Bird Strike On Aeroplanes: उड़ते विमान से पक्षियों के टकराने पर होता है ये हाल, कैसे करते हैं बचाव? जानें
आसमान में जब विमान उड़ता है तो कई बार हवा में उड़ रहे पक्षी उनसे टकरा जाते हैं और विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ती है। इन घटनाओं को बर्ड स्ट्राइक कहते हैं। बर्ड स्ट्राइक सुनने में तो साधारण लगता है, लेकिन इससे विमान के अंदर सफर कर रहे यात्रियों की जान पर आफत आ सकती है।

इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन की एक रिपोर्ट के अनुसार 91 देशों में प्रतिदिन के औसत से करीब 34 बर्ड स्ट्राइक की घटनाएं होती हैं। चैन की बात है कि 92 प्रतिशत घटनाओं में विमान और यात्रियों को कोई नुकसान नहीं होता।

आखिर विमान से कैसे टकराते हैं पक्षी?
पक्षियों के टकराने की घटनाएं अधिकतर विमान के टेकऑफ या लैंडिंग के समय होती हैं। जब विमान टेक ऑफ या लैंड कर रहा होता है तो एयरपोर्ट के आस-पास उड़ रहे पक्षियों के टकराने का खतरा सबसे अधिक होता है। ये पक्षी कम ऊंचाई पर उड़ रहे होते हैं इसलिए विमान की चपेट में आ जाते हैं। बर्ड स्ट्राइक की घटनाएं उन इलाकों में भी ज्यादा होती हैं जहां प्रवासी पक्षियों की तादाद अधिक होती है।

कितना होता है नुकसान?
दरअसल, पक्षियों के टकराने से समय विमान के इंजन में जाने का खतरा सबसे अधिक होता है। एक जेट एयरप्लेन के इंजन के अंदर एक छोटी सी चिड़िया भी बड़ा नुकसान कर सकती है। पंक्षी के इंजन के अंदर जाने से इंजन का टरबाइन खराब हो सकता है और उसमे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में विमान क्रैश भी हो सकता है।

हालांकि,मॉडर्न जेट विमानों को छोटे पंक्षियों से नुकसान कम होता है, लेकिन बड़े पंक्षी ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। अमेरिकी एयरलाइन्स के मुताबिक बर्ड स्ट्राइक से हर साल विमान कंपनियों को 7000 करोड़ रुपये का नुकसान होता है।

बर्ड स्ट्राइक के कारण हुई थी 35 लोगों की मौत
1988 में एक घटना हुई थी जिसमें कुछ कबूतर प्लेन के टेक ऑफ के समय दोनों दोनों इंजन से टकरा गए थे। इस वजह से प्लेन क्रैश हो गया था और 35 लोगों की मौत हो गई थी। अमेरिका में बर्ड स्ट्राइक की एक ऐतिहासिक घटना के बाद हुडसन नदी पर एयरबस के विशाल विमान का क्रैश लैंडिंग किया गया था। विमान में सफर कर रहे 100 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था।

बर्ड स्ट्राइक से ऐसे होती है सुरक्षा
पहली नजर में हवाई जहाज को बर्ड स्ट्राइक से बचाने का तरीका यह दीखता है कि प्लेन के इंजन पर जाली लगा दी जाए, जिससे पक्षी इंजन के अंदर नहीं जा सकेंगे। हालांकि, यह तरीका बिलकुल भी नहीं अपनाया जाता, बल्कि इससे इंजन को नुकसान पहुंचने का खतरा और भी बढ़ जाता है।

दरअसल, एक रिसर्च में यह पाया गया है कि अगर हवाई जहाज का रंग हल्का या सफेद हो तो पक्षी उससे दूर भागते हैं। यही नहीं, जापानी साइंटिस्ट्स ने यह भी पाया है कि अगर प्लेन के दोनों इंजन पर बड़ी आँख का चित्र बना दिया जाए तो इससे पक्षी डर कर दूर भाग जाते हैं। इसको परखने के लिए कुछ बोइंग विमानों के दोनों तरफ आँख की बड़ी कलाकृति बना दी गई और आश्चर्य से तक तकनीक दुर्घटनाओं को कम करने में काफी सफल हुई।

एयरपोर्ट के आस-पास हरी भरी घास का उगना भी पक्षियों को आकर्षित करता है। इसलिए एयरपोर्ट परिसर को कसी भी तरह के जल जमाव और कूड़े-कचरे से मुक्त रकह जाता है।


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