Corona मरीजों की मदद के लिए इस व्यक्ति ने ऑटो को बनाया एम्बुलेंस, Oxygen Cylinder भी है मौजूद
कोरोना वायरस की दूसरी लहर बेहद खौफनाक रूप में वापस आई है, जिसने पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है। पिछले कुछ दिनों से प्रतिदिन कोरोना संक्रमण का आंकड़ा 3.50 लाख से ज्यादा ही रहा है। इस बार कोरोना एक नया लक्षण सामने आया है, जिसमें लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।

जिसके चलते पूरे देश में ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए हाहाकार मचा हुआ है। लोग अपने मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर दिलाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो इन हताश लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं और अपने कौशल व तकनीकी क्षमता से लोगों की मदद कर रहे हैं।

कुछ ऐसा ही भोपाल के एक ऑटो चालक जावेद खान ने भी किया है, जिन्होंने अपने तकनीकी कौशल का इस्तेमाल करके जीवन रक्षक यूनिट बनाने का काम किया है। 34 वर्षीय जावेद खान ने अपने ऑटो को मोबाइल एम्बुलेंस में तब्दील कर दिया है, जिसमें एक ऑक्सीजन यूनिट को भी लगाया है।

जावेद ने अपनी और अपनी पत्नी की बचत से इस इनोवेशन को अंजाम दिया है और लोगों को मुफ्त में सेवा दे रहे हैं। एक प्रमुख मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन दिनों में जावेद की ऑटो एम्बुलेंस ने भोपाल शहर में 8-10 लोगों की मदद की है।

जब उनके शहर में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे, तो जावेद को एहसास हुआ कि उन्हें मदद के लिए कुछ करना होगा। जिसके बाद उन्होंने अपने परिवार की सलाह ली और अपने ऑटो-रिक्शा को मोबाइल एम्बुलेंस में बदल दिया।

अब उनकी छोटी मोबाइल एम्बुलेंस में ऑक्सीजन, सैनिटाइटर्स और दवाओं के साथ अन्य जरूरी चीजें मौजूद हैं। इस बारे में जावेद ने कहा कि "मैं पिछले 18 साल से ऑटो चला रहा हूं। वैसे तो मेरे परिवार में कोई भी संक्रमित नहीं हुआ है।"
आगे उन्होंने कहा कि "लेकिन मैं कोरोना वायरस से लगातार बढ़ती मौतों से बहुत आहत हो गया था और मैं अपने पास मौजूद संसाधनों की मदद से इसके बारे में कुछ करना चाहता था। मैंने अपने सैनिटाइजर्स, कुछ दवाएं और एक ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया है।"

उन्होंने बताया कि "पिछले तीन दिनों में मैंने 10 लोगों की मदद की है, जिन्हें अस्पताल पहुंचने की सख्त जरूरत थी।" जावेद ऑक्सीजन सिलेंडर भरवा कर हर दिन लगभग 600 रुपये खर्च करते है, लेकिन यह भी मानते हैं कि ऑक्सीजन की मांग ज्यादा होने के चलते यह काम बोझिल हो गया है।

उन्होंने कहा कि "मुझे सिलेंडर रिफिल करवाने के लिए 4-5 घंटे इंतजार करना पड़ता है।" उन्होंने ऑटो में अन्य यात्रियों को सेवा देना पूरी तरह से रोक दिया है और सिर्फ बीमार रोगियों की मदद करने के लिए अपना समय समर्पित कर रहे हैं।


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