क्या होता है ब्रेक एसिस्ट सिस्टम और ये कैसे करता है काम?
किसी भी वाहन में ब्रेकिंग एक महत्वपूर्ण फीचर और तकनीक होता है। बिना बेहतर ब्रेकिंग के सुरक्षित ड्राइविंग की परिकल्पना भी नहीं की जा सकती है।
किसी भी वाहन में ब्रेकिंग एक महत्वपूर्ण फीचर और तकनीक होता है। बिना बेहतर ब्रेकिंग के सुरक्षित ड्राइविंग की परिकल्पना भी नहीं की जा सकती है। आज कल वाहनों में ब्रेक एसिस्ट सिस्टम खासा मशहूर हुआ है और ज्यादातर वाहनों में इसका प्रयोग किया जा रहा है। यदि ये कहा जाये कि इमरजेंशी ब्रेक एसिस्ट सिस्टम आज के समय में वाहनों के लिए सबसे जरूरी फीचर है तो गलत नहीं होगा।

ब्रेक एसिस्ट सिस्टम आपके वाहन के ब्रेकिंग प्रणाली को और भी दमदार बनाता है इससे आप एक सेव ड्राइव की पूरी उम्मीद कर सकते हैं। लेकिन ज्यादातर लोगों के जेहन में इसे लेकर भ्रांतियां भी हैं। आज हम आपको अपने इस लेख में इसी बारे में बतायेंगे कि, आखिर ब्रेक एसिस्ट सिस्टम क्या होता है और ये आपके वाहन को तत्काल रोकने में कैसे मदद करता है।

ब्रेक एसिस्ट सिस्टम महज वाहन को रोकने तक की सीमित प्रणाली नहीं है बल्कि ये आपके कार की ब्रेकिंग को और भी बहुत कुछ प्रदान करता है। ब्रेक के अप्लाई करते ही समय पर वाहन के पहियों का रूकना और वाहन को र्पूणतया: संतुलन देना भी इसकी मुख्य विशेषता है। ये केवल मकैनिकल पार्ट को ही बेहतर नहीं बनाता है बल्कि इसकी चालाक तकनीकी आपको बेहतर सुरक्षा भी प्रदान करती है।

आज के समय में ज्यादातर वाहनों में कंपनियां पहले से ही एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम का प्रयोग कर रही है। एबीएस आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। हाल ही में सरकार ने देश के सभी वाहन निर्माताओं को निर्देशित किया था कि आगामी अप्रैल 2019 के बाद एबीएस तकनीकी सभी वाहनों में स्टैंडर्ड बना दिया जायेगा। ज्यादातर वाहन निर्माताओं ने इस विषय पर काम करना भी शुरू कर दिया है और उन्होनें अपने वाहनों में एंटी लॉक ब्रेकिंग यानी की एबीएस का प्रयोग करना भी शुरू कर दिया है।

ब्रेक एसिस्ट कैसे काम करता है -
यदि ब्रेक एसिस्ट की बात करें तो ये एबीएस का एक स्मार्ट वर्जन है यानी की तकनीक रूप से ये उससे भी ज्यादा बेहतर और सुरक्षित है। ब्रेक एसिस्ट का प्रयोग उन वाहनों में किया जाता है जिनमें एबीएस एक स्टैंडर्ड के तौर पर प्रयोग किया गया हो। ब्रेक एसिस्ट सिस्टम में एक सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जाता है जो कि एबीएस को तत्काल प्रभाव से ब्रेक अप्लाई करने के लिए एक स्मार्ट टच प्रदान करता है।

जब भी कभी आप ड्राइव कर रहे होते हैं और अचानक से कोई आपात स्थिती बनती है तो ब्रेक एसिस्ट एबीएस को ज्यादा से ज्यादा ब्रेक फोर्स प्रदान करने के लिए बाध्य करता है। दरअसल, ब्रेक एसिस्ट उस वक्त काम करता है जब वाहन रफ्तार में होता है और चालक अचानक से ब्रेक अप्लाई करता है। उस वक्त ब्रेक एसिस्ट सिस्टम बिना समय गवायें पूरे फोर्स के साथ वाहन के पहियों पर ब्रेक लगाता है। यदि वाहन की रफ्तार सामान्य है और बार बार ब्रेक का प्रयोग हो रहा है तो उस वक्त ये सिस्टम अपना काम नहीं करता है। क्योंकि इसमें प्रयुक्त सॉफ्टवेयर को इस तरह से प्रोग्राम किया गया है की ये आपात स्थिती में ही सक्रिय होता है।

एबीएस और ब्रेक एसिस्ट में क्या हैं अंतर:
ज्यादातर लोगों के जेहन में एबीएस और ब्रेक एसिस्ट को लेकर उहापोह की स्थिती बनी रहती है। हालांकि ये दोनों ही एक दूसरे से पूरी तरह स्वतंत्र प्रणालियां है और दोनों का मैकेनिज्म भी एक दूसरे से बिलकुल अलग है। लेकिन ब्रेक एसिस्ट पूरी तरह एबीएस और एबीएस सेंसर पर ही निर्भर है। किसी भी इमरजेंशी की दशा में ये दोनों एक साथ मिलकर काम करते हैं। ब्रेक एसिस्ट आपात स्थिती को भांप कर एबीएस सेंसर को तत्काल ब्रेक अप्लाई करने के निर्देश देता है। ये सारी प्रक्रिया इतने थोड़े समय में होती है कि किसी को भी इनकी स्पीड का अंदाजा लगा पाना बेहद मुश्किल है। ये दोनों जब एक साथ काम करते हैं तब ब्रेक अप्लाई करने और वाहन के रूकने के बीच की दूरी काफी हद तक घट जाती है। इस दूरी को एमएम में नापा जा सकता है अब आप इसी से इसके पॉवर का अंदाजा लगा सकते हैं।

एबीएस का काम होता है कि वो वाहन के पहियों को रोके और उन्हें धीमें करे। वहीं उसी दौरान ब्रेक एसिस्ट का काम होता है कि वो कि ज्यादा से ज्यादा ब्रेकिंग फोर्स को पहियों पर अप्लाई करे या फिर उस प्रक्रिया को निर्देशित करे। इस दौरान ब्रेक एसिस्ट सिस्टम इस बात पर भी काम करता है कि वाहन को कितनी मात्रा में ब्रेक की जरूरत है ताकि, वाहन को बेहतर संतुलन भी प्रदान किया जा सके। क्योंकि तेज रफ्तार में हार्ड ब्रेकिंग प्रणाली कई बार दुर्घटनाओं का कारण भी बनती है लेकिन ये सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और संतुलित है।

हालांकि इन तमाम आधुनिक तकनीकी के बावजूद इसका एक नुकसान भी है। यदि वाहन चालक कोई जोखिम उठाता है और गलती करता है तो उस दशा में स्थिती नुकसानदेह भी हो सकती है। कभी कभी वाहन चालक पूरी तरह से ब्रेक पैडल का इस्तेमाल नहीं करता है यानी कि वो उतना ब्रेक अप्लाई नहीं करता है जितने की जरूरत होती है। इस स्थिती में वाहन के फिसलने का खतरा होता है लेकिन इसी स्थिती से बचने के लिए ब्रेक एसिस्ट अपना अहम रोल निभाता है और वो तत्काल प्रभाव से पर्याप्त मात्रा में ब्रेक फोर्स वाहन के पहियों पर अप्लाई करता है।

ब्रेक एसिस्ट सिस्टम पर ड्राइवस्पार्क के विचार:
इसमें कोई दो राय नहीं है कि ब्रेक एसिस्ट ब्रेकिंग फोर्स और ब्रेक अप्लाई करने और वाहन के रूकने के बीच की दूरी को कम कर देता है। ये सिद्ध किया गया है कि ब्रेक एसिस्ट एक सामान्य ब्रेक सिस्टम के मुकाबले तकरीबन 20 से 45 प्रतिशत तक ब्रेकिंग दूरी को कम कर देता है। हालांकि भारतीय बाजार के लिए ये थोड़ा मुश्किल भरा जरूर है, क्योंकि भारतीय बाजार में ये तकनीकी केवल महंगी कारों में ही प्रयोग की जाती है। लेकिन जिस प्रकार से हमारे देश में आये दिन दुर्घटनायें होती है उस स्थिती को देखते हुए ये सिस्टम बेहद ही जरूरी है। इसके लिए सरकार ने भी पहल कर दी है। हाल के दिनों में देश भर में रोड़ कंस्ट्रक्शन और इन्फ्रास्ट्रक्चर में भारी बदलाव देखने को मिले है साथ ही सड़क पर वाहनों की संख्या में भी इजाफा देखने को मिला है। इस बीच दुर्घटनाओं की संख्या में भी इजाफा हुआ है क्योंकि रफ्तार अपने साथ जोखिम भी लाता है। इसके लिए इस पर लगाम लगाने के लिए एक प्रभावी प्रणाली का भी होना भी उतना ही जरूरी है। ऐसे में ब्रेक एसिस्ट एक बेहतर विकल्प है।


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