Bengaluru-Mysore हाईवे पर खत्म होंगे टोल-बूथ, FASTag भी नहीं करेगा काम, अब इस तरह वसूला जाएगा Toll Tax

अगर आप बेंगलुरु-मैसूर हाईवे पर यात्रा करते हैं, तो ये खबर काम की है। दरअसल NHAI बैंगलोर-मैसूर एक्सप्रेसवे पर GNSS (ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम) को लागू करने की योजना बना रही है। इसका अर्थ है, कि इस हाईवे पर अब टोल की वसूली फास्टैग या टोल बूथों के माध्यम से नहीं की जाएगी। NHAI इसके लिए नया सेटेलाइट बेस्ड सिस्टम लाने जा रही है।

'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, NHAI पायलट प्रोजेक्ट के तहत बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे पर नया GNSS सिस्टम लागू करने जा रही है। इसके तहत एक बार जब गाड़ी एक्सपेस वे पर एंट्री करती है, तो जीपीएस उसे ट्रैक करता है।

Bangalore-Mysore Expressway

इसके बाद उस गाड़ी द्वारा तय की कुल डिस्टेंस के आधार ऑनलाइन टोल की वसूली की जाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के लिए फिलहाल देश के दो हाईवे को चुना गया है। इसका ट्रायल अगस्त में शुरू किया जा सकता है।

कैसे काम करेगा GNSS सिस्टम: बहुत सारे के लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या GNSS हाईवे सिस्टम कैसे काम करेगा? दरअसल इस सिस्टम के तहत हाईवे पर जियो-फेंसिंग की जाएगी। GNSS सिस्टम पूरी तरह से सैटेलाइट पर आधारित टेक्नोलॉजी है।

Bangalore-Mysore Expressway

इसके तहत एक बार जब कोई वाहन हाईवे पर प्रवेश करता है, तो सॉफ्टवेयर वाहन में लगे जीपीएस डिवाइस के माध्यम से उसके लोकेशन का पता लगाती है। इसके बाद वाहन के हाईवे से बाहर निकलने के बाद एंट्री और निकास की दूरी के आधार पर टोल कलेक्ट करता है।

जीएनएसएस टोल कलेक्शन के लिए सभी वाहनों में जीपीएस लगाना अनिवार्य होगा। ऐसे में सरकार और वाहन निर्माता दोनों के लिए वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती जीपीएस-ट्रैकिंग सिस्टम के साथ नए वाहनों का निर्माण करना है।

Bangalore-Mysore Expressway

हालांकि GNSS सिस्टम लागू होने के बाद पुराने वाहनों में भी फास्टैग की तरह ही GPS सिस्टम लगाना जरूरी होगा। ऐसे में आप सोच रहे होंगे, क्या फास्टैग की सुविधा अभी खत्म हो जाएगी?

फास्टैग सर्विस भी रहेगी जारी: रिपोर्ट के मुताबिक GNSS को FasTag के साथ ही लागू किया जाएगा। वर्तमान में GNSS की प्रैक्टिकल चुनौतियों को समझने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है।

पायलट प्रोजेक्ट को सफलता मिलने के बाद NHAI, इसे बाकि जगहों पर भी लगाएगी। लिहाजा आपको घबराने की जरूरत नहीं है, फिलहाल इस हाईवे पर फास्टैग की सर्विस जारी रहेगी। इस एक्सप्रेसवे की मदद से बैंगलोर से मैसूर पहुंचने में मात्र 75 मिनट का समय ही लगता है।

इसके अलावा NHAI नंबर प्लेट के माध्यम से भी टोल वसूलने के विकल्प पर विचार कर रही है। इसके तहत वाहनों में जीपीएस डिवाइस होना जरूरी नहीं है। इस तकनीक के तहत हाईवे पर ऑटोमैटिक कैमरे लगे होंगे, जो वाहन के नंबर प्लेट को ट्रैक करेंगे।

इसके बाद वाहन की एंट्री और निकास के आधार पर टोल कलेक्ट करेगी। फिलहाल दोनों ही सिस्टम पर विचार किया जा रहा है। इन दोनों में से जो भी टोल कलेक्शन सिस्टम लागू होगा, उससे यात्रियों को लाइन में लगने की समस्या से निजात मिलेगी और समय की बचत होगी।

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Article Published On: Wednesday, July 31, 2024, 17:27 [IST]
English summary
Bangalore mysore expressway new gnss toll collection system know how this technology works
Read more on #off beat #india
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