सांसद ने दिया विवादित बयान, कहा दुर्घटनाओं के लिए अच्छी सड़कें जिम्मेदार
असम के बीजेपी सांसद पल्लव लोचन दास ने तेजपुर में एक जन सम्मलेन के दौरान विवादित बयान देते हुए कहा है कि अच्छी सड़कें बनाने की जरूरत नहीं है क्योंकि अच्छी सड़कें दुर्घटना को दावत देती हैं।

सांसद पल्लव लोचन दास असम में खराब सड़कों पर मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सड़कें अगर अच्छी होंगी तो युवा तेज वाहन चलाएंगे जिससे दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है जबकि खराब सड़कें लोगों को गाड़ी धीरे चलाने के लिए बाधित करतीं हैं जिससे दुर्घटना होने के खतरे कम हो जाते हैं।

दास ने ये भी कहा कि असम सरकार समूचे राज्य में अच्छी सड़कों का निर्माण कर रही है लेकिन इससे दुर्घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो रही है।

भारत में ऐसी कई एक्सप्रेसवे और हाईवे हैं जिनमे 100 या उससे भी अधिक की गति से गाड़ियां चलती हैं। इसीलिए दुर्घटनाओं का कारण गति नहीं बल्कि सड़कों की संरचना है।

ट्रैफिक नियम के अनुसार सड़कों पर तेज गति से गाड़ी चलाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए जिससे दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है न की अच्छी सड़क पर इसका इल्जाम थोपना चाहिए।

अगर कोई व्यक्ति किसी सड़क पर पहली बार गाड़ी चला रहा है और वह उस सड़क की परिस्तिथि से अनजान है तो सड़क पर बना एक गड्ढा उस वाहन का संतुलन बिगाड़ सकता है और दुर्घटना हो सकती है।

पिछले साल मुंबई में एक महिला सड़क पर बने गड्ढे में फंस कर गिर गई और ट्रक के नीचे आने से गंभीर रूप से घायल हो गई जिसके कारन उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

असम में नए मोटर वाहन अधिनियम को जस के तस लागू किया गया था। तेज रफ्तार वाहनों पर भारी जुर्माना लगा कर और उन्हें यातायात नियमों के बारे में जानकारी देकर ही ऐसी दुर्घटनाओं से रोका जा सकता है। यह तरीका कई देशों में सफल साबित हो रहा है।

हालांकि, सड़कों की खराब स्थिति पर ऐसी बयानबाजी कर नेता अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहते हैं। कुछ महीने पहले कर्नाटक के डिप्टी सीएम गोविन्द करजोल ने भी एक ऐसा ही बयान दिया था जिसमे उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के लिए बढ़िया सड़कों को जिम्मेदार ठहराया था।

गोविन्द करजोल ने कहा था कि राज्य में हर वर्ष 10,000 से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं लेकिन इसके लिए खराब सड़कें नहीं अच्छी सड़कें जिम्मेदार हैं।

ड्राइवस्पार्क के विचार
भारत में खराब सड़कों के कारण सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं। रात में जब रौशनी कम होती है तब सड़कों पर गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं इस वजह से रात में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। भारत में सड़कों की बेहतरी के लिए अभी बहुत काम करना बाकि है।


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