दादी की जान बचाने 11 साल के बच्चे ने चलाई कार, बना हीरो
एक 11 साल के बच्चे ने अपनी दादी की जान बचाने के लिए कार चलाई, अब हीरो बन गया है। पीजे ब्रिवर-ले ने देखा कि जब उसकी दादी थोड़ा अजीब सा महसूस कर रही है और चल नहीं पा रही तो उसने कार चलाने की सोची और दादी को घर ले आया।

यह घटना तब हुई थी जब वह 11 साल का था, यह लड़का इस हफ्ते 12 साल का होने वाला है। वह लड़का अपने पड़ोस के इलाके में गो-कार्ट कर रहा था जब उसकी दादी वाक करने के लिए निकली हुई थी, जब पीजे वहां से गुजर रहा था तो देखा कि उसकी दादी एंजीलिया सड़क पर लगे एक खंबे के बल टिक गयी थी।

उनकी नजर थोड़ी धुंधली हो गयी थी क्योकि उनका ग्लूकोस स्तर बेहद कम 40 मिग्रा तक हो गया था। यह देखकर पीजे तुरंत हरकत में आया और जल्दी से भागकर घर गया और मर्सिडीज बेंज कार को लेकर आ गया ताकि दादी को घर वापस ले जाया जा सके।

एंजीलिया ने बताया कि "मैं एक स्टॉप सिग्न के बल पर टिकी हुई थी, अचानक से मैनें देखा था तो मेरी कार आ रही थी, मेरी मर्सिडीज बेंज मेरे तरफ ही बढ़ रही थी। कार में मैनें जब देखा तो उसे पीजे चला रहा था।" पीजे के पास कोई ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है।

हालांकि पीजे को कार चलानी आती है क्योकि कई बार उसने अपने घर में कार को चलाया है। एंजीलिया ने बताया कि उनका पोता स्टीयरिंग व्हील पर बहुत ही शांत तरीके बैठा हुआ था और उसने इधर-उधर कार नहीं चढ़ाई, सीधे घर लाया और गैराज में रख दिया।

इसके बाद पीजे अपनी दादी को घर के भीतर ले गया और उन्हें ग्लूकोस की टैबलेट दी। एंजीलिया ने फेसबुक पर इस घटना के बारें में लिखा है और कहा है कि "यह लड़का सिर्फ 11 साल का है और अपनी मां से भी बेहतरीन कार चला लेता है।"

उन्होंने बताया कि "जब मैंने पीजे से पूछा कि उसने एसयूवी, कैमरी, ट्रक या कैमरो की चाबी क्यों नही ली। उसने मेरी तरफ देखा और मुस्कुराया और कहा कि जो चाबी मुझे पहली दिखी, वह मैं उठा लाया। हालांकि मैं उसका भरोसा नहीं करती लेकिन धन्यवाद पीजे।"

इस तरह से कई बार ऐसा होता है कि बच्चे भले ही कोई काम करने में माहिर ना हो लेकिन छोटी सी ट्रेनिंग काम आ जाती है। वैसे भारत में कार ड्राइविंग लाइसेंस पाने की उम्र 18 साल है लेकिन अक्सर छोटे उम्र के बच्चे बाइक, कार चलाते देखें जा सकते हैं।
Image Courtesy: 11Alive


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