Bengaluru-Chennai Expressway: चेन्नई से बेंगलुरु की यात्रा का समय होगा आधा, एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ी खुशखबरी
Bengaluru-Chennai Expressway: बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे का काम तेजी से जारी है। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को जोड़ने के लिए किया जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा विकसित की जा रही यह एक्सप्रेसवे करीब 262 किलोमीटर लंबा है। अब खबर है कि कर्नाटक राज्य के लिए इस एक्सप्रेसवे को खोल दिया गया है। चलिए इसकी पूरी डिटेल्स जानते है।
Bengaluru-Chennai Expressway नया अपडेट: कर्नाटक में इस एक्सप्रेसवे का 71 किलोमीटर हिस्सा गुजरता है। ऐसे में खबर है कि वर्तमान में, कर्नाटक में यह राजमार्ग अनौपचारिक रूप से वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है और इस पर प्रतिदिन 1,600 से 2,000 वाहन चलते हैं।

मोटर चालक होसाकोटे और केजीएफ (Bethamangala) के बीच 68 किलोमीटर लंबी सड़क का उपयोग कर रहे हैं। बाकी बचा हुआ 3 किलोमीटर राजमार्ग का निर्माण कार्य इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। जिसके बाद इसे आधिकारिक रूप से खोल दिया जायेगा।
दरअसल, एक निजी मीडिया आउटलेट को NHAI के एक अधिकारी ने जवाब देते हुए कहा कि "लोग होसाकोटे और बेथामंगला तक एक्सप्रेसवे का उपयोग कर रहे हैं।" हमने सुरक्षा उपाय भी किए हैं। इस सड़क का उपयोग सभी प्रकार के वाहनों द्वारा किया जाता है और टोल शुल्क वसूली के लिए अधिसूचना जारी होने तक किसी भी वाहन की आवाजाही को प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता। टोल लगाने के संबंध में मुख्यालय को पत्र लिखा गया है और हम वहां से आदेश का इंतजार कर रहे हैं।"
Bengaluru-Chennai Expressway की खास बातें: कर्नाटक में लगभग सभी काम पूरे हो चुके हैं। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में अभी बहुत काम किया जाना बाकी है। यह 2027 तक पूरा होने की संभावना है। इस Expressway का निर्माण तमिलनाडु में 106 किमी, आंध्र प्रदेश में 85 किमी और कर्नाटक में 71 किमी तक किया जा रहा है।
यह एक्सप्रेसवे कर्नाटक में बैंगलोर ग्रामीण और कोलार, आंध्र प्रदेश में चित्तूर, तमिलनाडु में रानीपेट और श्रीपेरंबदूर से गुजरते हुए बैंगलोर को चेन्नई से जोड़ता है। फिलहाल यह 4 लेन का राजमार्ग है, जिसे यातायात बढ़ने पर 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इस हाईवे के शुरू होने के बाद बेंगलुरु और चेन्नई के बीच यात्रा का समय 2 से 3 घंटे तक कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जैसा कि खबरों की मानें तो कर्नाटक में इस एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो चुका है। ऐसे में अगर यह एक्सप्रेसवे कर्नाटक में खुलता है तो बेंगलुरु और चेन्नई के बीच यात्रा का समय घट जायेगा। फिलहाल, पूरा बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे 2027 तक बनकर तैयार होगा।


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