मुख्यमंत्री जगमोहन रेड्डी ने एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए रुकवाया अपना काफिला
भारत एक ऐसा देश है जहां वीआईपी कल्चर हमेशा से रहा है। वीआईपी कल्चर की परिभाषा वैसे तो कई है या कहें रसूखदार लोग इसे अपने मुताबिक गढ़ते रहते है। लेकिन सरल शब्दों में वीआईपी कल्चर को परिभाषित किया जाएं, तो ऐसा व्यक्ति जो रसूख के बल पर हर सुविधा आसानी से प्राप्त हो जाएं।

ऐसे व्यक्तियों के लिए हमारे देश में पंक्ति में पहले से सीट आरक्षित रहती है। उनके वाहन पर लाल बत्ती लगी रहती है। पिछले कई वर्षों से वीआईपी कल्चर हमारे देश में इसी तरह फल-फूल रहा था।

लेकिन 2017 में प्राधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस कल्चर को समाप्त करने का आदेश दिया गया। इस फैसले का पूरे देश में स्वागत किया गया था। सड़क परिवहन और राज्यमार्ज मंत्री नीतिन गडकरी ने फैसले के तुरंत बाद अपने वाहन से लाल बत्ती को हटवा लिया।

लेकिन कुछ राजनेता ऐसे भी थे जिन्होंने इस फैसले का विरोध किया था। इनमें भाजपा की नेता उमा भारती का भी नाम शामिल है। शायद नेताओं का सत्तासुख का मोह इतनी आसानी से नहीं जाता है।

वहीं अभी हाल ही में आंध्र प्रदेश एक ऐसी खबर आ रही है, जो ऐसे भोगी नेताओं को सिख देने का काम कर रही है। आंध्र प्रदेश के मुख्य मंत्री वाईएस जगमोहन रेड्डी कई बार ऐसा काम कर जाते है, जो उन्हें हमेशा अच्छे वजहों से खबरों में ले आता है।

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मुख्यमंत्री वाईएस जगमोहन रेड्डी पूरे प्रदेश में दरिया दिल इंसान के रूप में जाने जाते है। उन्होंने फिर से एक बार अपने निराले और उदार स्वभाव से लोगों का दिल जीत लिया है। भले ही प्रधानमंत्री मोदी देश में वीआईपी कल्चर को खत्म कर दिया है।

लेकिन किसी भी प्रदेश के मुख्यमंत्री का काफिला जब गुजरता है, तो उसके साथ कई सुरक्षा वाहनों का काफिला सफर करता है। ऐसे में मुख्यमंत्री के मार्ग में यातायात कुछ समय के लिए बाधित होता है।ऐसा ही काफिला वाईएस जगमोहन रेड्डी का भी बीते शनिवार ताड़पल्ली कैंप कार्यालय से एयरपोर्ट की तरफ बढ़ रहा था। दरअसल मुख्यमंत्री राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के स्वागत के लिए एयरपोर्ट जा रहे थे।

मुख्यमंत्री का काफिला जब विजयवाड़ा बेंज सर्किल से गुजर रहा था, तभी एक एंबुलेंस रास्ते में आ गई। वाईएस जगमोहन रेड्डी की नजरें एंबुलेंस पर गई। इसके बाद उन्होंने अपने काफिले को धीमा करने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी कहां कि एंबुलेंस को गुजरने का रास्ता दिया जाए।

मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात लोगों ने भी एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाया और उसके बाद ही वाईएस जगमोहन रेड्डी का काफिला आगे बढ़ा। वहां मौजूद जिन लोगों ने भी यह दृश्य देखा वो वाईएस जगमोहन रेड्डी दयालु स्वभाल के कायल हो गए।

मुख्यमंत्री द्वारा एंबुलेंस को रास्ता दिये जाने को उनकी मानवीय और संवेदनशील भावनाओं के तौर पर देखा जा रहा है। आपको बता दें कि इस समय पूरे देश की नजर आंध्र प्रदेश की ओर है। क्योंकि वाईएस जगन जिस तरह से लोगों के लिए काम कर रहे हैं और अन्य को भी ईमानदारी से काम करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। चारों ओर उनकी तारीफ की जा रही है।

इतना नहीं, वाईएस जगमोहन रेड्डी ने अपने नेताओं को चुनावी घोषणापत्र को केवल आश्वासनों का पुलिंदा न मानते हुए इसे एक गीता, बाइबिल और कुरान के रूप में देखने की आवश्यकता को बखूबी समझाया है।

घोषणापत्र सभी कार्यालयों में रखने के निर्देश भी दिये। सीएम जगन की इस सोच को सभी ने जोरदार स्वागत किया और कर रहे हैं। हाल ही में आंध्र प्रदेश राज्य का बजट पेश किया गया है। इस बजट में सरकार ने किसानों को सबसे अधिक प्रमुखता दी है।


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