बेंगलुरु एयरपोर्ट इलेक्ट्रिक बसों को तैनात करने में टाॅप, 119 ई-बसों का किया जा रहा इस्तेमाल
कर्नाटक का इलेक्ट्रॉनिक सिटी कहा जाने वाले बेंगलुरु शहर के एयरपोर्ट में इलेक्ट्रिक बसों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वी.के. सिंह ने 7 फरवरी को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि वर्तमान में देश के 26 हवाई अड्डों पर कुल 403 इलेक्ट्रिक बसें तैनात हैं। वर्तमान में, बेंगलुरु हवाई अड्डे पर 119, चेन्नई हवाई अड्डे पर 71, हैदराबाद हवाई अड्डे पर 65, कोलकाता हवाई अड्डे पर 50, आईजीआई हवाई अड्डे-दिल्ली में 38, गोवा और पुणे हवाई अड्डे पर नौ-नौ, कन्नूर हवाई अड्डे पर 8 और विजयवाड़ा हवाई अड्डे पर 6 इलेक्ट्रिक बसों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मंत्री वी.के. सिंह ने आगे बताया कि इंदौर और कालीकट हवाई अड्डों पर चार-चार इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का उपयोग किया जा रहा है, इसके अलावा अगरतला हवाई अड्डे पर तीन, पटना, कोयंबटूर और मदुरै हवाई अड्डों पर दो-दो और खजुराहो, उदयपुर, वाराणसी, अमृतसर, जुहू, राजकोट, सूरत, वडोदरा, रायपुर, रांची और विशाखापत्तनम हवाई अड्डे पर एक-एक ईवी का उपयोग किया जा रहा है।

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री के अनुसार, देश के हवाई अड्डों पर ग्राउंड हैंडलिंग सेवाओं के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरणों और वाहनों का विद्युतीकरण किया जा रहा है। प्रमुख हवाई अड्डों पर प्रदूषण को कम करने के लिए और परिवहन के खर्च को कम करने के लिए बिजली से चलने वाले वाहनों को पेश किया जा रहा है।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी बढ़ी
भारत में कम प्रदूषण वाले वाहनों को अपनाने में तेजी लाने के लिए, भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी को केंद्रीय बजटीय आवंटन में तीन गुना से भी ज्यादा कर दिया है। बजट दस्तावेज के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023 के लिए फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME) के तहत सब्सिडी को 800 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,908 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो कि पिछले बजटीय आवंटन से साढ़े तीन गुना अधिक है।

सरकार ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए प्रोत्साहन राशि 10,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति किलोवाट कर दी है। साथ ही, प्रोत्साहन की सीमा को वाहन लागत के 20% से बढ़ाकर 40% कर दिया गया है। केंद्रीय बजट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2019 से 2023 के बीच FAME नीति के तहत केंद्र सरकार का कुल खर्च 4,671 करोड़ रुपये तय किया गया है।

FAME-II योजना के लिए कुल 10,000 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी गई है, जिसमें मांग प्रोत्साहन के लिए 8,596 करोड़ रुपये, चार्जिंग स्टेशन जैसे बुनियादी ढांचे के लिए 1,000 करोड़ रुपये और प्रशासनिक बुनियादी ढांचे के लिए शेष राशि का आवंटन किया जाएगा।

FAME-II योजना के तहत लगभग 2,00,000 वाहनों को सब्सिडी का फायदा दिया गया है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए कुल 900 करोड़ रुपये की सब्सिडी का लाभ मिला है।

FAME योजना के तहत कर्नाटक में लाभार्थियों की संख्या सबसे अधिक है, इसके बाद तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली का स्थान है, इसके लिए अतिरिक्त राज्य-स्तरीय प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। FAME-II योजना मूल रूप से 31 मार्च, 2022 को समाप्त होने वाली तीन वर्षों की अवधि के लिए थी। हालांकि, इस वर्ष की शुरुआत में इसे 31 मार्च, 2024 तक बढ़ा दिया गया है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग पहले से ही बढ़ रही है और सरकार इसमें तेजी लाने की कोशिश कर रही है। सरकार के वाहन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने 2021 में 3,11,000 बैटरी चालित वाहनों (बीओवी) को पंजीकृत किया, जबकि पिछले वर्ष यह 1,19,000 थी।


Click it and Unblock the Notifications








