भोपाल: सोसाइटी में महिंद्रा थार का खौफनाक तांडव, पार्किंग में 10 से ज्यादा गाड़ियां रौंदीं
भोपाल के मिसरोद स्थित 'फॉर्च्यून सौम्या हेरिटेज' सोसाइटी से एक खौफनाक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। यहां 9 सितंबर को एक काले रंग की महिंद्रा थार ने पार्किंग में खड़ी 10 से ज्यादा गाड़ियों को बुरी तरह रौंद दिया। तांडव मचाने के बाद यह एसयूवी सोसाइटी का गेट तोड़कर मौके से फरार हो गई। घटना के दौरान लोग जान बचाने के लिए भागते दिखे, हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई घायल नहीं हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही क्लिप और उसमें दिख रहे रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर पुलिस ने गाड़ी की तलाश शुरू कर दी है।
सुबह से ही स्थानीय मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह वीडियो छाया रहा। एनडीटीवी (NDTV) ने सुबह 10:25 बजे सोसाइटी के नाम के साथ इस खबर को प्रमुखता से चलाया। वहीं, इंडिया टुडे (India Today) ने सुबह 11:25 बजे खबर को अपडेट करते हुए बताया कि ड्राइवर गाड़ी लेकर भाग निकला, लेकिन स्थानीय लोग बाल-बाल बच गए। वायरल फुटेज में संकरी गलियां, क्षतिग्रस्त हैचबैक व सेडान कारें और टूटा हुआ एग्जिट बैरियर साफ नजर आ रहा है, जो तेज रफ्तार एसयूवी के कहर की खौफनाक तस्वीर बयां करता है।

भोपाल थार हादसा: पुलिस की कार्रवाई और अब तक का घटनाक्रम
मिसरोद थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए एसयूवी की नंबर प्लेट और उसके रूट का पता लगा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो रिकॉर्डिंग और रजिस्ट्रेशन डिटेल्स की मदद से गाड़ी की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। एसयूवी मिलते ही उसे जब्त कर लिया जाएगा, जबकि ड्राइवर के नशे में होने की जांच (सोब्रायटी टेस्ट) उसे हिरासत में लेने के बाद ही की जाएगी। दोपहर तक पुलिस की तरफ से किसी गिरफ्तारी या मेडिकल टेस्ट को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।
लापरवाह ड्राइविंग और महिंद्रा थार: जानें जुर्माना, सजा और इंश्योरेंस के नियम
मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा 184 के तहत खतरनाक ड्राइविंग करने पर पहली बार में ₹5,000 तक और दोबारा अपराध करने पर ₹10,000 का जुर्माना व जेल की सजा हो सकती है। इसके अलावा, गाड़ियों में अनधिकृत क्रैश गार्ड या अन्य आफ्टर-मार्केट बदलावों पर पूरी तरह प्रतिबंध है और इन्हें लेकर सख्त नियम लागू हैं। गाड़ियों में इस तरह के मॉडिफिकेशन कराने से इंश्योरेंस क्लेम मिलने में भी परेशानी आ सकती है, क्योंकि अदालतें बीमा पॉलिसी के नियमों के पालन को लेकर काफी सख्ती बरतती हैं।
सुरक्षा सलाह: भोपाल सीसीटीवी फुटेज और सबूतों को जिम्मेदारी से कैसे करें रिपोर्ट
ऐसी किसी भी घटना का वीडियो मिलने पर तुरंत 112 पर कॉल करें और ओरिजिनल फुटेज सीधे भोपाल पुलिस या मिसरोद थाने के साथ शेयर करें। प्राइवेसी बनाए रखने और सबूतों की प्रामाणिकता सुरक्षित रखने के लिए किसी भी वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले उसमें दिख रहे चेहरों और नंबर प्लेट को ब्लर (धुंधला) जरूर कर दें। पुलिस कमिश्नरेट ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि की जानकारी तुरंत आधिकारिक हैंडल्स पर दें, ताकि बिना किसी अप्रमाणित अफवाह के जांच एजेंसियां तेजी से कार्रवाई कर सकें।


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