एयर इंडिया पायलट ने दुनिया की सबसे लंबी एयर रूट पर प्लेन चलाकर बनाया इतिहास, जानें जोया अग्रवाल के बारें में
जब एयर इंडिया कैप्टन जोया अग्रावाल बैंगलोर से सैन फ्रांसिस्को फ्लाइट लेकर चली थी तब उन्होंने दुनिया की सबसे लंबी एयर रूट पर प्लेन चलाने का इतिहास बनाया था। अब एयर इंडिया कैप्टन जोया अग्रवाल ने अपने यात्रा के बारें में बताया है, वह 8 वर्ष की थी जब उसे लगा था कि वह पायलट बनान चाहती है।

उन्होंने व उनकी क्रू ने 9 जनवरी, 2021 में यह रिकॉर्ड बनाया था। अब उन्होंने हुमंस ऑफ बॉम्बे से बात करके अपनी जिंदगी, पायलट बनने की चुनौती व इतिहास बनाने के बारें में बताया है। जोया ने बताया कि वह छत पर जाकर एयरोप्लेन को देखा करती थी और सोचती थी कि कभी वह भी एक प्लेन उड़ा रही होगी।

इसके साथ वह आसमान छु पाती। हालांकि वह एक मिडिल क्लास परिवार से आती थी जिस वजह से उनके महत्वाकांक्षा पर लगाम लग गयी थी। वह शुरुआत में अपने परिवार से भी यह सपने को शेयर करने से डरती थी लेकिन वह विचार कभी नहीं गया। 10वीं पास करने के बाद उसने अपने सपने के बारें में परिवार को बताया।

शुरू में तो उनके रिएक्शन उतने अच्छे नहीं थे और पायलट ट्रेनिंग के खर्च को लेकर थोड़े चिंतित थे। इसके बावजूद वह डटी रही और 11वीं व 12वीं में उन्होंने विज्ञान विषय लेकर पढ़ाई की। 12वीं की बोर्ड परीक्षा पास करने के बाद, जोया ने फिजिक्स में ग्रैजुएशन व साथ ही एविएशन कोर्स के लिए भी अप्लाई किया।

इस कोर्स को करने के लिए उन्होंने अपनी सारी सेविंग्स लगा दी। जोया अपने कॉलेज के बाद एविएशन कोर्स के लिए जाया करती थी, इसके लिए शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जाना पड़ता था। जोया ने यह सुनिश्चित किया कि एविशन कोर्स के चलते उनकी रेग्युलर पढ़ाई में कोई बाधा ना आये।

जोया ने अपने कॉलेज में टॉप किया और इसके बाद अपने परिवार के पास जाकर अपने सपने को पूरा करने की बात कही। इसके बाद उनके अभिभावक भी तैयार हो गये और उसके कोर्स के लिए लोन लिया। जोया ने इस कोर्स में भी बेहतर परफोर्मेंस दी।

हालांकि जोया की परेशानी यही खत्म नहीं हो जाती, उन्हें एयर इंडिया में नौकरी पाने के पहले 2 साल इंतजार करना पड़ा। इस नौकरी के लिए सिर्फ 7 पोस्ट खाली थी और 3000 कैंडिडेट ने इसके लिए अप्लाई किया था। इसके बाद भी परेशानी आती रही, जॉब के एग्जाम के 4 दिन पहले ही जोया के पिटा को हार्ट अटैक आ गया।

वह ऐसे कंडीशन में अपने पिटा को छोड़कर नहीं जाना चाहती थी, लेकिन जोया के पिता ने उसे जाने को कहा और मुंबई एग्जाम देने मुंबई गयी। जोया ने सभी राउंड क्लियर कर लिया और एयर इंडिया को ज्वाइन किया। 2004 में उनके आसमान को छुने का सपना साकार हो गया।

जोया ने अपनी फ्लाइट दुबई तक उड़ाई थी और उसके बाद उसने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। जनवरी में उन्होंने फ्लाइट एआई176 में कप्तानी करते हुए दुनिया की सबसे लंबी एयर रूट को कवर किया और इतिहास रच दिया। वापस आने के बाद बैंगलोर में उनका अच्छे से स्वागत किया गया था।


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