गुवाहाटी में पूरी तरह बंद होंगी डीजल बसें, केवल इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को चलाने का लिया गया फैसला
देश के कई राज्यों में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम से डीजल बसों को हटाकर इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को शामिल किया जा रहा है। अब इन राज्यों की सूची में असम भी शामिल हो गया है। हाल ही में असम की हिमंत बिस्वा सरकार ने 200 इलेक्ट्रिक और 100 सीएनजी बसों को खरीदने का फैसला लिया है। इन बसों को राज्य में चल रहे मौजूदा डीजल बसों से बदला जाएगा।

असम कैबिनेट की एक बैठक के दौरान कुछ अहम फैसले लिए गए जिसमें राज्य में प्रदूषण को कम करने का मुद्दा भी शामिल था। कैबिनेट की मीटिंग में पर्यावरण को सुरक्षित रखने और गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रण में रखने के लिए कुछ जरूरी फैसले लिए गए।

कैबिनेट ने असम की राजधानी गुवाहाटी में प्रदूषण को कम करने के लिए डीजल बसों का परिचालन पूरी तरह बंद करने का निर्णय किया। इसके लिए राज्य सरकार शहर में 200 इलेक्ट्रिक और 100 सीएनजी बसों को उतारेगी। इन बसों को गुवाहाटी में चल रहे डीजल बसों से बदला जाएगा।

कैबिनेट की मीटिंग में सीएम हिमंत बिस्वा ने कहा, "हमारा लक्ष्य गुवाहाटी में एक साल के भीतर डीजल से चलने वाले सभी बसों को बंद कर इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों का चलाने का है। इसके लिए एक साल के अंदर असम ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की सभी डीजल बसों को बदला जाएगा।"

इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार ने अंतर-जिला बस चालकों और कंडक्टरों को 10,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया, जो COVID-19 महामारी के परिणामस्वरूप देशव्यापी तालाबंदी (Lockdown) से बुरी तरह प्रभावित हुए थे।

केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक बसों पर दे रही है सब्सिडी
केंद्र सरकार ने फेम-2 (Fame-2) स्कीम के तहत देश में 62,000 इलेक्ट्रिक कार और बसों के साथ 15 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर की खरीद पर सब्सिडी देने की योजना बनाई गई है। इस सब्सिडी में 7,000 इलेक्ट्रिक बस, 55,000 इलेक्ट्रिक कार, 5 लाख इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और 10 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को शामिल किया गया है।

इसके अलावा सरकार देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर लोगों के मन में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति बैठे भ्रम को दूर करने का प्रयास कर रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों की रेंज और उन्हें चार्ज करने को लेकर लोगों के मन में भ्रम है जिसका व्यावहारिक समाधान निकाला जा रहा है। लोगों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन सस्ती कीमत पर उपलब्ध हों, इसलिए इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी दर को 20% से कम कर 5% कर दिया गया है।

इस साल की शुरूआत में देश के 65 शहरों में 5,565 इलेक्ट्रिक बसों को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार ने 212.31 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति दी थी। सरकार का मानना है कि स्मार्ट सिटी के निर्माण के लिए परिवहन संसाधन में बदलाव करना आवश्यक है।


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