इस वजह से हुआ आंध्र प्रदेश में ट्रेन एक्सीडेंट! क्या होता है रेलवे सिग्नल सिस्टम और कवच सिस्टम? जानिए डिटेल्स

Andhra Train Accident: आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में बीते शाम दो ट्रेन के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। इस रेल दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हो गई है जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार विशाखापत्तनम-पलासा पैसेंजर (ट्रेन संख्या 08532) और विशाखापत्तनम-रायगढ़ा पैसेंजर (ट्रेन संख्या 08504) आपस में टकरा गईं। घटना में तीन कोच को भीषण नुकसान पहुंचा है।

Andhra Train Accident

ईस्ट कोस्ट रेलवे के आधिकारिक बयान के अनुसार हावड़ा-चेन्नई रूट पर विजयनगरम जिले में ट्रेन हादसे में मानवीय भूल और सिग्नल की अनदेखी बड़ा कारण हो सकता है। बताया जा रहा है कि घटना के पीछे सिग्नल की 'ओवरशूटिंग' हो सकता है।

क्या होता है सिग्नल ओवरशूटिंग : रेलवे के अधिकारी के अनुसार सिग्नल ओवरशूट तब होता है जब कोई ट्रेन लाल सिग्नल पर रुकने के बजाय आगे बढ़ जाती है। ऐसे में कंट्रोल रुम से ताल-मेल बिगड़ता है और रेल दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।

Andhra Train Accident

अत्याधुनिक सिग्नल सिस्टम के बावजूद हो रहा हादसा: आप जानते हैं कि किसी भी ट्रेन के परिचालन में ट्रेन का सिग्नल सिस्टम अहम भूमिका निभाता है। अक्सर रेल हादसे की बड़ी वजह सिग्नल इंटरलॉकिंग सिस्टम में गड़बड़ी की वजह से होती है।

भारतीय रेलवे में इंटरलॉकिंग सिस्टम सिग्नल देने में उपयोग होने वाली महत्वपूर्ण प्रणाली है। अर्थात यह ट्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक सिस्टम है।

Railway Track Signal

इसके जरिए रेलवे स्टेशनों, जंक्शनों और सिग्नलिंग बिंदुओं पर ट्रेन की आवाजाही को सुरक्षित और कुशल संचालन के लिए फंक्शंस कंट्रोल किए जाते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एक ऐसा सिस्टम ईजाद करता है, जो ट्रेन की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करता है। ये सिस्टम को सिग्नल देता है कि कब ट्रेन लाइन चेंज कर सकती है।

Railway Track

कैसे काम करता है सिग्नल इंटरलॉकिंग सिस्टम : दरअसल, रेलवे का यह सिस्टम इलेक्ट्रॉनिक बेस्ड है और यह ट्रेनों को सुरक्षित रूप से लाइन चेंज करने की अनुमति देता है और उसे कंट्रोल भी करता है।

रेलवे स्टेशन के पास यार्डों में कई लाइनें मौजूद होती हैं और ट्रेन को ट्रैक बदलने के लिए इन लाइनों पर कुछ प्वाइंट्स होते हैं। इन प्वाइंट्स पर कई जगह मोटर और कई सेंसर लगे होते हैं।

ये सेंसर ट्रेन की स्थिति, गति और अन्य जानकारी को मापते हैं और इस जानकारी को सिग्नलिंग सिस्टम को भेजते हैं। इस प्रक्रिया के कारण ट्रेनों के रियल टाइम संकेत मिलते रहते हैं।

लाइन पर लगे प्वाइंट्स और सिग्नल के बीच लॉकिंग काम करती है। वहीं प्वाइंट सेट होने के बाद जिन लाइन पर ट्रेन का रूट सेट होता है, उसी पर सिग्नल आता है। इसे इलेक्ट्रोनिक इंटरलॉकिंग कहते हैं।

इंटरलॉकिंग का फायदा ये होता है कि अगर लूप लाइन सेट है तो लोको पायलट के पास मेन लाइन का सिग्नल नहीं जाएगा और अगर मेन लाइन सेट है तो लूप लाइन का सिग्नल नहीं जाएगा।

क्या है रेलवे का कवच System : ओडिशा के बालासोर रेल हादसे के बाद भारतीय रेलवे का कवच सिस्टम काफी चर्चा में है। दरअसल ये भारतीय रेलवे का स्वचालित सुरक्षा प्रणाली सिस्टम है, जिसके जरिए रेलवे ट्रेन हादसों को रोकने का प्लान है।

दरअसल, कवच लोकोमोटिव में स्थापित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन की एक ऐसी प्रणाली है जो रेलवे के सिग्नल सिस्टम के साथ साथ पटरियों पर दौड़ रही ट्रेनों की स्पीड को भी नियंत्रित करती है।

इसी के जरिए रेल हादसों पर लगाम लगाने की बात कही जा रही है। अगर ट्रेन में कवच सिस्टम इंस्टॉल होता है तो इसके एक्सीडेंट से बचने की संभावना अधिक होती है।

कैसे काम करता है कवच System : इसे स्टेशन पर एक किलोमीटर की दूरी पर इंस्टॉल किया जाता है, इसके साथ ही इसे ट्रेन, ट्रैक और रेलवे सिग्नल सिस्टम में भी इंस्टॉल किया जाता है। यह पूरा सिस्टम एक दूसरे कंपोनेंट्स से अल्ट्रा हाई रेडियो फ्रिक्वेंसी के जरिए कम्युनिकेट करता है।

जब भी लोकोपायलट रेलवे सिग्नल को जंप करता है तो यह कवच सिस्टम एक्टिव हो जाता है। एक्टिव होते ही कवच सिस्टम लोकोपायलट को अलर्ट करता है और फिर ट्रेन के ब्रेक्स को कंट्रोल करने लगता है।

इसके साथ ही कवच सिस्टम को अगर पता चल जाता है कि एक ही पटरी पर दूसरी ट्रेन भी आ रही है तो वह दूसरी ट्रेन को अलर्ट भेजता है और दूसरी ट्रेन एक निश्चित दूरी पर आकर खुद रुक जाती है। हालांकि फिलहाल भारत में ये सिस्टम लिमिटेड ट्रेन में ही इंस्टॅाल किया गया है।

हालांकि तमाम अत्याधुनिक सुविधाओं के बावजूद हमें अक्सर रेल दुर्घटना की खबर मिलती है। हाल ही में बिहार के बक्सर में भीषण रेल दुर्घटना हुई थी। अब बीते शाम आंध्र प्रदेश में रेल दुर्घटना हो गई। ऐसे में भारतीय रेलवे को सिग्नल सिस्टम और ट्रैक रेनोवेशन आदि पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।

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Article Published On: Monday, October 30, 2023, 14:40 [IST]
English summary
Andhra train accident this is major reason know about kavach system and signal system in hindi
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