वंदे भारत को बेपटरी करने की साजिश: पटरियों पर बिछाए पत्थर, ड्राइवर ने सूझबूझ से बचाई यात्रियों की जान
उदयपुर-जयपुर वंदे भारत ट्रेन (20977) बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गया। ट्रेन के उदयपुर से निकलने के बाद चित्तौड़गढ़ जिले में गंगरार स्टेशन से आगे चलते ही ट्रैक पर बड़े-बड़े पत्थर रखे हुए थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक असामाजिक तत्वों के द्वारा जान-बूझ कर ट्रेन को डिरेल करने की साजिश की गई थी। हालांकि ड्राइवर ने अपनी सूझबूझ से समय रहते ही ब्रेक लगा दिए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

इस मामले को लेकर रेलवे पुलिस फोर्स गंभीरता से जांच कर रही है। बता दें कि उदयपुर-जयपुर वंदे भारत ट्रेन को बीते 24 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
जानकारी के अनुसार, वंदे भारत ट्रेन उदयपुर से सुबह 7.50 बजे रवाना होकर चित्तौड़गढ़ पहुंची थी। चित्तौड़गढ़ से करीब 9.30 बजे भीलवाड़ा के लिए निकली थी।

रास्ते में सोनियाणा व गंगरार रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन ड्राइवर को पटरियों में कुछ गड़बड़ी की आशंका हुई, जिसके बाद ड्राइवर ने ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोक दिया। ट्रेन से उतरकर देखा तो पटरी पर करीब 50 फीट तक टुकड़ों-टुकड़ों में पत्थर और सरिए लगे थे।
लोको पायलट ने घटना की सूचना अधिकारियों को दी। इसके बाद मौके पर पुलिस के साथ ही रेलवे के तमाम अधिकारी पहुंच गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि क्षेत्र में ही रहने वाले कुछ शरारती लोगों ने यह हरकत की है।

मामले की जांच रेलवे पुलिस कर रही है। इस दौरान लगभग 15 मिनट ट्रेन खड़ी रही और पत्थर हटाने के बाद इसे रवाना किया गया। बता दें कि उदयपुर से जयपुर के बीच चलने वाली तीसरी वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत के दूसरे दिन ही ट्रेन पर पत्थर फेंक कर एक यात्री डिब्बे का शीशा भी तोड़ा गया था।
हाल ही में 27 सितंबर की देर रात के मथुरा जंक्शन पर ट्रेन हादसा हो गया था। शकूर बस्ती से आ रही एक EMU ट्रेन मथुरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर चढ़ गई सभी यात्री ट्रेन से पहले उतर चुके थे, इसके चलते जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।

इस मामले में रेलवे प्रशासन की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. रेलवे के अनुसार, ट्रेन में जो पांच लोग मौजूद थे, वह सभी मोबाइल चला रहे थे और नशा कर रहे थे। इन सभी कर्मियों को संस्पेंड कर दिया गया है।


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