एयरलाइन कंपनी ने अगर कैंसिल किया बोर्डिंग, तो यात्री को मिलेगा 20,000 हजार रुपये का मुआवजा
अगर आप वैध टिकट के साथ समय पर एयरपोर्ट पहुंचते हैं, लेकिन फिर भी किसी कारण से एयरलाइन कंपनी आपको बोर्डिंग करने नहीं देती, तो ऐसी स्थिति में एयरलाइंस कंपनी को 20,000 रुपये तक का हर्जाना देना होगा। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने हवाई यात्रियों के अधिकारों संबंध में कुछ नए नियमों की घोषणा की है।

डीजीसीए के अनुसार, यदि कोई एयरलाइन एक घंटे के भीतर उपरोक्त यात्री के लिए वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था करने में सक्षम है, तो यात्री को कोई मुआवजा देने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, अगर एयरलाइन अगले 24 घंटों के भीतर वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान करती है, तो यात्री 10,000 रुपये तक के मुआवजे के हकदार होंगे।

वहीं, अगर एयरलाइन कंपनी 24 घंटे से अधिक समय लेती है ऐसे में यात्रियों के लिए 20,000 रुपये तक का मुआवजा निर्धारित किया गया है। डीजीसीए ने कहा कि इस विषय पर शर्तें फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) और यूरोपीय संघ एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) के अनुरूप हैं, और यात्री अधिकारों को उचित सम्मान देने के लिए इसी तरह के नियमों का विश्व स्तर पर पालन किया जाता है।

हाल ही में, डीजीसीए ने सभी घरेलू एयरलाइंस को उक्त नियम का अक्षरश: पालन करने का सख्त निर्देश जारी किया था। महानिदेशालय ने पिछले महीने कहा था कि एयरलाइंस समय पर हवाईअड्डे पर अपनी उड़ानों के लिए रिपोर्ट करने पर भी यात्रियों को बोर्डिंग से इनकार करने के "अनुचित व्यवहार" में लिप्त हैं।

उड्डयन नियामक ने 2 मई को एक ई-मेल में सभी भारतीय एयरलाइन कंपनियों को बोर्डिंग से इस तरह के इनकार से प्रभावित यात्रियों को मुआवजा और सुविधाएं देने के लिए कहा था और चेतावनी दी थी कि ऐसा नहीं करने पर उन पर वित्तीय दंड लगाया जाएगा।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय एयरलाइन कंपनियां विमानों की सीटों की ओवरबुकिंग करती पाई गई हैं। ऐसे में सीट बुक कर चुके यात्री जब बोर्डिंग के लिए पहुंचते हैं तो उन्हें फ्लाइट में चड़ने से मना कर दिया जाता है।

डीजीसीए ने बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली में निगरानी के दौरान पाया कि एयर इंडिया इन नियमों का पालन नहीं कर रही है। इसपर डीजीसीए के अधिकारियों ने एयर इंडिया को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया था।

इस मामले में पाया गया कि एयरलाइन के पास इस संबंध में कोई नीति नहीं है और वह असहाय यात्रियों को कोई मुआवजा नहीं दे रहे हैं। इस मामले पर कार्रवाई करते हुए एयर इंडिया पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।


Click it and Unblock the Notifications








