Bolt ने भारत में लगाये 10,000 ईवी चार्जिंग पॉइंट, 1 लाख लगाने का है लक्ष्य
Bolt ने हाल ही में घोषणा की है कि उन्होंने भारत में पिछले 6 महीनों में 10,000 ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित किये है, कंपनी अगले छह महीने में 1 लाख चार्जिंग पॉइंट लगाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। कंपनी के कुल 4,273 पब्लिक चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध है और इसमें बैंगलोर में 1,754 चार्जर, दिल्ली एनसीआर में 663 व हैदराबाद में 347 चार्जर उपलब्ध है। इस तरह कंपनी ने बैंगलोर को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए तैयार कर दिया है।

अब कंपनी नॉन-मेट्रो शहर जैसे नागपुर, जयपुर, नाशिक, चंडीगढ़, सूरत, अहमदाबाद, लखनऊ, भुवनेश्वर, विजयवाड़ा आदि शामिल है। बोल्ट ने फरवरी 2022 तक अपने बोल्ट चार्जिंग नेटवर्क में 15,000 से अधिक एक्टिव ग्राहक जोड़ लिए है, वहीं पिछले छह महीने में बोल्ट चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर से 344 इलेक्ट्रिक वाहनों को पॉवर किया है। कंपनी के प्रति चार्जिंग पॉइंट में औसतन 1.57 घंटे चार्जिंग में लगते हैं।

इसके साथ ही कंपनी के सभी चार्जिंग पॉइंट से 64,000 रुपये की कमाई भी हुई है, कंपनी ने प्रति यूनिट इलेक्ट्रिसिटी के पीछे 26 रुपये कमाए है। वहीं बोल्ट नेटवर्क से जितने इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज हुए है उनके माध्यम से 1,840.99 g/Km के बराबर CO2 की बचत की है। पिछले दो साल में सुरक्षित व सस्ती ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग की वजह से कंपनी को लाभ हुआ है।

पिछले छह महीनों में 20 कंपनियां जैसे स्पर्लेट, पार्क+ व ईवी फ्लीट सॉल्यूशन प्रदान करने वालों ने बोल्ट के साथ साझेदारी की है। BOLT IoT-इनेबल्ड चार्जिंग पॉइंट पेश करता है, BOLT देश का पहला और सबसे बड़ा पीयर-टू-पीयर EV चार्जिंग नेटवर्क है। इसके अलावा, स्टार्टअप कंपनी का दावा है कि BOLT भारत का सबसे आसान और सबसे किफायती EV चार्जिंग पॉइंट है।

BOLT देश भर में राइडर्स को जोड़ने वाले IoT-इनेबल्ड ईवी चार्जिंग पॉइंट का देश का पहला समर्पित नेटवर्क है, इसे कुछ समय पहले ही लाया गया है। REVOS का कहना है कि कोई भी BOLT चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर खरीद और स्थापित कर सकता है और चार्जिंग पॉइंट से आय अर्जित कर सकता है। BOLT चार्जिंग पॉइंट दुकानों, गैरेज या पार्किंग स्थानों में स्थापित किया जा सकता है।

BOLT चार्जिंग सिस्टम बिजली की खपत की निगरानी के लिए एक एनर्जी कैलकुलेटर के साथ आता है और BOLT के मालिक 'सार्वजनिक' और 'निजी' मोड के बीच स्विच कर सकते हैं। निजी मोड में स्थापित BOLT चार्जिंग पॉइंट उसके मालिक के लिए आरक्षित हो जाता है और अन्य इसका उपयोग नहीं कर सकते।

इन प्रणालियों को अभी जनता के लिए खोला जाना बाकी है और इन्हें 'निजी' के रूप में चिह्नित किया गया है। बोल्ट भी अपने स्वयं के ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आता है और दावा करता है कि यह किसी भी ईवी को स्मार्ट ईवी में परिवर्तित कर सकता है। ईवी सवारों को ईवी पर ही दुर्घटना का पता लगाने, एसओएस प्रौद्योगिकी, नेविगेशन और अधिसूचना अलर्ट जैसी सुविधाओं तक पहुंचने में सक्षम बनाता है।

BOLT के अलावा इस क्षेत्र में ElectricPe, Exicom जैसी कंपनियां काम कर रही है। हाल ही में Exicom ने 200 शहरों में AC और DC चार्जर सहित 5,000 चार्जिंग इंस्टॉलेशन पूरा करने की बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वहीं ElectricPe के साथ मिलकर NoBroker इस साल आवासीय कम्यूनिटीज में 1,00,000 इलेक्ट्रिक चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने वाली है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
देश में इलेक्ट्रिक वाहन तो बहुत से आ रहे हैं लेकिन ईवी को चार्जिंग करने के लिए चार्जिंग स्टेशन बहुत कम है। ऐसे में Bolt जैसी कंपनियां आगे आकर ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित कर रही है और इन्हें ग्राहकों से इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।


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