Bengaluru Tunnel Project: बेंगलुरु में अब नहीं मिलेगा आपको ट्रैफिक जाम! मेन रोड के नीचे बन रहा 18km लंबा सुरंग
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु एक प्रमुख आईटी हब है और इसी वजह से यहां दिन पर दिन रहने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। लेकिन यहां की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक की हैं। यहां की लंबे ट्रैफिक जाम से हर कोई परेशान हैं। ऐसे में राज्य सरकार का पूरा फोकस इस समस्या को दूर करना हैं। इसके लिए लगातार काम हो रहा हैं।
अभी हाल ही में जहां बेंगलुरु का पहला डबल-डेकर फ्लाईओवर बनकर तैयार हुआ हैं तो वहीं अब राज्य सरकार शहर में सुरंग (Tunnel) बनाने जा रही हैं। इस खबर को शहर में जाम की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी के तौर पर देखा जा रहा है।

हाल ही में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सरकार की हुई कैबिनेट बैठक में 12,690 करोड़ रुपये की लागत से टनल (Bengaluru Tunnel Project) के निर्माण प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई। बता दें कि यह उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
बेंगलुरु टनल प्रोजेक्ट: इस प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में लगभग 18 किमी लंबी सुरंग का निर्माण बनाया जायेगा। यह हेब्बल फ्लाईओवर (एस्टीम मॉल) से सेंट्रल सिल्क बोर्ड जंक्शन तक बनाई जाएगी। यह ट्विन-ट्यूब टनल होगी और इसमें पांच प्रवेश और निकास द्वार होंगे।

बेंगलुरु में ट्रैफिक कम करने के प्रयास: वर्तमान में हेब्बल से सिल्क बोर्ड जंक्शन तक यात्रा करने में 1 घंटे से अधिक समय लगता है। टनल रोड बनने के बाद यह समय घटकर 20 से 25 मिनट रह जाएगा।
शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इस सुरंग की ऊंचाई 10 मीटर होगी और इसे वाहनों को अधिकतम 40-60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से यात्रा करने की अनुमति देने के लिए बनाया जा सकता है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कानून और संसदीय कार्य मंत्री एचके पाटिल ने कहा, "बैंगलोर में ट्रैफिक कम करने के लिए टनल रोड का निर्माण एक अच्छा प्रोजेक्ट है। इस टनल प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है और जल्द ही इसके लिए टेंडर जारी कर दिया जाएगा।"
यात्रियों को मिलेगी राहत: इसके अलावा, हेब्बल फ्लाईओवर (एस्टीम मॉल) से सिल्क बोर्ड जंक्शन तक सुरंग सड़क के निर्माण से यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी। जहां इससे ट्रैफिक जाम की परेशानी दूर होगी तो वहीं कई लोग अलग तरह की सोच रखते हैंं।
कई लोगों का मानना है कि अगर ये सारी बातें एक तरफा रहीं तो इस सड़क के निर्माण में काफी पैसा खर्च करना पड़ेगा और अगर उसी लागत में मेट्रो लाइन बन जाएं तो बड़ी संख्या में लोग सफर कर सकेंगे।
बैंगलोर शहर में ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या बनी हुई है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा प्रस्तावित टनल रोड परियोजना इसका समाधान हो सकती है. यह परियोजना यातायात समय को कम करेगी और शहरवासियों को राहत प्रदान करेगी.
पर्यटन को बढ़ावा देने वाले प्रोजेक्ट्स: कैबिनेट बैठक में पर्यटकों को बेंगलुरु का मनोरम दृश्य दिखाने के लिए 250 मीटर ऊंचे ऑब्जर्वेशन टावर (स्काई डेक) के निर्माण को भी मंजूरी दी गई।
अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट की लागत 500 करोड़ रुपये हो सकती है। इससे बेंगलुरु को एक बेहतरीन पर्यटन स्थल बनाने में मदद मिलेगी। सरकार ने स्काई डेक के निर्माण के लिए किसी स्थल की पहचान नहीं की गई है।
हालांकि, दो-तीन संभावित स्थलों को सूचीबद्ध किया गया है, जिनमें से ज्यादातर नाइस रोड के पास हैं। कैबिनेट ने 20 करोड़ रुपये की लागत से बीबीएमपी के तहत 52 नई इंदिरा कैंटीन शुरू करने पर भी सहमति जताई है।


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