Bengaluru Traffic Solution: बेंगलुरुवासियों को मिलेगी ट्रैफिक से राहत, 17 जगहों पर बनेगा सिग्नल-फ्री कॉरिडोर
बेंगलुरु, भारत का एक प्रमुख आईटी हब होने के साथ-साथ तेजी से बढ़ता हुआ शहर भी है। लेकिन यहां रह रहे लोगों की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक है, जी हां बेंगलुरुवासियों के लिए ट्रैफिक की समस्या एक बड़ी चुनौती बन गई है। यहां की ट्रैफिक आए दिन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहता हैं, यहां तक की इसके मीम्स भी वायरल होते हैं।
हालांकि, कर्नाटक सरकार और बेंगलुरु प्रशासन लगातार शहर की ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए काम कर रहे हैं। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत शहर के 17 जगहों पर लगभग 100 किलोमीटर लंबे सिग्नल-फ्री कॉरिडोर बनाया जायेगा। आइये इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने इसके बारे में घोषणा करते हुए कहा है कि बेंगलुरु में 100 किलोमीटर तक के क्षेत्र को सिग्रल-फ्री कॉरिडोर बनाया जायेगा। इसके लिए पूरे शहर में 17 ऐसी जगहों का चुनाव भी किया जा चुका है, जहां सिग्रल-फ्री कॉरिडोर (Elevated Corridor) बनेगा।
उन्होंने आगे कहा कि इस परियोजना को राजाजीनगर-के.आर. सर्किल सिग्नल-मुक्त गलियारे के सफल मॉडल पर तैयार किए जाने की योजना बनाई गई है। बता दें कि इस परियोजना को पूरा करने में 12,000 करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है।

रिपोर्ट्स की मानें तो इस परियोजना के तहत उन 17 जगहों पर सिग्रल-फ्री कॉरिडोर बनाया जायेगा, जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक की समस्या होती है और आने वाले वक्त में इसके और बढ़ने की संभावना है।
नतीजा ये होता है कि यहां इस ट्रैफिक की वजह से गाड़ियों की गति 15 किलोमीटर प्रति घंटे से 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक कम हो जाती है। इससे ना सिर्फ लोगों को देरी होती है बल्कि भारी मात्रा में ईंधन की भी बर्बादी होती है, जिससे प्रदुषण भी बढ़ जाता है।

बता दें कि अभी हाल ही में बेंगलुरु के पहले डबल-डेकर फ्लाईओवर का उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने उद्घाटन किया था, जिसके बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया।
बेंगलुरु का पहला डबल-डेकर फ्लाईओवर रागीगुड्डा से सेंट्रल सिल्क बोर्ड तक फैला हुआ है और उम्मीद है कि इससे इस इलाके में भारी ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी।


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