बेंगलुरु-मैसुरु इकोनोमिक काॅरिडोर: 90 मिनट में पूरा होगा 3 घंटे का सफर, अक्टूबर में होगा उद्घाटन
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि महत्वाकांक्षी बेंगलुरु-मैसुरु इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजना को अक्टूबर 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा। दोनों शहरों को जोड़ने वाला 10-लेन राजमार्ग तीन घंटे के यात्रा समय को घटाकर सिर्फ 90 मिनट कर देगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 117 किलोमीटर लंबे राजमार्ग को दो पैकेजों में विभाजित किया गया है, जिसके लिए निर्माण क्रमशः मई और दिसंबर 2019 में शुरू हुआ था।

दोनों शहरों के बीच सड़क परियोजना को भारतमाला परियोजना चरण- 1 के तहत क्रियान्वित किया जा रहा है। इस परियोजना के पहले पैकेज में बेंगलुरु से निदगट्टा तक 56 किमी हाईवे का निर्माण किया जा रहा है, जबकि दूसरा पैकेज में निदगट्टा से मैसूरु हाईवे बनाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2021 के अंत तक, पहले पैकेज का लगभग 67.5% और दूसरे पैकेज का लगभग 50% पूरा हो चुका है।

बेंगलुरु-मैसुरु इकोनॉमिक कॉरिडोर में बिदादी, रामनगर, चन्नापटना, मद्दुर, मांड्या और श्रीरंगपटना सहित दोनों शहरों के बीच में आने वाले क्षेत्रों के लिए बाईपास सड़कें भी शामिल हैं। 10-लेन की परियोजना में यातायात के लिए छह-लेन का एक्सेस-नियंत्रित कैरिजवे और दोनों तरफ टू-लेन सर्विस रोड शामिल है, जिसका उपयोग स्थानीय यातायात के लिए किया जा सकता है।

तीन घंटे का सफर डेढ़ घंटे में होगा तय
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक ट्विटर पोस्ट में लिखा है कि हाईवे पर काम तेजी से चल रहा है। इस हाईवे को बनाने में 8,172 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं। अभी लोगों को इन दोनों शहरों के बीच यात्रा करने में 180 मिनट लगते हैं। यह घटकर आधा, यानी महज 90 मिनट हो जाएगा।

क्या है भारतमाला परियोजना
देश में अर्थव्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए भारतमाला परियोजना को शुरू किया गया है। भारतमाला प्रोजेक्ट भारत सरकार के सड़क परिवहन का एक मेगा प्लान है. भारत सरकार ने इस परियोजना के तहत 7 फेज में 34,800 किलोमीटर सड़क बनाने का फैसला लिया है। इसके तहत नए राजमार्ग के अलावा उन परियोजनाओं को भी पूरा किया जाएगा तो अब तक अधूरे हैं।

बंदरगाहों और सड़क, राष्ट्रीय गलियारों (नेशनल कॉरिडोर्स) को ज्यादा बेहतर बनाना और राष्ट्रीय गलियारों को विकसित करना भी इस परियोजना में शामिल है। इसके अलावा पिछडे इलाकों, धार्मिक और पर्यटक स्थल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए जाएंगे। चार धाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के बीच संयोजकता बेहतर की जाएगी।

सड़कों के विस्तार एवं विकास के लिए बने, 10 लाख करोड़ रुपये के भारतमाला परियोजना, में कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजनाएं शामिल हैं, जिसें 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा शुरू किया गया था। भारतमाला परियोजना के लिए सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय की ओर से तैयार किए गए एक मसौदे को पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 24 अक्टूबर 2017 को मंजूरी दे दी थी। इस परियोजना के पहले चरण को साल 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य है।


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