Bicycle That Runs On Railway Track: रेलवे इंजीनियर ने बनाई पटरी पर दौड़ने वाली साइकिल, देखें वीडियो
इस साइकिल को पंकज ने रेलवे ट्रैकमैन के लिए तैयार किया है ताकि वे भारी ट्रैक कार्ट को चलाने की जगह इस हल्के साइकिल का इस्तेमाल करें। इस साइकिल को उठाकर कहीं भी ले जाया जा सकता है जबकि एक रेलवे कार्ट को दूसरे ट्रैक पर ले जाना काफी मुश्किल होता है।

इस साइकिल को पंकज ने रेलवे ट्रैकमैन के लिए तैयार किया है ताकि वे भारी ट्रैक कार्ट को चलाने की जगह इस हल्के साइकिल का इस्तेमाल करें। इस साइकिल को उठाकर कहीं भी ले जाया जा सकता है जबकि एक रेलवे कार्ट को दूसरे ट्रैक पर ले जाना काफी मुश्किल होता है।

यह साइकिल ट्रैकमैन के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। साइकिल काफी हल्की है और तेज भी है, साइकिल को चलाने के लिए केवल एक व्यक्ति की जरूरत पड़ती है। इससे ट्रैकमैन सही समय पर पहुंचकर ट्रैक की मरम्मती कर सकता है।
आनंद महिंद्रा ने वीडियो को शेयर करते हुए कहा, "इनोवेशन की खासियत है कि वह हमारे जीवन को आसान बनाती है। भारत ऐसे छोटे लेकिन उपयोगी उत्पादकता सुधारों का विस्फोट देखा जा सकता है।"

उन्होंने इंजीनियर पंकज सोइन को इस आविष्कार के लिए बधाई भी दी है। आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले रिपेयर कार्ट बड़े और भारी होते हैं जिसे चलाने में ट्रैकमैन को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इस साइकिल कार्ट का वजन केवल 20 किलोग्राम है जिसे आसानी से उठाया जा सकता है।

एक साइकिल के तरह यह पैंडल लगाने पर आगे बढ़ती है। ट्रैकमैन इसपर अपने औजार भी रख सकता है। इस साइकिल को तैयार करने के लिए आगे और पीछे के पहिये में पाइप के सहारे ट्रैक पर चलने वाले छोटे पहिये जोड़े गए हैं।

साइकिल का ट्रैक पर संतुलन बना रहे इसलिए साइकिल की बायीं तरफ पाइप की मदद से एक और पहिया लगाया गया है। इस साइकिल पर दो लोग सवार हो सकते हैं। साइकिल 15 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार से ट्रैक पर चल सकती है।

पंकज के अनुसार इसे तैयार करने में 5000 रुपये का खर्च आया है। उन्होंने बाजार से एक पुरानी साइकिल और कुछ लोहे के पाइप खरीदे। साइकिल का डिजाइन तैयार करने के बाद उन्होंने वेल्डिंग कर सभी पुर्जों को जोड़कर ट्रैक साइकिल तैयार कर ली।


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