भारी ट्रैफिक जाम में ऐसे चलायें गाड़ी कभी नहीं होगी परेशानी
देश की सरकार और यातायात विभाग इससे निपटने के लिए फ्लाईओवर या चौड़ी सड़कों के निर्माण में लगे हैं। लेकिन इसका कुछ खास फायदा मिलता नहीं दिख रहा है।
आज के समय में सड़कों पर लगातार बढ़ते वाहनों की संख्या और सबके बीच आगे निकलने की होड़ ने जाम जैसी भयावह स्थिती को उत्पन्न कर दिया है। हर कोई घर से निकलते समय यही सोचता है कि, कहीं वो भारी ट्रैफिक जाम में न फंस जाये नहीं तो मिनटों की यात्रा घंटों में तब्दील हो जायेगी। ट्रैफिक जाम की वजह से लोगों के भीतर चिड़चिड़ापन भी खूब देखने को मिलता है जिसका असर लोगों के दैनिक काम पर भी पड़ता है।

हालांकि देश की सरकार और यातायात विभाग इससे निपटने के लिए फ्लाईओवर या चौड़ी सड़कों के निर्माण में लगे हैं। लेकिन इसका कुछ खास फायदा मिलता नहीं दिख रहा है। तो यदि आप भी ट्रैफिक की समस्या से हर रोज दो चार होते हैं तो ये लेख आपकी पूरी मदद करेगा। आज हम आपको बतायेंगे कि भारी ट्रैफिक में किस तरह से आप ड्राइविंग कर सकते हैं -

आसानी से करें क्लच का इस्तेमाल:
आमतौर पर ऐसा देखा जाता है कि, लोग बहुतायत क्लच का इस्तेमाल करते रहते हैं। कुछ लोग तो हर वक्त क्लच के लीवर को दबाये रहते हैं। आपको बता दें कि, ये बेहद ही खतरनाक होता है। क्योंकि जब आप हमेशा क्लच दबाये रहते हैं उससे क्लच प्लेट के जलने की पूरी संभावना होती है। क्योंकि ब्रेक और क्लच दोनों का एक साथ लंबे समय तक प्रयोग करना गाड़ी के मशीनरी को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा क्लच के प्रयोग के दौरान गाड़ी का ट्रांसमिशन बॉक्स पूरी तरह फ्री होता है और इस दौरान यदि गाड़ी ढ़लान पर होती है तो वो आगे भी बढ़ सकती है।

जब भी आप ट्रैफिक में हों और आपको गाड़ी रोकनी हो तो उस वक्त क्लच का इस्तेमाल करने के बाद गाड़ी को न्यूट्रल में कर लें और फिर ब्रेक का इस्तेमाल करें। भारी ट्रैफिक में ड्राइव करने का सबसे बढ़िया तरीका यही होता है कि, आप अपनी कार के क्लच को दबायें और पहला गियर लगाने के बाद क्लच को पूरा छोड़ दें उस पर किसी भी प्रकार का दबाव न रखें। इसके बाद यदि फिर गाड़ी रोकने की जरूर पड़ें तो ब्रेक से गति को धीमा करते हुए क्लच दबायें और गाड़ी को न्यूट्रल करें। ऐसा करने से आपके कार के क्लच प्लेट की लाइफ और भी ज्यादा होगी।

कभी भी तेजी से ब्रेक अप्लाई न करें हमेशा धीमें गति से ब्रेक का अप्लाई करें ताकि आपके पीछे आने वाली कार को भी इतना समय मिल सके कि वो भी ब्रेक अप्लाई कर सके। यदि आप एक झटके में ब्रेक अप्लाई करेंगे तो निश्चय ही टक्कर होने की संभावना बढ़ेगी। इसलिए जल्दबाजी को छोड़कर स्मूथ ड्राइविंग करें इससे आपकी और आपके कार दोनों ही सेहत बेहतर रहेगी।

आॅटोमेटिक कार का करें प्रयोग:
समय के साथ हर चीज बदलती जा रही है अब मैनुअल कारों के बजाय आॅटोमेटिक ट्रांसमिशन वाली कारों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। यदि आप भी भारी ट्रैफिक में बिना किसी परेशानी के कार ड्राइव करना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि, आप भी आॅटोमेटिक ट्रांसमिशन वाली कार का चुनाव करें। हालांकि डीजल वैरिएंट में ये कारें सस्ती नहीं है लेकिन पेट्रोल वर्जन में आपके लिए मारुति सुजुकी सेलेरियो, रेनो क्विड, हुंडई आई 10 जैसे बहुत से विकल्प मौजूद हैं। इतना ही नहीं आप आॅटोमेटिक पेट्रोल कार को सीएनजी में भी कनवर्ट करा सकते हैं।

आउट साइड रियर व्यू मिरर का प्रयोग:
ऐसा देखा जाता है कि, कुछ लोग साइड मिरर को महज एक एक्ससरीज के तौर पर देखते हैं जैसे उन्हें उससे खास लाभ नहीं मिलने वाला है। लेकिन ऐसा बिलकुन नहीं है यदि आप साइड मिरर का प्रयोग करना शुरू कर देंगे तो न केवल आपकी ड्राइविंग स्कील मजबूत होगी बल्कि आपका आपके वाहन पर नियंत्रण भी बेहतर होगा। ट्रैफिक के टाइम यदि आप साइड मिरर का प्रयोग करते हैं तो आप आसानी से आपको ओवरटेक करने वाले वाहनों पर नजर रख सकेंगे। ट्रैफिक के टाइम दोपहिया वाहन बहुत ही चालाकी से आपकी कार के पीछे से निकल कर अपना रास्ता बना लेते हैं लेकिन उनकी इस चालाकी से आपका रास्ता ब्लॉक हो जाता है। इसलिए साइड मिरर का प्रयोग करें और ऐसे किसी भी स्थिती से आसानी से छुटकारा पायें।

लेन रूल का पालन करें:
भारतीय सड़कों पर ऐसा शायद ही देखने को मिले। लोग ट्रैफिक के समय और भी ज्यादा जल्दबाजी करने लगते हैं और बिना किसी रोक टोक अपनी लेन छोड़कर दूसरी लेन में प्रवेश कर जाते हैं जिसके कारण ट्रैफिक और भी बढ़ जाता है। इसलिए भूलकर भी कभी अपनी लेन न छोडें और दूसरों को भी ऐसा करने से मना करें।

जीपीएस का प्रयोग करें:
यदि आप किसी ऐसे इलाके में ड्राइव कर रहे हैं जहां के रास्तों और सड़कों से आप बहुत ज्यादा ताल्लूक न रखते हों तो जीपीएस का प्रयोग करें। जीपीएस पर आपको लाइव ट्रैफिक की भी जानकारी मिलती रहेगी जिससे आप ऐसे रास्तों का चुनाव कर सकेंगे जहां ट्रैफिक न हो।

भ्रमित न हों:
ट्रैफिक के दौरान कभी भी बिना जाने समझें शॉर्ट कट न लें। इससे आपकी समस्या और भी बढ़ सकती है। इसलिए बिना भ्रमित हुए स्मूथ ड्राइविंग करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। कई बार लो शॉर्ट कट लेने के चक्कर में ऐसे रास्तों की तरफ चले जाते हैं जहां पर मुश्किलें पहले से भी ज्यादा होती हैं। इसलिए ऐसा करने से बचें।


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