बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इलेक्ट्रिक कार से पहुंचे विधानसभा, पेश किया उदाहरण
देश में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है इसके लिए देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रचलन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकार के कई मंत्रालय के अधिकारी इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग भी कर रहे है।

दिल्ली में मंत्रालयों के परिसर में चार्जिंग पॉइंट भी लगाए गए है ताकि इनके उपयोग में सुगमता बनी रहे। लेकिन अब तक किसी भी बड़े नेता को इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग नहीं करते देखा गया है, पर हाल ही में बिहार से यह नजारा देखने को मिला है।

हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य विधानसभा में इलेक्ट्रिक कार से पहुंचे। वर्तमान में आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक कार का ही उपयोग कर रहे है। यह प्रदेश व अन्य प्रदेशों के बड़े ओहदों पर बैठे लोगों के लिए एक उदाहरण स्वरूप था।

इस अवसर पर परिवहन विभाग के सचिव ने कहा की "मुख्यमंत्री इलेक्ट्रिक कार का उपयोग कर यह संदेश देना चाहते है कि राज्य में प्रदूषण बढ़ रहा है तथा हम उसके खिलाफ है। यह अन्य लोगों को इलेक्ट्रिक कार उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।"

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य में लोकल जगहों पर जाने के लिए वह इसी इलेक्ट्रिक कार का उपयोग करेंगे। यह एक बिना आवाज व बिना प्रदूषण वाली कार है जो प्रदेश के प्रदूषण स्तर को कम करने में मदद करेगा।

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राज्य में इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इलेक्ट्रिक वाहनों पर 50% सब्सिडी प्रदान करने वाले है। इसके साथ वहां की सरकारराज्य में इलेक्ट्रिक चार्जिंग पॉइंट भी बनाने वाली है ताकि इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के बाद ग्राहकों को किसी परेशानिन का सामना ना करना पड़े।

उन्होंने आगे बताया कि इस तरह की इलेक्ट्रिक कारें चार घंटे की चार्जिंग के बाद 140 किलोमीटर का सफर तय कर सकती है। इनके साथ सरकार डीसी चार्जर भी उपलब्ध कराएगा, जिनकी मदद से कार को सिर्फ 45 मिनट में चार्ज किया जा सकता है।

इस तरह की इलेक्ट्रिक कार सिर्फ 80 पैसे/किलोमीटर की खर्च में चलती है जो कि पेट्रोल या अन्य ईंधन विकल्प के मुकाबले बहुत ही कम है। इलेक्ट्रिक वाहनो के उपयोग से कम प्रदूषण के साथ खर्च भी कम होता है।

हाल ही में पेश किये गए बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर कई तरह की छूट का एलान किया गया है। इससे पहले ही सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर रजिस्ट्रेशन चार्ज सहित कई छूट देने की बात कह चुकी है , जल्द ही इस पर जीएसटी को भी कम किया जा सकता है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
देश में बढ़ते प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग करना अब धीरे धीरे अनिवार्यता बनती जा रही है। इस तरह से प्रदेश के मुखिया सहित बड़े अधियकारी इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग कर एक मिसाल कायम कर सकते है।


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