Maruti Gypsy Delivered To The Indian Army: भारतीय सेना को जून में मिली 700 से अधिक मारुति जिप्सी
मारुति जिप्सी देश भर में अपनी बहुउपयोगिता के लिए जानी जाती है तथा भारतीय ऑटो जगत में एक बड़ा नाम है। वैसे तो मारुति जिप्सी को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है लेकिन कंपनी भारतीय सेना के लिए खासतौर पर इसे बना रही है।

मारुति सुजुकी ने जानकारी दी है कि उन्होंने जून 2020 में 700 से अधिक जिप्सी भारतीय सेना की सौंपी है, अनुमान है कि असल संख्या 718 है। बीएस6 मानक सहित कई अन्य वजह से इसे बंद कर दिया गया था लेकिन भारतीय सेना द्वारा आग्रह किये जाने के बाद सिर्फ सेना के लिए यह वाहन बनाई जा रही है।

सुरक्षा कारणों से बंद किये जाने के बावजूद भी सेना की मांग को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा मंत्रालय ने खास इजाजत दी थी। भारतीय सेना ने इसकी 3051 यूनिट की मांग की थी जिस वजह से मारुति सुजुकी ने जिप्सी का उत्पादन फिर से शुरू कर दिया है।

मारुति जिप्सी में बीएस4 अनुसरित 1.3 लीटर जी-सीरीज पेट्रोल इंजन लगाया गया है जो 80 बीएचपी का पॉवर व 130 न्यूटन मीटर का टॉर्क प्रदान करता है। इसमें 5 स्पीड गियरबॉक्स लगाया गया है तथा फोर-व्हील ड्राइव स्टैंडर्ड रूप से दिया गया है।

मारुति जिप्सी को भारत में 1985 में लाया गया था, तब से इसके बंद होने तक कई अपडेट किये जा चुके है। जिप्सी ऑफ रोड चलाने वाइल लोगों के बीच बहुत पसंद की जाती है, साथ ही इसकी बहुउपयोगिता की वजह से भारतीय सेना भी बहुत उपयोग में लाती है।

इस वाहन को चुनने का कारण इसका कम मेंटेनेंस व खतरनाक इलाकों में भी आसानी से उपयोग किया जा सकना, मुख्य कारण है। देश की सेना कई खतरनाक इलाकों तक जाकर पेट्रोलिंग करती है, जिसमें सभी तरह के इलाके आते हैं और यह सभी जगह पर अच्छा परफॉर्म करती है।

मारुति जिप्सी का कॉम्पैक्ट आकार इस वाहन किसी भी छोटे व संकरे रस्ते पर जाने की इजाजत दे देती है। वैसे तो मारुति इस कार को फिर से वापस नहीं लाने वाली है लेकिन इसके बदले जिम्नी को ला सकती है जिसे ऑटो एक्सपो 2020 में पेश किया गया था।

मारुति जिप्सी अब भी देश में कई कार के दीवानों की पसंदीदा कार है तथा बहुत से लोग इसे मॉडिफाई करके चलाते हैं। ऐसे में बहुत से लोग मारुति सुजुकी से इस वाहन का एक नया विकल्प लाने की उम्मीद लगाये बैठे हैं।


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