ऑडी हिट एंड रन केस मुंबई • ऑटो सेफ्टी मानकों की अनदेखी

By Ashwani

'हिट एंड रन' ये शब्‍द सुनते ही सभी के कान खड़े हो जाते हैं और सभी के जेहन में सबसे पहले बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान का चेहरा घुमने लगता है। लेकिन भारत में ये कोई इकलौता केस नहीं है जब हाई प्रोफाइल लोग नशे में धुत्‍त सड़क पर लोगों की जान से खेलते रहे हों। हाल ही में मुंबई में रिलायंस इंडस्ट्री की वाइस प्रेसिंडेट जान्‍हवी गड़कर ने अपनी ऑडी कार से एक टैक्‍सी को ऐसी टक्‍कर मारी की 2 लोगों की मौत हो गई और 3 अस्‍पताल पहुंच गये।

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सलमान खान के हिट एंड रन केस के बाद ये दूसरा हाई प्रोफाइल मामला है, जिसने सबको चौंका दिया है। जहां तक उक्‍त महिला का नशे में होना इस दुर्घटना का जिम्‍मेदार है वहीं तक भारतीय सड़कों पर ऑटो सेफ्टी की अनदेखी भी जिम्‍मेदार है।

क्‍या आपने इस दुर्घटना की तस्‍वीरों पर गौर किया, दोनों ही वाहनों को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि, टक्‍कर कितनी तेज रही होगी। लेकिन ऐसा क्‍या था, जो ऑडी में सवार जान्‍हवी गड़कर जिंदा बच गई और टैक्‍सी में सवार दो लोगों की मौत हो गई और 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गयें। कुछ हद तक इस मामले आप किस्‍मत का तकादा देंगे लेकिन इस मामले में सुरक्षा मानकों की अनदेखी भी उतनी ही जिम्‍मेदार है। आइये हम आपको बताते हैं।

ऑटो सेफ्टी मानक:
किसी भी मुल्‍क में जब वाहनों का निर्माण होता है तो वहां पर कार क्रैश टेस्‍ट कराया जाता है। जिसके माध्‍यम से ये देखा जाता है कि उक्‍त कार किस हद तक दुर्घटना के दौरान कार में सवार लोगों के लिये सुरक्षीत है। भारत में ऐसे कई वाहन है जो कि इस कार क्रैश टेस्‍ट में पूरी तरह से फेल हैं लेकिन बावजूद इसके कंपनियां अपने निजी फायदे के लिये बेधड़क इन कारों की बिक्री कर रही है।

हाल ही में जापानी कार निर्माता कंपनी निसान ने अपने लो कॉस्‍ट ब्रांड दैटसन को बाजार में उतारा था। कीमत के मामले में दैटसन की ये कार गो बेहद ही सस्‍ती है। लेकिन क्‍या सुरक्षा मानकों पर ये कार खरी उतरी है? 'जी नहीं' जब यूके की एक संस्‍था ने इस कार का कार क्रैश टेस्‍ट किया था, तो ये कार मानकों पर खरी नहीं उतरी और इस कार को वहां पर प्रतिबंधित कर दिया गया। लेकिन इतना कुछ होने के बावजूद ये कार भारतीय बाजार में सफलता पूर्वक बेची जा रही है।

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कैसे बच गयी जान्‍हवी, नहीं बचें टैक्‍सी वाले
चूकीं, जान्‍हवी ऑडी जैसी महंगी और लग्‍जरी कार में सफर कर रही थी, वहीं सामने मारूति सुजुकी की वैन इको थी। अब ऑडी और इको की तुलना तो नहीं की ता सकती है। लेकिन यदि वाहन निर्माता अपने कार मॉडल्‍स के सभी वैरिएंट में सुरक्षा फीचर्स को प्रमुखता देते हैं और सभी मॉडल में सीट बेल्‍ट, एअर बैग, मजबूत बॉडी चेचिस आदि को शामिल करते तो शायद न जाने कितनी जाने रोजाना सड़कों पर दम नहीं तोड़ती। इन सुरक्षा फीचर्स को देने के बदले भले ही वाहन निर्माता इन्‍फोटेन्‍मेंट, ब्‍लूटूथ, जीपीएस, बीज इंटीरियर जैसे फीचर्स की कटौती कर लेतें।

जब ये दुर्घटना हुई तो ऑडी में लगे एअरबैग ने जान्‍हवी की जान बचाई वहीं टैक्‍सी में बैठे लोगों के पास सीट बेल्‍ट के अलांवा दूसरा कोई सेफ्टी फीचर ही नहीं था। अगर हम विदेशों में प्रयुक्‍त टैक्‍सी या फिर कैब की बात करें तो वहां पर हर पब्लिक ट्रांस्‍पोर्ट में सुरक्षा के सभी फीचर्स शामिल होते हैं, यदि ऐसा किसी वाहन में नहीं है तो उन्‍हें बिक्री की अनुमति ही नहीं मिलती है।

हर सेकेंड सड़क पर मौत का तांडव:
भारतीय सड़क पर लोग ड्राइव करते समय आनंद से ज्‍यादा डर में डूबे रहते हैं। यदि हम सरकार द्वारा पेश किये गयें आंकडों पर गौर करें तो आप हैरान हो जायेंगे। जी हां, भारतीय सड़क पर प्रति घंटे 16 लोगों की मौत सड़क दुर्घटना में होती है। वहीं लगभग प्रतिवर्ष 20,000 से ज्‍यादा लोगों की मौत 'ड्रींक एंड ड्राइव' यानी की नशे में गाड़ी चलाने के कारण होती है। क्‍या ये आंकड़े खुद ये दलील नहीं देते हैं कि सरकार को वाहनों के सुरक्षा मानकों के नीयमों में बदलवा करना चाहियें।

सरकार को होना होगा सख्‍त:
यदि हमारे देश की सरकार समय रहते वाहनों के सेफ्टी स्‍टैंडर्ड के प्रति वाहन निर्माताओं के लिये सख्‍त नहीं होगी तो वो दिन दूर नहीं जब सड़कों पर तारकोल से ज्‍यादा खून दिखेगा।
मुख्‍य रूप से ऐसे वाहन जिन्‍हें पब्लिक ट्रांस्‍पोर्ट के तौर पर प्रयोग किया जाता है उन वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्‍त नहीं की जानी चाहिये।

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देश की ये कारें हैं सुरक्षा मानकों में फेल :
हाल ही में ग्‍लोबल एनसीएपी क्रैश टेस्‍ट की टीम ने भारत में सर्वाधिक बेची जाने वाली 5 कारों का परीक्षण किया था। जिनमें मारूति सुजुकी अल्‍टो 800, टाटा नैनो, फोर्ड फिगो, ह्युंडई आई10, फौक्‍सवेगन पोलो शामिल थीं। आपको ये जानकर हैरानी होगी ये सभी कारें महज 64 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार में ही इतनी बूरी तरह क्षतिग्रस्‍त हुई थीं कि इनमें बैठे किसी भी यात्री का बचना नामुमकिन था। लेकिन बावजूद इसके मारूति सुजुकी अल्‍टो 800 देश की सर्वाधिक बेची जाने वाली कार है। आप खुद सोच सकते हैं।

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Article Published On: Saturday, June 13, 2015, 14:37 [IST]
English summary
In the recent instance of Audi hit and run case once again narrates the horrific side of Indian auto industry. Almost every home made low cost vehicle fail on auto safety standards but nobody looks into this serious matter that accounts for hundreds of precious lives on Indian roads.
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