महाराष्ट्र में स्क्रैप किए जाएंगे 20 लाख से अधिक पुराने वाहन, नियमों में हुआ संशोधन
महाराष्ट्र सरकार ने पुराने वाहने को सड़को से हटाने या स्क्रैप करने की मुहिम तेज कर दी है। महाराष्ट्र के परिवहन आयुक्त अविनाश ढ़कने ने कहा कि जैसे ही प्रोसेस डिजटल होगी राज्य में वैज्ञानिक तरीके से 20 लाख वाहनों को स्क्रैप किया जा सकता है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने भी हाल ही में मोटर वाहन (वाहन स्कैपिंग सुविधा के पंजीकरण और कार्य) संशोधन नियम, 2022 पर एक नोटिफिकेशन जारी किया था।

इसमें कहा गया था कि 20 साल से अधिक पुराने निजी वाहनों और 15 वर्ष से अधिक पुराने कॉमर्शियल वाहनों को रद्द किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए वाहन मालिकों पर कोई दबाव नहीं होगा। वाहनों का फिटनेस टेस्ट कराना अनिवार्य होगा।

अगर आपकी गाड़ी फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाती है तो आपको देश भर में 60-70 रजिस्टर्ड स्क्रैप फैसिलिटी में अपनी गाड़ी जमा करवानी होगी। नोटिफिकेशन में आगे कहा गया है कि स्क्रैपिंग केंद्र रिकॉर्ड के तौर पर 10 साल तक के लिए सभी दस्तावेजों की डिजिटल स्कैन की गई कॉपी को बनाए रखेंगे।

वाहन तब तक स्कैप नहीं किए जाएंगे जब तक ईंधन, तेल, एंटी-फ्रीज और अन्य गैसों, तरल पदार्थों को निकाला नहीं जाता और प्रमाणित मानक कंटेनरों में एकत्र नहीं किया जाता है।वाहन पोर्टल पर यह प्रक्रिया की पूरी तरह से डिजिटल होगी और अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र पर इसकी पूरी तरह कागजी कार्रवाई होने से अब लोगों को वाहन स्क्रैपेज में होनी वाली समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा।

जबकि इसके पहले नियम होता था कि वाहन स्क्रैपिंग के लिए पहले आरटीओ जाकर सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होती थी। नए नियमों के मुताबिक किसी भी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के वाहन स्क्रैपिंग सेंटर किसी भी राज्य के रजिस्टर्ड वाहनों को स्क्रैप कर सकते हैं। इसके लिए वाहन मालिकों को केवल स्क्रैपिंग के लिए वाहन पोर्टल पर अपने वाहन को रजिस्टर कराना होगा। परिवहन मंत्रालय के वाहन पोर्टल से पूरे भारत में यह प्रक्रिया होगी।

स्क्रैपिंग पॉलिसी के मुताबिक, अगर किसी के पास 15 साल पुराना कमर्शियल वाहन और 20 साल पुराना निजी वाहन है तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा। उसे आप रोड पर नहीं चला सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता पकड़ा गया तो उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

क्या हैं फायदे
पुरानी गाड़ियां, फिट गाड़ियों के मुकाबले 10-12 गुना ज्यादा पॉल्यूशन करती हैं। ऐसे में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण से कुछ राहत मिलेगी। वहीं पुरानी गाड़ी की तुलना में नई गाड़ियों का माइलेज भी बेहतर होता है, इससे इंधन भी बचेगा।स्क्रेपिंग निति के आने से देश में नए रोजगार भी उत्पन्न होंगे। केंद्र सरकार स्क्रैपिंग नीति के तहत 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली है जिससे 50,000 नौकरियां मिलेंगी।

पुरानी गाड़ी के बदले कस्टमर को क्या मिलेगा
अगर किसी व्यक्ति की गाड़ी फिट नहीं है और 15 साल पुरानी है तो उस व्यक्ति को पुरानी गाड़ी के बदले में एक डिपॉजिट सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इससे आपको पुरानी गाड़ी की स्क्रैप वैल्यू मिलेगी जो नई गाड़ी की शोरूम प्राइस के 5% के बराबर होगी।

इसके अलावा अगर आप नई गाड़ी खरीदते है तो आपको रजिस्ट्रेशन फीस देने की जरूरत नहीं होगी। वहीं राज्य सरकार कस्टमर को प्राइवेट व्हीकल के लिए 25% और कमर्शियल व्हीकल के लिए 15% तक रोड टैक्स छूट दे सकती है।


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