क्या होगा जब कार को ड्राइव करते समय अचानक रिवर्स गियर में डालेंगे?
आज हम आपको बतायेंगे कि, क्या होगा जब आप अपनी चलती हुई कार के बीच में रिवर्स गियर का प्रयोग करेंगे।
इंसानी दिमाग में सवालों और फंतासियों का आना बेहद लाजमी है। जब भी हमारे आस पास कुछ सही तरीके से होता है तो उसके विपरित होने वाली स्थिती के बारे में भी हमारा दिमाग जरूर सोचता है, भले ही वो क्रिया उचित हो या न हो। मसलन, कई बार आपके दिमाग में भी ऐसा आया होगा कि, उस वक्त क्या होगा जब आप कार ड्राइव करते समय अचानक से कार को रिवर्स गियर में डाल दें।

ऐसा ही एक सवाल हमारे एक पाठक द्वारा भी हमसे पूछा गया, और ड्राइवस्पार्क का ये टिप्स सेक्शन अपने पाठकों की जरूरत और सवालों का पूरा ख्याल रखता है। हमने भी अपने पाठक के इस सवाल पर रिसर्च किया और प्रयोग भी किया जिससे निकलने वाले परिणामों के साथ आज हम आपके बीच मौजूद हैं। आज हम आपको बतायेंगे कि, क्या होगा जब आप अपनी चलती हुई कार के बीच में रिवर्स गियर का प्रयोग करेंगे।

लेकिन इस सवाल के जवाब को ढूढ़ने से पहले इस बात की तस्दीक कर लेना बहुत ही जरूरी है कि आपकी कार किस प्रकार की है। यानी की वो मैनुअल ट्रांसमिशन गियरबॉक्स वाली है या फिर आॅटोमेटिक ट्रांसमिशन गियर बॉक्स से लैस है। हम यहां पर दोनों ही तरह के ट्रांसमिशन गियरबॉक्स वाली कारों के बारे में बतायेंगे।

1. आॅटोमेटिक कार में रिवर्स गियर डालने पर क्या होगा।
यदि आप एक आॅटोमेटिक ट्रांसमिशन वाली कार को ड्राइव कर रहे हैं और ड्राइव करते समय आप अपनी कार को अचानक रिवर्स गियर में डालते हैं तो यकिन मानिए कुछ भी ऐसा नहीं होगा जिससे आपको परेशानी का सामना करना पड़े। दरअसल आॅटोमेटिक कारों के ट्रांसमिशन गियरबॉक्स को इस प्रकार से प्रोग्राम किया गया रहता है कि, ये लीवर द्वारा दिये गये कमांड पर पूरी सटीक तरह से रिस्पांस देती है। आॅटोमेटिक कार में 'रिवर्स इनहिबिट' तकनीकी का इस्तेमाल किया जाता है, जो कि वाहन को कमांड को फॉलो करने के लिए निर्देशित करता है।

यानी की आपकी आॅटोमेटिक कार भले ही रफ्तार में हो यदि उस समय भी आप रिवर्स गियर का प्रयोग करते हैं तो वाहन का ट्रांसमिशन उसी के अनुसार रिएक्ट करता है। इस दौरान कुछ आॅटोमेटिक कारों के रिवर्स कैमरा आॅन हो जाता है और कुछ कारों में डिस्पले पर नोटिफिकेशन शो करता है कि, आपने रिवर्स गियर का चुनाव किया है क्या आप ऐसा करना चाहते हैं और इस दौरान कार की गति धीमें होने लगती है और तब तक कार रिवर्स होने के लिए रिएक्ट नहीं करती है जब तक कार रिवर्स होने के लिए प्रोग्राम किये गये निर्धारित गति पर नहीं आ जाती है। जब कार एक निर्धारित और सुरक्षित गति पर आ जाती है तब कार में रिवर्स एक्शन होना संभव हो पाता है। यानी की आॅटोमेटिक कारों में ड्राइव के दौरान रिवर्स गियर का इस्तेमाल करना किसी भी तरह से आपको मुश्किल में नहीं डालता है।

2. मॉडर्न मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कारें:
आज के समय में सड़कों पर मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कारों की संख्या सबसे ज्यादा है। यदि आप ऐसी किसी कार को ड्राइव कर रहे हैं जिसमें मैनुअली गियर शिफ्टिंग की जाती है तो आपको विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। क्योंकि आॅटोमेटिक कारों की तुलना में मैनुअल कारों में ड्राइव के दौरान रिवर्स गियर के इस्तेमाल का परिणाम थोड़ा अलग होता है।

सबसे पहले आपको बता दें कि, मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कार में फिजीकल लॉक होते हैं।इसलिए, जब कोई ड्राइविंग करते समय गियर को रिवर्स में स्थानांतरित करने का प्रयास करता है, तो यह लगभग असंभव होता है। यानी की गियर का लीवर रिवर्स होने में थोड़ी कठिनाई पैदा करता है। हालांकि, अगर इसके बावजूद भी आप कार को आगे बढ़ते समय रिवर्स गियर में बदलने के लिए लीवर पर प्रेशर डालते हैं तो इसका मतलब है कि आप कार की प्रणाली को कुछ ऐसा करने के लिए मजबूर कर रहे हैं जो वह करने के इच्छुक नहीं है।

वहीं दूसरे शब्दों में, यदि आप बावजूद इसके ड्राइव करते समय रिवर्स गियर का इस्तेमाल करते हैं तो यह ट्रांसमिशन सिस्टम के लिए खतरनाक हो सकता है। तकनीकी रूप से, मैन्युअल कार में सिंक्रनाइज़र्स इस तरह से डिज़ाइन किए गए हैं कि वे केवल एक स्मूथ ड्राइव के लिए ट्रांसमिशन गति को बदल दें। तो, इस मामले में, जब रिवर्स गियर का प्रयास किया जाता है, तो सिंक्रनाइज़र्स शाफ्ट गति से मेल खाने का प्रयास करते हैं। यानी की आपकी कार आगे बढ़ रही होती है लेकिन आप उसे पीछे जाने के लिए बाध्य यानी की रिवर्स गियर में डालने की कोशिश करते हैं। तो इस दौरान गियर ट्रांसमिशन के दौरान घर्षण होता है और भारी मात्रा में गर्मी पैदा होती है। जिससे गियर शॉफ्ट से भारी आवाज और धुआं भी निकल सकता है। सीधे शब्दों में कहें, ऐसा करने पर ट्रांसमिशन सिस्टम के साथ कार के बहुत सारे पार्ट्स में बहुत अधिक संभावित नुकसान हो सकता है। इसके अलावा आपकी कार का संतुलन भी बिगड़ सकता है जो कि एक दुर्घटना का कारण बन सकता है।

3. पुरानी कारों में क्या होगा:
यदि यही प्रक्रिया पुरानी कारों में किया जाये, यानी की उन्हें ड्राइव करते समय अचानक से रिवर्स गियर में डाला जाये तो क्या होगा। दरअसल पुरानी कारों में 'रिवर्स इनहिबिट' फंक्शन का प्रयोग नहीं किया जाता था। तो यदि आप पुरानी कार को ड्राइव करते समय रिवर्स गियर का इस्तेमाल करते हैं तो पहली बात तो ये कि, ये थोड़ा मुश्किल होगा। लेकिन यदि फिर भी आप लीवर को प्रेशर देते हैं तो ऐसी दशा में इंजन को रोक देगा और कार की गति अचानक से धीमी हो जायेगी और कार न्यूट्रल पोजिशन में आ जायेगी। इससे कार के इंजन और ट्रांसमिशन सिस्टम दोनों को बहुत संभावित नुकसान हो सकता है।

हमें उम्मीद है कि, हम आपके जिज्ञासा को शांत करने में सक्षम हुए होंगे। तो यदि आपके दिमाग में भी कुछ ऐसे जिज्ञासू प्रश्न है तो आप हमें हमारे कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं हम एक लेख के माध्यम से आपके सवालों का जवाब देंगे। आपको बता दें कि, वाहन एक मशीन होता है और ये ठीक एक इंसानी जिस्म की ही तरह तमाम तरह के घटकों के साथ मिलकर बना होता है तो इसलिए इसका ख्याल रखना भी बेहद ही जरूरी होता है। सचेत रहें, सुरक्षित रहें।


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