Corona Curfew तोड़ने वालों के 2,200 वाहन Bengaluru Police ने किए सीज, दिलाई बाहर न निकलने की शपथ
Covid-19 महामारी की दूसरी लहर पूरे भारत में कहर बरपा रही है। जहां एक म्यूटेंट वायरस के कॉकटेल के साथ दूसरी लहर रोजाना लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है, वहीं केंद्र सरकार ने देशव्यापी Lockdown न करने का फैसला किया है क्योंकि लॉकडाउन देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है।

बहरहाल राज्य सरकारें Coronavirus के प्रसार को रोकने के लिए अपने-अपने राज्यों में Corona Curfew लगा रही हैं। इसी क्रम में कर्नाटक सरकार ने भी राज्यव्यापी बंदी की घोषणा कर रखी है। जिसके चलते पुलिस लॉकडाउन नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।

कर्नाटक सरकार ने आज से शुरू होने वाले पूर्ण लॉकडाउन के चलते पूरे राज्य में कर्फ्यू लगा दिया है, जिसमें नागरिकों को इधर-उधर जाने की अनुमति नहीं दी गई है, हालांकि लोग घरों से निकल सकते हैं, बशर्ते उनके पास इसके लिए कोई वैध कारण और अधिकारियों की अनुमति होनी चाहिए।
राज्य के पूर्ण रूप से लॉकडाउन लगाने से पहले हजारों लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने, अपने गृह राज्य जाने और आवश्यक सामान खरीदने के लिए निकले थे। जिसके चलते बेंगलुरु सिटी पुलिस ने लॉकडाउन नियमों को सख्ती से लागू किया है।

यहां तक कि उन्होंने मोटर चालकों को फिर से नियम न तोड़ने का संकल्प दिलाया है। बेंगलुरु पुलिस ने Corona Curfew आदेशों के उल्लंघन के लिए बीते को 2,277 से ज्यादा वाहनों को जब्त किया है। कई प्रवासियों ने 2020 की घटना को दोहराने की आशंका जताई है।
बता दें कि साल 2020 में जब केवल चार घंटे के नोटिस के साथ एक राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की गई थी और हजारों लोग महीनों तक अपने घरों से दूर फंसे रहे थे। बीते रविवार के कुछ वीडियो सामने आए हैं, जो दिखाते हैं कि पुलिस ने किसी को भी रोक लिया, जो लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन कर रहा था।

इसके बाद उन्हें सामाजिक दूरी के नियमों के साथ एक अपराधी की तरह सड़क के बीच में बैठा दिया। इसके बाद पुलिस ने सभी को शपथ दिलाई, जिसके लिए पुलिस ने लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया। पुलिस ने कर्फ्यू के दौरान सड़क पर निकलने वाले लोगों के सभी वाहन भी जब्त कर लिए गए।
हालांकि इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है कि क्या पुलिस ने मौके पर एक भी चालान जारी किया है या नहीं, अगर किया है तो जब्त की गई सभी वाहनों को कुछ हफ्तों के बाद कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कम होने के बाद वापस कर दिया जाएगा।

आपको बता दें कि पिछले साल इसी तरह की स्थिति के दौरान पुलिस ने हजारों वाहनों को जब्त कर लिया और फिर वाहनों के दस्तावेजों को सत्यापित करने के बाद उन्हें वापस कर दिया। हालांकि बीते साल लागू नियम के अनुसार नागरिकों को आपात स्थिति में सुबह 6 बजे से 10 बजे के बीच बाहर निकलने की अनुमति थी।


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