34 हजार किमी सड़कों का जाल बिछाएगी सरकार, भारतमाला प्रोजेक्ट बनेगा आधार
भारत की केन्द्र सरकार एक बार फिर से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत देश में सड़कों का जाल बिछाने जा रही है। आइए भारतमाला प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानते हैं।
भारत की वर्तमान केन्द्र सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की तर्ज पर देश में 34,000 किमी सड़कों का जाल बिछाने जा रही है। खबरों के मुताबिक भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत भारत सरकार ने 7 फेज में 34,800 किलोमीटर सड़कें बनाने का फैसला लिया है।

बता दें कि इस योजना के तहत नेशनल हाईवे, बॉर्डर्स, कोस्टल एरिया को जोड़ा जाएगा। ईस्टर्न और वेस्टर्न बॉर्डर्स पर 3,300 किमी रोड बनाई जाएंगी। लुधियाना-अजमेर और मुंबई-कोचीन के बीच नया नेशनल हाईवे बनाया जाएगा।

माना जा रहा है कि लुधियाना-अजमेर के प्रपोज्ड हाईवे में दूरी 721 किमी तो हो जाएगी, लेकिन दोनों शहरों के बीच ट्रैवल टाइम घटकर 9 घंटे 15 मिनट हो जाएगा। मौजूदा 627 किमी लंबे हाईवे में अभी 10 घंटे लगते हैं। इसी तरह, प्रपोज्ड मुंबई-कोचीन हाईवे में दूरी 200 किमी बढ़ जाएगी, वक्त करीब 5 घंटे कम हो जाएगा।

क्या है यह परियोजना
केन्द्र सरकार की ओर से लाई गई भारतमाला नेशनल हाईवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट हैं। इसके तहत नए हाईवे के अलावा उन प्रोजेक्ट्स को भी पूरा किया जाएगा तो अब तक अधूरे हैं। इसमें बॉर्डर और इंटरनेशनल कनेक्टिविटी वाले डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को शामिल किया गया है।

यही नहीं इस परियोजना में पोर्ट्स और रोड, नेशनल कॉरिडोर्स को ज्यादा बेहतर बनाना और नेशनल कॉरिडोर्स को डेपलप करना भी इस प्रोजेक्ट में शामिल है। इसके अलावा बैकवर्ड एरिया, रिलीजियस और टूरिस्ट साइट्स को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट केतहत चार धाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री की कनेक्टिविटी बेहतर की जाएगी।

दूरी की बात जाए तो इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत 9000 किमी, इंटर कॉरिडोर/फीडर रूट के तहत 6000 किमी, नेशनल कॉरिडोर एफिशिएंसी इम्प्रूवमेंट के तहत 5000 किमी, बॉर्डर रोड/इंटरनेशनल कनेक्टिविटी में 2000 किमी, कोस्टल रोड/पोर्ट कनेक्टिविटी में 2000 किमी, ग्रीन फील्ड एक्स्प्रेसवे के तहत 800 और बैलेंस NHDP वर्क्स के तहत 10,000 किमी सड़क बनाई जाएगी।

इतने बड़े प्रोजेक्ट के अनुमानित खर्चे की बात की जाए तो 5.35 हजार करोड़ रुपए खर्च आएगा। इस भारतमाला परियोजना को कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दी। योजना के मुताबिक भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए 2.09 लाख करोड़ रुपए मार्केट, 1.06 लाख करोड़ प्राइवेट इन्वेस्टमेंट और 2.19 लाख करोड़ CRF/TOT/टोल के जरिए आएगा।

कहा जा रहा है कि मौजूदा लुधियाना-अजमेर नेशनल हाईवे के बीच की दूरी 627 किमी है। इसके लिए अभी 10 घंटे का वक्त लगता है। भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले हाईवे में दूरी 100 किमी बढ़कर 721 किमी हो जाएगी, लेकिन करीब 45 मिनट की बचत होगी। नए रूट में करीब 9 घंटे 15 मिनट लगेंगे।

जबकि दूसरी ओर मौजूदा मुंबई-कोचीन नेशनल हाईवे के बीच की दूरी 1346 किमी है। अभी इस सफर में 29 घंटे का वक्त लगता है। भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले नए रूट के तहत दूरी बढ़कर 1537 किमी हो जाएगी, लेकिन वक्त 5 घंटे कम हो जाएगा। इस सफर को पूरा करने में करीब 24 घंटे का वक्त लगेगा।

यही नही ईस्टर्न और वेस्टर्न बॉर्डर्स पर भी 3300 किमी रोड बनाई जाएंगी। पहले फेज में 1000 किमी प्रस्तावित है। टूरिज्म और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए 2100 किमी की कोस्टल रोड्स बनाई जाएंगी। पोर्ट कनेक्टिविटी के लिए 2000 किमी की रोड बनाए जाएंंगी। इसे पहले फेज में बनाया जाएगा।

देश में हाइवे की संख्या
देश में फैले हाइवेज के जाल की बात करें तो इस वक्त 82 हैं। इसमें 34 हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया जाना है। पहले फेज में 9 हाईवे के 680.64 किमी को चुना गया है। इस पर 6,258 करोड़ का खर्च आएगा। बाकी सारी बाते धीरे-धीरे करके सामने आती जाएंगी।

DriveSpark की राय
भारतमाला परियोजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। अगर यह वास्तव में साकार हो जाती है तो देश की सुरत बदल जाएगी। हालांकि सरकारों की कहनी और कथनी में भी काफी फर्क है। ऐसे में योजना पर कार्य स्टार्ट हो जाए तब मानिए।


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