मुंबई में 900 से अधिक ऑटोवालों के लाइसेंस हुए रद्द, सवारी ना बिठाने का है आरोप
महाराष्ट्र के मुंबई में ऑटो ड्राइवरों की मनमानी रोकने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुंबई में ऐसा लगातार देखने को मिलता है कि ऑटो ड्राइवर निकटतम दूरी जाने के लिए मना कर देते है।

एसे में यात्रियों के सामने परिचालन को लेकर समस्या उत्पन्न होती थी। इस पर कारवायी करते हुए क्षेत्रीय परिवहन विभाग ने मुंबई में 900 ऑटो वालों का लाइसेंस को रद्द कर दिया है।

आपको बता दें कि पिछले कई महीने से आरटीओ अधिकारियों के सामने इस तरह के कई मामले आ रहे थे। इस तरह की शिकायत आम थी कि ऑटो रिक्शा चालक कम दूरी की सवारी नहीं लेते है। इसके साथ ही ऑटो किराए के लिए भी मनमाने ढंग की राशि की मांग करते है।

इस तरह की सभी शिकायतों पर कारवायी करते हुए मुंबई आरटीओ ने लाइसेंस रद्द कर दिया है। साथ ही सभी 900 ऑटो चालकों को पूरे देश में किसी भी तरह की पैसेंजर व्हीकल को चलाने की मान्यता खत्म कर दी गई है।

वहीं फरवरी 2019 में ड्राइव हेलम्ड अभियान की शुरूआत स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर शेखर चन्ने के द्वारा किया गया था। इसके तहत करीब 12372 ऑटो चालकों को दोषी पाया गया था। इनमें ये 918 ऑटो चालक भी है, जिनका लाइसेंस रद्द किया गया है।

5,500 से अधिक ड्राइवरों को तीन यात्रियों से अधिक नौकाओं के लिए बुक किया गया था, 6,257 अपने बैज या लाइसेंस नहीं ले रहे थे और 42 ड्राइवरों को ओवर चार्जिंग के लिए दंडित किया गया था।

इस तरह के मामले सबसे अधिक बीकेसी, बांद्रा टर्मिनस, कुर्ला और लोकमान्य तिलक टर्मिनस में 60 प्रतिशत से अधिक अपराध दर्ज किए गए है। इस पर बात करते हुए आरटीओ के एक अधिकारी ने बताया कि "ऑटो चालकों की मनमानी से बांद्रा और कुर्ला सबसे बुरी तरह प्रभावित हैं, इसके बाद पश्चिमी उपनगरों में अंधेरी और पूर्वी उपनगरों में विक्रोली और घाटकोपर हैं।"

वहीं स्टेट ट्रांसपोर्ट कमीश्नर शेखर चन्ने ने यह साफ किया है कि ज्यादा किराया या यात्रा के लिए मना करने वाले ऑटो चालकों के लिए शून्य सहिष्णुता होगी।

हालांकि ऑटो यूनियन के नेता थंपी कुरियन ने इसे बहुत कठोर बताया है। साथ ही यह भी कहा है कि " यह फैसला 918 परिवारों को सीधे प्रभावित करेगा। इन ड्राइवरों को एक और मौका मिलना चाहिए।


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