वह तथ्य जो आप ट्रेन के बारे में नहीं जानते, जाने कहां से आया हॉर्सपॉवर
हर रोज लाखों लोग ट्रेन में सफर करते हैं। ट्रेन यातायात का एक ऐसा माध्यम है जो बहुत ही सस्ता और आसानी से मिल जाता है। लेकिन वर्तमान ट्रेन की तकनीक तक पहुंचने के लिए बहुत लंबा समय लगा है। पहला वाष्प इंजन 1804 में ब्रिटेन के रिचर्ड ट्रेविथिक द्वारा पेश किया गया था। आज हम आपको ट्रेन के बारे में कुछ ऐसे तथ्य बताने जा रहे है, जिनके बारे मे शायद आपने कभी नहीं सुना होगा।

1. साल 1760 के पहले थॉमस न्यूकोमैन द्वारा बनाए गए ट्रेन इंजन में यह कमी थी कि इसे लगातार गर्म और ठंडा भी करना पड़ता था, जिसकी वजह से बहुत मेहनत लगती थी। जेम्स वॉट ने इस बारे में सोचा और एक अलग कंडेन्सर का इस्तेमाल किया जिससे इंजन को किफायती बनाया जा सके।

वॉट को लगा इस आइडिया को सबके सामने लाने के लिए एक रास्ता निकालना होगा। इसके लिए वॉट ने इस चीज की गणना की कि एक घोड़ा मिल में कितने लंबे समय तक कार्य कर सकता है, जिसके बाद हॉर्सपॉवर (एचपी) यूनिट की खोज हुई।

2. अमेरिका में बनी पहली भाप से चलने वाली लोकोमोटिव ट्रेन को घोड़े द्वारा चलाई जाने वाली ट्रेन ने हरा दिया था। दरअसल अमेरिका के एक उद्योगपति पीटर कूपर द्वारा बनाए गए पहले भाप इंजन को 28 अगस्त 1830 में घोड़े द्वार चलाई जाने वाली ट्रेन से मुकाबला करने के लिए उतारा गया था।

इस रेस के दौरान भाप इंजन ने बहुत जल्द रफ्तार पकड़ी और घोड़े से आगे निकल गई, लेकिन बीच में ही इंजन में लगी एक बेल्ट टूट गई और उसकी रफ्तार धीमी हो गई, जिससे घोड़े वाली ट्रेन जीत गई थी।

3. अमेरिकन सिविल वॉर के दौरान ट्रेन ने नॉर्थ की बहुत मदद की थी। इस युद्ध के दौरान ट्रेन की मदद से ही सिपाहियों और भारी-भरकम सामान ले जाने में मदद मिलती थी। अब्राहम लिंकन ने सितंबर 1863 में करीब 20,000 रिप्लेसमेंट टुकड़ी को 1,200 मील दूर वॉशिंगटन से जॉर्जिया ट्रेन के जरिए ही भेजा था।

4. आपको बता दें कि लंदन अंडर ग्राउंड दुनिया का पहला अंडर ग्राउंड रेल मार्ग है। इस मार्ग को साल 1863 में शुरू किया गया था. लंदन की सड़कों पर बढ़ते यातायात को कम करने के लिए इस मार्ग का निर्माण किया गया था। इसके बाद ही साल 1900 में पेरिस मेट्रो और साल 1905 में न्यूयॉर्क सब-वे बनाया गया था।

5. रिचर्ड ट्रेविथिक एक खदान के इंजीनियर थे, जो उन सबसे पहले लोगों में शामिल थे, जिन्होंने एक लोकोमोटिव इंजन को चलाने के लिए भाप का इस्तेमाल किया था। उनका बनाया पहला इंजन रेल मार्ग पर 4 किलोमीटर/घंटे से भी कम रफ्तार पर चला था।

6. ये तो आपको पता ही होगा कि जापान ही वो पहला देश है, जिसने बुलेट ट्रेन बनाई है। जापान में चलने वाली सुपरफास्ट बुलेट ट्रेन जेआरएन700 शिन्कांसेन ट्रेन 0 से 270 किलोमीटर की रफ्तार सिर्फ 3 मिनट में ही हासिल कर लेती है। अपनी रफ्तार को बनाए रखने के लिए यह ट्रेन मोड़ों पर अपने आप थोड़ी तिरछी हो जाती है।

7. भारत में दुनिया के सबसे लंबे और व्यस्त रेलमार्ग सिस्टम मौजूद है। भारत में कुल मिलाकर 71,500 मील यानी करीब 1,15,000 किलोमीटर तक के रेलमार्ग मौजूद है। इतने लंबे रेलमार्ग से धरती के लगभग तीन चक्कर लगाए जा सकते है।


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