दोस्त की जान बचाने ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर निकला शख्स, 24 घंटे में पूरी की 1,400 किमी की दूरी
कोरोना पीड़ित दोस्त की जान बचाने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर 1,400 किलोमीटर का सफर तय कर नोएडा पहुंचे दोस्तो की खबर इंटरनेट पर वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग इसे सच्ची दोस्ती की मिसाल बताते हुए नहीं थक रहे। दरअसल, नोएडा में रह रहे रंजन कुछ दिनों पहले कोरोना संक्रमित हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

1400 किलोमीटर का सफर तय कर दोस्त के लिए लाया ऑक्सीजन
उधर अस्पताल में ऑक्सीजन की किल्लत होने लगी तो डॉक्टरों ने साफ कह दिया कि बिना ऑक्सीजन के जान बचा पाना मुश्किल है। रंजन को कहा गया कि उन्हें जल्द से जल्द ऑक्सीजन की व्यवस्था करनी पड़ेगी। रंजन की यह खबर झारखंड के बोकारो में रह रहे दोस्त देवेंद्र तक पहुंची गई।

देवेंद्र को जैसे ही यह खबर मिली कि दोस्त की जान मुश्किल में है, वह ऑक्सीजन की तलाश में जुट गए। नोएडा में तो ऑक्सीजन नहीं था लेकिन बोकारो में देवेंद्र ने ऑक्सीजन का जुगाड़ कर लिया। इसके बाद वह अपनी कार से सिलेंडर लेकर 1400 किलोमीटर का सफर कार तय कर रंजन की जिंदगी बचाने पहुंच गए।

देवेंद्र को जैसे ही यह खबर मिली कि दोस्त की जान मुश्किल में है, वह ऑक्सीजन की तलाश में जुट गए। नोएडा में तो ऑक्सीजन नहीं था लेकिन बोकारो में देवेंद्र ने ऑक्सीजन का जुगाड़ कर लिया। इसके बाद वह अपनी कार से सिलेंडर लेकर 1400 किलोमीटर का सफर कार तय कर रंजन की जिंदगी बचाने पहुंच गए।

ऐसे किया ऑक्सीजन का जुगाड़
देवेंद्र ने बोकारो में कई प्लांट और सप्लायर का दरवाजा खटखटाया। लेकिन बिना खाली सिलेंडर के कोई भी ऑक्सीजन देने को तैयार नहीं हुआ। हालांकि इसके बाद भी देवेंद्र ने हिम्मत नहीं हारी और फिर उनकी कोशिश रंग ले आई।

इसके बाद एक अन्य मित्र की मदद से बियाडा स्थित झारखंड इस्पात ऑक्सीजन प्लांट के संचालक से संपर्क कर उन्हें परेशानी बताई तो वह तैयार हो गया, लेकिन उसने ऑक्सीजन सिलेंडर की सिक्योरिटी मनी जमा करने की शर्त रखी। इसके बाद देवेंद्र ने जंबो सिलेंडर के लिए 10 हजार रुपये दिए, जिसमें 400 रुपये ऑक्सीजन की कीमत और 9600 रुपये सिलेंडर की सिक्योरिटी मनी थी।

कार से ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर निकला दोस्त
ऑक्सीजन सिलेंडर मिलने के बाद देवेंद्र खुद रविवार सुबह अपनी कार से नोएडा के लिए निकल पड़े और करीब 24 घंटे में पहुंच गए। हालांकि इस दौरान राज्यों के बॉर्डर पर उनसे पुलिस ने पूछताछ भी की, लेकिन दोस्त की जान बचाने की बात ने उन्हें रुकने नहीं दिया। पुलिस को भी ये महसूस हुआ कि इस वक्त देवेंद्र-रंजन के बीच फासले जितनी तेजी से कम किए जा सकें उतना अच्छा।

आखिर में देवेंद्र वक्त रहते नोएडा पहुंच गए। रंजन को तुरंत ऑक्सीजन का सिलेंडर लगाया गया और उनका लेवल देखा जाने लगा। दोस्त के लाए ऑक्सीजन के लगते ही रंजन की हालत अब सुधरने लगी है।
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