करने के लिए ही मैंने भिक्षु बनने को चुना है। मेरे माता-पिता भी इस फैसले से काफी खुश हैं।

12 साल की के भिक्षु ने दीक्षा लेने से पहले की फरारी की सवारी

बता दें कि 4 साल पहले भव्य की बड़ी बहन भी महज 12 साल में जैन भिक्षु बन गई थी। भव्य को लगता है कि आनेवाले समय में उसके माता-पिता भी यही रास्ता अपनाएंगे। गुरुवार को सूरत में भव्य के दीक्षा समारोह देखने के लिए करीब 300 जैन भिक्षु और हजारों लोगों ने हिस्सा लिया।

12 साल की के भिक्षु ने दीक्षा लेने से पहले की फरारी की सवारी

भव्य के पिता दीपेश शाह ने कहा, ''मैं दिल से बहुत खुश हूं कि मेरे 3 बच्चों में से दो ने भिक्षु बनना चुना है। मेरा एक बेटा भिक्षु बनने के लिए तैयार नहीं है। हां, अगर भविष्य में ऐसा करता है तो मुझे बहुत खुशी होगी।''

12 साल की के भिक्षु ने दीक्षा लेने से पहले की फरारी की सवारी

गौरतलब है कि पिछले साल गूजरात बोर्ड में 99.9 % के साथ टॉप करने वाली 17 साल के वर्शिल शाह भी रीजल्ट के कुछ दिन बाद जैन भिक्षु बन गया था।

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English summary
boy who gave up his Ferrari, riches and became a Jain monk. Read in Hindi.
Story first published: Friday, April 20, 2018, 16:37 [IST]
 
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