Bengaluru-Chennai Expressway को लेकर नया अपडेट आया सामने! अब इस तारीख से सरपट दौड़ेंगी गाड़ियां, जानें डिटेल्स
भारत के आर्थिक विकास में हाईवे और एक्सप्रेस वे का काफी योगदान है। खासतौर पर पिछले कुछ सालों में ट्रांसपोर्ट और हाईवे इन्फ्रास्ट्रक्चर की दिशा में महत्वपूर्ण विकास हुए है। इसके साथ ही सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) कई और Expressways के निर्माण कार्य में तत्परता से जुटी है। इनमें बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे भी शामिल है।
बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे बहुप्रतिक्षित रोड कनेक्टिविटी में से एक है। कर्नाटक समेत दक्षिण के कई राज्य इस हाईवे के बनने का इंतजार कर रहे हैं। हाल ही में इस एक्सप्रेसवे को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है।

2025 में होगा उद्घाटन: जी हां, बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के लिए अभी और इंतजार करना होगा। पिछले महीने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि बेंगलुरू-चेन्नई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल दिसंबर से पहले करेंगे।
हालांकि, कई जगहों पर सड़क निर्माण कार्यों में देरी के कारण इसका उद्घाटन 2025 में होने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने संसद को बताया कि बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे का काम तय समय पर पूरा नहीं होने की संभावना है।

262 किमी लंबा बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे का कर्नाटक में 71 किमी, आंध्र प्रदेश में 85 किमी और तमिलनाडु में 106 किमी का हिस्सा पड़ता है। इनमें से कर्नाटक में ज्यादातर काम पूरा हो चुका है, जबकि आंध्र और तमिलनाडु में काम की गति थोड़ी धीमी चल रही है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे के निर्माण में तत्परता से जुटी है। बता दें कि 26 मई 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था।
बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे को फिलहाल 4 लेन का बनाया जा रहा है। हालांकि NHAI की योजना इसे 8 लेन तक बढ़ाने की है, जो आने वाले दिनों में ट्रैफिक की जरूरत के आधार पर तय की जाएगी।
बेंगलुरु-चेन्नई राजमार्ग का नया मार्ग बेंगलुरु के होसकोटे (Hoskote) को चेन्नई से 40 किलोमीटर दूर कांचीपुरम जिले के श्रीपेरंबदूर से जोड़ेगा। यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा विकसित किए जा रहे 36 नए एक्सप्रेसवे का हिस्सा है
बेंगलुरु और चेन्नई के बीच बन रहा ये एक्सप्रेसवे देश का पहला 'ग्रीन हाईवे' होगा। इसमें सड़क निर्माण के लिए केवल 33 किमी वन भूमि का उपयोग किया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे पर 41 वाहन अंडरपास और 17 फ्लाईओवर बनाए जाएंगे।
वर्तमान में बेंगलुरु से चेन्नई जाने के लिए 2 हाईवे हैं और इस यात्रा में करीब 5 से 6 घंटे का समय लगता है। नया बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह समय घटकर 2 घंटे रह जाएगा। बताया जा रहा है कि इस हाईवे के पूरे निर्माण में 17,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी।


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