12,000 किमी हाई-वे में से 5,600 किमी का निर्माण हुआ पूरा, वित्त वर्ष के अंत तक हो सकता है लक्ष्य पूरा
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने घोषणा की है कि कई दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश के बावजूद इस साल अब तक लक्षित 12,000 किलोमीटर सड़क निर्माण में से 5,600 किलोमीटर का काम पूरा कर लिया है। केंद्रीय सड़क सचिव, Giridhar Aramane ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि वित्त वर्ष के अंत तक पूरा लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।

Giridhar Aramane ने जानकारी देते हुए कहा कि "इस साल हमने लगभग 12,000 किलोमीटर का लक्ष्य रखा है। अब तक हम पहले ही 5,600 किलोमीटर का लक्ष्य पूरा कर चुके हैं और शेष भी अच्छी स्थिति में हैं। हमें उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष के अंत तक लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।"

भारत सरकार के एक अधिकारी के अनुसार पूर्व-सीओवीआईडी वर्षों के दौरान औसत के मुकाबले सड़क निर्माण की वर्तमान गति 2018 और 2019 वर्ष अच्छी नहीं थी। उन्होंने कहा कि जबकि हमारे लक्ष्य बढ़ा दिए गए हैं और अब हम 6 लेन और 8 लेन के राजमार्गों का निर्माण कर रहे हैं।

ऐतिहासिक औसत की तुलना में लेन-किमी द्वारा निर्माण 1.5 गुना के करीब है। Aramane ने कहा कि "2018 और 2019 चालू वित्त वर्ष जितने अच्छे नहीं रहे। हमारा लक्ष्य बढ़ गया है और अब हम जिस तरह की सड़कें बना रहे हैं, वह पहले की सड़कों से बिल्कुल अलग है।"

उन्होंने कहा कि "अब हम 2019 और 2018 में मुख्य रूप से फोर-लेन और टू-लेन की तुलना में कई क्षेत्रों और राज्यों में ज्यादातर आठ-लेन, एक्सप्रेसवे और एक्सेस कंट्रोल सड़कों और छह-लेन सड़कों का निर्माण कर रहे हैं, जिनमें समय ज्यादा लगता है।"

Aramane ने कहा कि "तो इस साल निर्माण बहुत अधिक है, जब हम लेन किलोमीटर को देखते हैं, यह उन वर्षों के लगभग 1.5-1.8 गुना होगा।" भारतमाला के बारे में उन्होंने कहा कि "अब तक हम पहले ही 6,600 किलोमीटर के लिए निर्माण पूरा कर चुके हैं।"

उन्होंने कहा कि "साल के अंत तक हम और 1,100-1,200 किलोमीटर पूरा कर लेंगे। इसलिए हम निर्माण के लिहाज से साल के अंत तक 7,800-8,000 किलोमीटर भारतमाला को छू लेंगे। लक्ष्य के संदर्भ में हम पहले ही 19,500 किमी पूरा कर चुके हैं।"

उन्होंने बताया कि "साल के अंत तक हम कुल 34,000 किलोमीटर में से कम से कम 21,600 किलोमीटर की दूरी तय कर लेंगे, जिसे हम पांच साल की अवधि में करने की योजना बना रहे हैं।" टीओटी परियोजनाओं और मुद्रीकरण के बारे में भी Aramane ने जानकारी दी।

इस बारे में उन्होंने कहा कि "हमें पहले ही टोल ऑपरेट ट्रांसफर (टीओटी) बंडलों के माध्यम से लगभग 2,200 करोड़ रुपये मिल चुके हैं और हमने इस साल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) के माध्यम से लगभग 8,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं और हमारे पास टीओटी के दो और बंडल बोली प्रक्रिया के लिए तैयार हैं।"

आगे चल रही परियोजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने ने कहा कि "इसके अलावा हम कुछ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, रायपुर-विजाग एक्सप्रेसवे और दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के 3 एसपीवी को भी सुरक्षित कर रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि "यह एक्सप्रेस-वे भविष्य के टोल राजस्व का मुद्रीकरण करने और धन जुटाने का काम करेंगे। उनके निर्माण और परिचालन चरण के दौरान प्राप्त टोल राजस्व के माध्यम से उस पैसे का भुगतान किया जाएगा। तो यह लक्ष्य काफी संभव है, हम वित्त मंत्रालय द्वारा हमें दिए गए लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम हो सकते हैं।"


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