अगर 20 साल से ज्यादा पुराना है ड्राइविंग लाइसेंस तो पढ़ लें ये खबर, 12 मार्च तक पूरा कर लें ये जरूरी काम
अगर आपके पास 20 साल से ज्यादा पुराना यानी 2002 से पहले बना हुआ ड्राइविंग लाइसेंस है तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दरअसल, परिवहन मंत्रालय की एक सूचना के अनुसार, अगर आपके पास 20 साल से ज्यादा पुराना ड्राइविंग लाइसेंस है तो उसे ऑनलाइन अपडेट करवाना अनिवार्य है। अगर आपने ऐसा 12 मार्च तक ऐसा नहीं किया तो आपका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। जिसके बाद आपको नए ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन देना होगा।

ऑनलाइन रजिस्टर होगा लाइसेंस
बता दें कि परिवहन मंत्रालय के वाहन पोर्टल पर देश भर में वाहन से जुड़े सभी दस्तावेजों को ऑनलाइन किया गया है। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी भी शामिल है। मंत्रालय ने पहले ऑफलाइन प्रक्रिया से बनाये गए ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य महत्वपूर्ण वाहन दस्तावेजों को ऑनलाइन रजिस्टर करवाने का आदेश जारी किया है।

बता दें कि वर्ष 2002 के पहले सभी ड्राइविंग लाइसेंस ऑफलाइन बनते थे। इस प्रक्रिया से बने लाइसेंस का रिकॉर्ड स्थानीय आरटीओ अपने ऑफलाइन रिकॉर्ड या रजिस्टर बुक में रखते थे। हालांकि, अब देश के सभी आरटीओ ऑनलाइन कर दिए गए हैं और वाहनों का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से रखा जा रहा है। ऐसे में ऑफलाइन प्रक्रिया से बने पुराने ड्राइविंग लाइसेंस को अपडेट कराने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बता दें कि वाहन पोर्टल से आप घर बैठे लर्निंग लाइसेंस, रिन्यूवल, डुप्लीकेट या करेक्शन से जुड़े सभी कामों के लिए आवेदन दे सकते हैं। वाहन पोर्टल पर वाहन से जुड़े सभी दस्तावेजों को डिजिटल फॉर्मेट में रखा जाता है। इससे वाहन के रिकॉर्ड की ट्रैकिंग और उससे जुड़े चालान या जुर्माने की जानकारी को निकालना आसान हो जाता है। सूचना के अनुसार, 12 मार्च तक वाहन पोर्टल पर बैकलॉग एंट्री का लिंक खुली रहेगी। इसके बाद यह सुविधा बंद हो जाएगी।

वाहन पोर्टल पर 18 सेवाएं हैं ऑनलाइन
बता दें कि आप वाहन पोर्टल पर कुल 18 सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन दे सकते हैं। इनमें लर्नर लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस अपडेट, वाहन रजिस्ट्रेशन, डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस, लाइसेंस रिन्यूअल, अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस समेत 18 सेवाएं शामिल हैं। बता दें कि वाहन पोर्टल पर इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य है।

पोर्टल पर आवेदनकर्ता को अपनी पहचान का प्रमाण देने के लिए 12 अंक का यूनिक आइडेंटिफिकेशन संख्या को अंकित करना होगा। आधार संख्या नहीं होने पर आधार एनरोलमेंट संख्या से ऑनलाइन कॉन्टैक्टलेस सेवा का लाभ उठाया जा सकता है।

पिछले साल कोरोना महामारी के दौरान स्थानीय ट्रांसपोर्ट केंद्रों (आरटीओ) को ऑनलाइन करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया गया है। ऑनलाइन आरटीओ केंद्र सरकार के वाहन पोर्टल से जुड़े होते हैं और सभी तरह के आवेदनों का डिजिटल रिकॉर्ड रखते हैं।


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