51 फीट लंबा पानी के नीचे चलने वाला बोइंग का यह 'स्पेशल' जहाज अमरीकी समुद्री सेना को देगा नई ताकत
बोइंग का नाम जेहन में आते ही किसी एयरक्रॉफ्ट की इमेज दिमाग में घूमने लगती है। लेकिन एक सच यह भी है कि कम्पनी 1960 से पानी के नीचे चलने वाले जहाज (पनडुब्बियां) भी विकसित कर रही है। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए बोइंग ने नई पनडुब्बी (Echo Voyager) बनाई है।

यूयूवी यानी अनमैन्ड, अंडरसी व्हीकल है
यह एक यूयूवी यानी अनमैन्ड, अंडरसी व्हीकल है। इसकी डिजायनिंग कुछ इस तरह की गई है कि यह अपने आप चलती है।

दो मानवरहित पनडुब्बियों से मिलाकर बनाया गया है
ईको वॉयगर 51 फुट बड़ी पनडुब्बी है जिसे दो अन्य मानवरहित पनडुब्बियों (32 फुट की ईको सीकर और 18 फुट वाली ईको रेंजर) से मिलाकर बनाया गया है।

बनाने के पीछे यह है वजह
इस मानवरहित पनडुब्बी को इसलिए बनाया गया है ताकि यह पानी के नीचे वैज्ञानिक और आर्मी व अन्य कामों में प्रयोग में लाई जा सके।

खास सिस्टम लगा है
दो से तीन दिनों तक ही नहीं, इसमें लगा हाईब्रिड रिचार्जेबल पॉवर सिस्टम जरूरत पडऩे पर इसे महीनों तक चलने में मदद कर सकता है। इसका समुद्री ट्रायल इस साल के अंत तक शुरू किया जा सकता है। बोइंग मिलिट्री एयरक्राफ्ट में दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनी है।

संदेश भी भेजती है
इसके अतिरिक्त इस ऑटोनोमस पनडुब्बी को लाॅन्च करने और बाद में जानकारी पाने के लिए पुन: इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि यह संदेश भी भेजती है।

ज्यादा क्रू मेंबर्स की नहीं पड़ती है जरूरत
ईको वॉयगर के लिए ज्यादा बड़े क्रू मैम्बरों की जरूरत नहीं पड़ेगी जिससे पैसे की बचत भी होगी और इसे शिप से दूर रहकर भी कंट्रोल किया जा सकेगा। जरूरत के समय यह ऑटोनोमस व्हीकल पानी के ऊपर आकर जानकारी भी सैंड करेगा।

बिग अचीवमेंट
समुद्री सर्विलांसिग के सेक्टर में यह एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आई है।

इस थ्री डी इमेज को बाेइंग इकोरेंजर से लिया गया है।

उम्मीद
उम्मीद है कि आपको यह पनडुब्बी काफी प्रभावी लगी होगी। हमें उम्मीद जतानी चाहिए कि जल्द ही हमारी मेक इन इंडिया पनडुब्बी भी सामने आए जो इससे कहीं ज्यादा खास हो।



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