बिहार के युवा ने टाटा नैनो को बना दिया हेलीकॉप्टर, पायलट बनने का था सपना
बिहार भारत का एक पिछड़ा राज्य है। ऐसा कई सदियों से आप सुनते आ रहे होंगे। वाजिब भी है देश की मीडिया ने इस राज्य को लेकर यह खबरें चलाई है। वैसे भी आजकल जो मीडिया बताता है, वहीं तो सत्य माना जाता है।

बिहार की छवि हमेशा से गरीब, पिछड़ा, बांढ़ से पीड़ित और पलायनग्रस्त प्रदेश के रूप में ही गढ़ी गई है। बिहार को लेकर पूरे देश में ऐसी धारणा है जैसे वो राज्य नहीं एक जंगल हो, जहां आदिमानव रहते है।

इसमें दोष किसका है, यह एक बहस का विषय हो सकता है। लेकिन आज हम बिहार के इस कथाकथित छवि की बात नहीं करेंगे। हम बिहार की राजनीति की भा बात नहीं करेंगे। क्योंकि बिहार की यह खबर ऊपर लिखी सभी बातों को गलत साबित करती है। यह बिहार के उस नौजवान के बारे में है, जिसके सपने है।

ऐसे सपने जिसे गरीबी की वजह से भले ही पूरा नहीं कर पाया है। लेकिन मजबूत इच्छा शक्ति से उसने अपने सपने को सच करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। हम बात कर रहे हैं बिहार के छपरा गांव के एक व्यक्ति की, जिनका नाम मिथिलेश प्रसाद है।

मिथिलेश बचपन से पायलट बनने की इच्छा रखते थे। परंतु आर्थिक कारणों से वे अपने सपने को पूरा करने में सक्षम नहीं थे। लेकिन मिथिलेश ने पायलट बनने के अपने संघर्ष को जारी रखा और कुछ पैसे जोड़ कर टाटा नैनो कार खरीद ली।

मिथिलेश अपने इस सपने के बारे में कहते है कि उन्होंने कई दफा पायलट बनने के ख्वाब को पूरा करने का प्रयास किया है। लेकिन आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हो पाने की वजह से हमेशा बाधाएं सामने आती रही।

मिथिलेश प्रसाद ने इन सभी समस्याओं से हार नहीं मानी और जुगाड़ तकनीक को अपना कर टाटा नैनो को ही हेलीकॉप्टर बना दिया। कार को हेलीकॉप्टर बनाने के लिए उन्होंने गाड़ी के ऊपर पंखा लगवाया और आगे-पीछे के हिस्से को भी बदलवाया।

यहीं नहीं उन्होंने कार के अंदर का इंटीरियर भी चेंज कराया है। कार के अंदर उन्होंने ऐसे बटन लगवाए जैसे हेलीकॉप्टर में होते हैं। गाड़ी भी बटन दबाकर चालू होती है और अपने आप पंखे चलने लगते हैं। उनके इस चॉपर की दुनिया भर में तारीफ हो रही है।

मिथिलेश के इंजीनियर स्किल्स की खूब तारीफ हो रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर इनके इस अद्भुत संरचना का वीडियो भी वायरल है। मिथिलेश की इस सेमी हेलीकॉप्टर को देखने के लिए पूरे राज्य से लोग आ रहे है। हालांकि आपको यह भी बता दें कि मिथिलेश की यह कार हेलीकॉप्टर की रूपरेखा में तो आ गई पर उड़ नहीं सकती।

जिसके इंजीनियर स्किल्स की खूब तारीफ हो रही है। उनके जुगाड़ का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कार को उन्होंने दिखने में भले ही हेलीकॉप्टर जैसा बना लिया हो, लेकिन ये उड़ नहीं सकता।

हालांकि मिथिलेश प्रसाद पहले व्यक्ति नहीं है, जिन्होंने इस तरह का आविष्कार किया है। ऐसे कई मामले पहले भी देखने को मिले है। कुछ वक्त पहले ही पूर्वोत्तर चीन के झू यू नाम के किसान ने अपने हवाई जहाज उड़ाने के सपने को पूरा करने के लिए गेंहू के खेतों से जुड़े एक छोटे से टुकड़े पर टैक्सी से एयरबस A320 को बना डाला था। झू यू ने इस पूरे निर्माण के लिए 372 यूएसडी की रकम खर्च की थी।

वहीं एक और घटना पाकिस्तान के पॉपकॉर्न विक्रेता मोहम्द फैयाज की है। जिसका वायु सेना पायलट बनने का सपना पूरा नहीं हुआ था। इसे पूरा करने के लिए उसने फाइटर प्लेन का निर्माण किया था।

हालांकि बाद में पुलिस मोहम्द फैयाज को एक अनधिकृत टेक-ऑफ करने से रोक दिया था और विमान जब्त कर लिया था। मोहम्द फैयाज ने प्लेन बनाने के लिए अपनी जमीन का एक टुकड़ा और अपनी कुछ बचतें बेचकर बैंक के कर्ज के साथ कुल 90,000 यूएसडी खर्च किए था।
Image Source: Ruptly


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