Car Safety Features: कार खरीदने से पहले जरूर करें इन 10 सुरक्षा फीचर्स की जांच
कार खरीदते समय ज्यादातर लोग कार की माइलेज और सुविधाओं को तो देखते हैं लेकिन वह सेफ्टी फीचर्स के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। कार में सेफ्टी फीचर्स की कमी, कार में सफर कर रहे यात्रियों के लिए खतरा बढ़ा देती है। एंट्री लेवल कारों में सबसे कम सेफ्टी फीचर्स दिए जाते हैं जिससे उस कार में सफर करने वाले लोगों पर दुर्घटना के समय गंभीर रूप से घायल होने का खतरा अधिक होता है।

हालांकि, कार यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा कई नए नियम लाए गए हैं, लेकिन अभी भी एंट्री लेवल कारों में कई सुरक्षा फीचर्स से समझौता किया जा रहा है। अगर आप भी कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यहां हम आपको बताएंगे कुछ महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर्स के बारे में जो आपकी कार में जरूर होने चाहिए।

1. डुअल फ्रंट एयरबैग्स
भारत में अब कारों में डुअल फ्रंट एयरबैग देना अनिवार्य कर दिया गया है। अब कार कंपनियां एंट्री-लेवल कारों में ड्राइवर साइड एयरबैग के साथ फ्रंट पैसेंजर साइड पैसेंजर एयरबैग भी दे रही हैं। दुर्घटना के समय एयरबैग कार के ड्राइवर और यात्रियों को गंभीर चोटों से बचाते हैं। एक्सिडेंट होने पर एयरबैग यूनिट में छोटा सा एक्सप्लोजन होता है जिसके बाद बैग्स में तेजी से हवा भरती है और यह एयरबैग ऑक्युपेंट के लिए कुशन का काम करता है।

2. सीट बेल्ट प्री-टेंशनर
सीट बेल्ट प्री-टेंशनर एक्सीडेंट के समय यात्री को सीट पर बने रहने पर मदद करता है। अचानक से ब्रेक लगाने पर या क्रैश होने पर सीटबेल्ट प्री-टेंशनर यात्री की पोजीशन सीट पर बनाये रखता है। इससे यात्री को गंभीर चोट लगने की संभावना कम हो जाती है। अगर एक्सीडेंट में कार पलट जाए तो ऐसी स्थिति में भी सीट बेल्ट यात्री को सीट से अलग नहीं होने देता। आजकल सभी कारों में सीट बेल्ट प्री-टेंशनर दिए जा रहे हैं।

3. स्पीड सेंसिंग डोर लॉक
स्पीड सेंसिंग डोर लॉक आजकल की कारों में मिलने वाला बेहद महत्वपूर्ण फीचर है। अगर आप कार स्टार्ट कर दरवाजों को ठीक तरह से बंद करना भूल जाते हैं, तो यह फीचर कार के एक निश्चित स्पीड पर पहुंचते ही दरवाजों के लॉक को अपने आप बंद कर देता है। अगर आप कार में छोटे बच्चों के साथ सफर करते हैं तो यह फीचर बेहद महत्वपूर्ण है।

4. स्पीड सेंसिंग डोर अनलॉक
स्पीड सेंसिंग डोर अनलॉक कार के दुर्घटनाग्रस्त होने पर काम आता है। अगर कार क्रैश हो जाती है तो यह सिस्टम कार की स्थिति हो समझते हुए अपने आप दरवाजों को अनलॉक कर देता है, जिससे अंदर बैठे यात्रियों को कार से जल्दी से जल्दी बाहर निकलने में मदद मिलती है।

5. एबीएस-ईबीडी
एबीएस-ईबीडी कार की सेफ्टी के लिए ब्रेकिंग से संबंधित एक महत्वपूर्ण फीचर है। हालांकि, भारत में बेची जाने वाली अधिकतर कारों में यह फीचर नहीं मिलता। एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम यानी एबीएस अचानक से ब्रेक लगाते समय कार के पहियों को लॉक होने से बचाता है जिससे कार अनियंत्रित होने से बच जाती है और ड्राइवर को कार मोड़कर खतरे से बचने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है।

एबीएस के साथ इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम यानी ईबीएस भी दिया जाता है। यह सिस्टम कार ड्राइवर के ब्रेक लगाने पर ब्रेकिंग के दबाव को चरों पहियों पर बराबर बांट देता है, जिससे अचानक ब्रेक लगाने पर कार नियंत्रण से बहार नहीं होती।

6. रिवर्स पार्किंग सेंसर
तंग जगहों पर कार पार्क करते समय रिवर्स पार्किंग सेंसर काफी मदद करते हैं। केवल कार पार्क करते समय भी नहीं बल्कि अगर कार के पीछे कोई व्यक्ति भी खड़ा हो तब भी रिवर्स पार्किंग सेंसर अलार्म के जरिये ड्राइवर को सावधान करते हैं।

7. रिवर्स पार्किंग कैमरा
रिवर्स पार्किंग सेंसर के जैसे रिवर्स पार्किंग कैमरा पर भी कार पार्क करते समय काम आता है। कार में रिवर्स गियर लगाते ही रियर पार्किंग कैमरा ऑन हो जाता है और कार के अंदर डिस्प्ले पर आपको पीछे का दृश्य मिलने लगता है। यह फीचर कार को पार्क करते समय काम आता है।

8. कॉर्नरिंग स्टेबिलिटी कंट्रोल
कॉर्नरिंग स्टेबिलिटी कंट्रोल यानी सीएससी, तेज रफ्तार में कार को कोनो पर मोड़ते समय उसके नियंत्रण को बनाए रखता है। यह कार को सड़क के कोनो पर पलटने और स्किड करने से बचाता है। कार में अचानक से ब्रेक लगाने पर यह सिस्टम कार के पहियों की गति को समझते हुए ब्रेक फोर्स को बांट देता है।

9. रिइनफोर्स्ड बी-पिलर
कार को सबसे ज्यादा नुकसान आमने-सामने की टक्कर में होता है। आजकल की कई मॉडर्न कारों के A और B पिलर रिइनफोर्स्ड स्टील से बनाए जाते हैं जो सामने से कार के ढांचे को ज्यादा मजबूती प्रदान करते हैं। कार में रिइनफोर्स्ड स्टील के इस्तेमाल से कार की क्रैश सहने की क्षमता भी बढ़ जाती है।

10. आइसोफिक्स चाइल्ड एंकर
यह आजकल की कारों में मिलने वाला एक महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर है जो नवजात और छोटे बच्चों के लिए है। हालांकि, भारत में यह फीचर एंट्री लेवल कारों में नहीं दिया जाता है। आइसोफिक्स चाइल्ड एंकर की मदद से कार में चाइल्ड सीट को लगाया जा सकता है। चाइल्ड सीट के इस्तेमाल से कार में सफर करने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा बढ़ जाती है।


Click it and Unblock the Notifications








