एचएसआरपी नंबर प्लेट नहीं होने पर लग सकता है जुर्माना, जानिए गुम या खराब होने पर क्या करें
वाहन में उच्च सुरक्षा पंजीकरण प्लेट ( HSRP) बहुत जरूरी होती है। बता दें कि अब सभी नए वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाना अनिवार्य है, जिसके चलते नए वाहनों में वाहन निर्माता और डीलर खुद इसे लगा कर दे रहे हैं। ऐसे में वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट के खराब होने, खो जाने या फिर चोरी होने पर हमें क्या करना चाहिए आज हम इसी के बारे में बता रहे हैं।

सबसे पहले तो आप अपनी खोई हुई नंबर प्लेट को ढूंढने के उसे ट्रैक करने की कोशिश कर सकते हैं। इसके बावजूद यदि वो नहीं मिलती तो इसको नया बनवाने के लिए आपको थोड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है। इसके बावजूद यहां हम कुछ आसान टिप्स बता रहे हैं जो आपको ऐसे स्थिति पैदा होने पर काम आएगी।

1. संबंधित अधिकारी को सूचित करें
नए नियम के मुताबिक वाहन मालिक को अपने वाहनों के हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के चोरी व खो जाने पर पास के संबंधित स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज कराना अनिवार्य है। इसके बाद एचएसआरपी बदलवाने के लिए onlinehsrp.com पर एफआईआर कॉपी को अटैच करके एक ईमेल भेजना होगा। इसके बाद एफआईआर की कॉपी सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के वेबसाइट वाहन -4 पोर्टल में अपलोड करनी होगी।

एक बार आपका आवेदन सत्यापित हो जाने के बाद, आपको अपने पहले की एचएसआरपी ऑर्डर आईडी को रद्द करने और उसे बदलवाने के लिए आवेदन करने के लिए आगे बढ़ने के बारे में बताते हुए एक ईमेल प्राप्त होगा। ध्यान रखें कि यह एक स्वचालित प्रक्रिया नहीं है और इसे पूरा होने में कई दिन और सप्ताह भी लग सकते हैं। बता दें कि वाहन की कैटेगरी के आधार पर एचएसआरपी को बदलवाने में 400 रुपये से 1,100 रुपये के बीच का खर्च होता है।

दरअसल, किसी कार या बाइक की चोरी के बाद पुलिस से बचने के लिए नंबर प्लेट बदल दिए जाते हैं जिससे पुलिस के लिए उस वाहन की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। जबकि एक बार वाहन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लग जाने के बाद उसे निकाला नहीं जा सकता। निकालने की कोशिश करने पर नंबर प्लेट खराब हो जाता है या टूट भी सकता है। सरकार के निर्देशानुसार वाहन से संबंधित डीलरों को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का काम सौंपा गया है।

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में क्रोमियम होलोग्राम स्टीकर का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें वाहन से संबंधित जानकारी जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर, चेसिस नंबर आदि अंकित होती हैं। होलोग्राम स्टीकर में यह जानकारी मशीन से अंकित की जाती है और इसे सिर्फ विशेष रूप से तैयार किये गए मशीन से ही पढ़ा जा सकता है।

इस होलोग्राम स्टीकर को हॉट-स्टांपिंग के जरिये लगाया जाता है। इसका इस्तेमाल फर्जी तरीके से कोई दूसरा न कर पाए इसके लिए इसमें एक लेजर की मदद से दस अंकों का पिन नंबर उकेरा जाता है।

2. गैर-एचएसआरपी नंबर प्लेट बदलने की प्रक्रिया
1 अप्रैल, 2019 से पहले खरीदी गई कारों और बाइकों पर एचएसआरपी नंबर प्लेट होना सरकार की तरफ से अनिवार्य नहीं बनाया गया है। इसके अलावा, उन राज्यों से संबंधित वाहन जहां एचएसआरपी अनिवार्य नहीं है, वहां भी सामान्य प्लेटों को लगवाया जा सकता है।

ऐसे मामले में नंबर प्लेट लगवाना आसान होता है क्योंकि, वाहन मालिक एफआईआर दर्ज करने के बाद किसी भी पास की वर्कशॉप से नई प्लेट प्राप्त कर सकता है। हालांकि, जहां इनके प्लेट को आसानी से बदलवाया तो जा सकता लेकिन गैर-एचएसआरपी वाहनों के चोरी होने की अधिक संभावना होती है क्योंकि, इसमें एचएसआरपी के सुरक्षा फीचर नहीं मिल पाते हैं।

ड्राइवस्पार्क के विचार
हमें एक क्षतिग्रस्त नंबर प्लेट वाले वाहन के उपयोग करने से बचना चाहिए फिर भी किसी कारणवश आप इसका इस्तेमाल कर रहे हैं और आपके पास इसके क्षतिग्रस्त संबंधित एफआईआर है तो यह आपको यातायात अधिकारियों द्वारा जुर्माना लगाने से बचाएगी। इतना ही नहीं नंबर प्लेट खो जाने या चोरी हो जाने की एफआईआर आपकी प्लेट का किसी अपराधिक मामले में हुए गलत इस्तेमाल की स्थिति से भी बचाएगी। इसलिए एचएसआरपी नंबर प्लेट मिलने पर जितना जल्दी हो सके उसे लगवा लेना चाहिए।


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