Bharat Petroleum अक्टूबर तक लगाएगी 1,000 EV चार्जिंग स्टेशन, जानें क्या है कंपनी की योजना
सितंबर 2021 में, भारत सरकार के स्वामित्व वाली तेल और गैस निगम कंपनी Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) ने अगले पांच सालों में चरणबद्ध तरीके से पूरे भारत में लगभग 7,000 एनर्जी स्टेशनों पर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग सुविधाएं स्थापित करने की अपनी योजना की घोषणा की है।

इस लक्ष्य को पूरा करते हुए Bharat Petroleum ने घोषणा की कि पहली 1,000 सुविधाएं अक्टूबर 2022 तक तैयार हो जाएंगी। माना जा रहा है कि यह कदम Bharat Petroleum Corporation Limited को एक नया व्यावसायिक अवसर प्रदान करेगा।

इसके साथ ही यह एक मजबूत इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग बुनियादी ढांचे के निर्माण के दौरान ऑटो ईंधन के विस्थापन के जोखिम के खिलाफ बचाव करेगा। इससे पहले Bharat Petroleum Corporation Limited के चेयरमैन अरुण कुमार सिंह ने जानकारी दी थी।

उन्होंने कहा था कि "कंपनी पेट्रोल, डीजल, फ्लेक्सी ईंधन, ईवी चार्जिंग सुविधा सीएनजी और अंततः हाइड्रोजन जैसे कई ईंधन विकल्प प्रदान करके लगभग 7,000 पारंपरिक रिटेल आउटलेट्स को 'एनर्जी स्टेशनों' में परिवर्तित करने पर काम कर रही है।"

उन्होंने कहा कि "ऐसा करके कंपनी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का समर्थन करने के लिए ईंधन स्टेशनों के अपने राष्ट्रव्यापी नेटवर्क का लाभ उठाएगी।" मौजूदा समय में Bharat Petroleum का एक वितरण नेटवर्क है, जिसमें देश भर में 19,000+ रिटेल आउटलेट शामिल हैं।

जानकारी सामने आ रही है कि अगले कुछ वर्षों में Bharat Petroleum का लक्ष्य आगे बढ़ते हुए EV उद्योग को समर्थन देने के लिए 7,000 स्टेशनों की संख्या तक पहुंचना है और कंपनी का कहना है कि इन स्टेशनों को 'एनर्जी स्टेशनों' के तौर पर जाना जाएगा।

मौजूदा समय Bharat Petroleum Corporation Limited केवल 44 EV चार्जिंग स्टेशन संचालित कर रही है। Bharat Petroleum ने अगले पांच सालों में बड़े पैमाने पर अकार्बनिक मार्ग के माध्यम से 1,000 मेगावाट के अपने अक्षय ऊर्जा पोर्टफोलियो के निर्माण के लिए 5,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है।

जहां एक ओर Bharat Petroleum मौजूदा समय में 45 मेगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता का संचालन कर रही है, वहीं दूसरी ओर कंपनी जैव ईंधन में 7,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की भी योजना बना रही है। जिससे आगे आने वाले समय में वैकल्पिक ईंधन पर निर्भरता बढ़ाई जा सके।

भारत अपनी ऊर्जा मांगों को पूरा करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करने पर नए सिरे से और विस्तारित योजनाओं पर काम कर रहा है। भारत वर्तमान में चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद दुनिया में कार्बन डाइऑक्साइड का तीसरा सबसे बड़ा उत्सर्जक है, जो दुनिया के कुल CO2 उत्पादन का लगभग सात प्रतिशत है।

सरकार की ओर से अक्षय ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा पर केन्द्रीकरण के साथ, भारत पेट्रोलियम ईवी चार्जिंग नेटवर्क को तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी के वर्तमान में देश भर में 19,000 से अधिक फ्यूल पंप हैं।

कंपनी ने अभी किसी भी विवरण का खुलासा नहीं किया है कि वह अपने नए 'एनर्जी स्टेशनों' में किस प्रकार के ईवी चार्जर स्थापित करेगी। हालांकि, उम्मीद है कि कंपनी अपने स्टेशनों पर एसी और डीसी दोनों फास्ट चार्जिंग सक्षम चार्जर पेश करेगी।


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