नजरअंदाज न करें- पुरानी कार खरीदते समय हो सकते हैं ये 10 बड़े नुकसान
पुरानी कार खरीदना कोई गलत बात नहीं होती है, बशर्ते कि कोई गलती न की जाये तब। आप सोच रहे होंगे कि, भला कार खरीदते समय कोई कैसे गलती कर सकता है।
कार खरीदने का सपना हर व्यक्ति का होता है। हर कोई चाहता है कि, वो एक अदद कार का मालिक हो और अपने सपनों की कार में बैठकर वो सड़कों पर फर्राटा भरे। लेकिन इस महंगाई के दौर में हर किसी के लिए नई कार खरीदना संभव नहीं हो पाता है। इसलिए कुछ लोग पुरानी कार खरीद कर ही अपने इस शौक को पूरा करते हैं।

पुरानी कार खरीदना कोई गलत बात नहीं होती है, बशर्ते कि कोई गलती न की जाये तब। आप सोच रहे होंगे कि, भला कार खरीदते समय कोई कैसे गलती कर सकता है। आज हम आपको अपने इस लेख में उन्हीं 10 बड़ी गलतियों के बारे में बतायेंगे जो कि आपके लिए परेशानी का सबब बन सकती हैं, तो आइये जानते हैं उन 10 बड़े खतरों के बारे में -

1. चोरी की कार:
पुरानी कार खरीदते समय सबसे बड़ा खतरा यही रहता है कि, क्या आपने इस बात की तस्दीक कर ली है कि जो कार आप खरीदने जा रहे हैं वो कार आप उसके असली मालिक के हाथों ही खरीद रहे हैं। आज के समय में बहुत से लोग सस्ती कार खरीदने के चक्कर में ऐसी कार खरीद लेते हैं जो कि चोरी की होती है। बाजार में बहुतायत ऐसे ब्रोकर मौजूद हैं जो अपनी चिकनी चुपड़ी बातों में ग्राहकों को फंसा कर चोरी के वाहनों की बिक्री कर रहे हैं। बाद में इस बात का पता चलने पर कार खरीदने वाले को खासी परेशानी का सामाना करना पड़ता है। तो कार खरीदते समय इस बात की पूरी जानकारी हासिल कर लें कि,आप कार एक विश्वसनीय जगह से ही खरीद रहे हैं।

2. दुर्घटनाग्रस्त वाहन:
ऐसा भी देखा जाता है कि, कुछ लोग अपनी कार को बस इसलिये बेचना चाहते हैं क्योंकि उनकी कार किसी बड़ी दुर्घटना की शिकार हो चुकी होती है। ऐसी दशा में कार के मुख्य स्पेयर पार्ट्स को खासा नुकसान पहुंचा होता है जो भविष्य में चलकर खर्चीला साबित होने वाला हेाता है। इस तरह से लोग बिना किसी दुर्घटना के बारे में बताये अपनी कार को बेच देते हैं। इसलिए आप जब भी कार खरीदें तो ऐसी कंपनियों से खरीदें जो आपको व्हीकल हिस्ट्री डिटेल प्रोवाइड करायें जिससे आपको वाहन के साथ हुई किसी भी प्रकार की दुर्घटना के बारे में पता चल सके।

3. खस्ताहाल वाहन:
कई कार मालिक अपनी खस्ताहाल कार को भी बेचने का प्रयास करते हैं। खराब ड्राइविंग और समय पर सर्विसिंग न किये जाने के कारण उनकी कार की हालत खराब हो चुकी होती है। लेकिन बाहर से वो कार को मेंटेन रखते हैं। ऐसे कार विक्रेताओं से बच पाना थोड़ा मुश्किल होता है। लेकिन जब भी कभी आप किसी ऐसे कार विक्रेता से टकरायें तो अपने साथ किसी ऐसे व्यक्ति को साथ में रखें जिसे कार के बारे में जानकारी हो। कोशिश करें कि, यदि कोई मकैनिक आपके साथ कार की ड्राइविंग ले सके तो वो आपको आसानी से कार की स्थिती के बारे में सही जानकारी दे सकता है।

4. कम वॉरंटी:
पुरानी कार खरीदने में ये एक और बड़ी समस्या होती है जिससे आपको दो चार होना पड़ता है। चूकिं नई कार के साथ कंपनी लंबे समय की वॉरंटी प्रदान करती है। लेकिन जैसे जैसे कार पुरानी होती जाती है कार की वॉरंटी की अवधि खत्म होती जाती है। ऐसे में यदि आप कार खरीदते हैं तो आपके पास कम वॉरंटी ही रह जाती है। इसलिए कार खरीदने से पहले उसके मॉडल और वॉरंटी के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लें।

5. कीमत में कम लेकिन मेंटेनेंस में हाई कारें:
कोई भी ग्राहक पुरानी कारों की तरफ तभी रूख करता है जब वो उस मॉडल की उंची कीमत नहीं दे सकता है। ऐसे में कई कार विक्रेता ऐसी महंगी कारों पर आॅफर देते हैं और उन्हें कम कीमत में बेचने की बात करते हैं। लेकिन आपको बता दें कि, ऐसी कारों के पीछे उनकी मेंटेनेंस कॉस्ट छुपी होती है। आप एक बार कार कम कीमत में खरीद तो लेंगे लेकिन आपको लंबे समय तक उसकी मेंटेनेंस में पैसे खर्च करने होंगे। इसलिए जब भी कोई आपको ऐसी कीमत में कार बेचने की बात करे जो कि आपकी नजर में बेहद ही कम हो तो उस वक्त कार की कंडिशन के बारे में जरूर तस्दीक कर लें।

6.स्पेयर पार्ट्स की समस्या:
पुरानी कार खरीदने में एक और बड़ी समस्या जो सामने आती है वो है स्पेयर पार्ट्स की। क्योंकि कई बार पुराने मॉडल्स का उत्पादन कंपनी बंद कर देती है लेकिन सड़कों पर वो मॉडल अब भी मौजूद रहते हैं। यदि आप भी ऐसी किसी मॉडल को खरीद लेते हैं और आपकी कार में कोई खराबी आती है और आपको मकैनिक स्पेयर पार्ट्स को बदलने की सलाह देता है। ऐसे में आपको स्पेयर पार्ट्स मिलना मुश्किल हो जाता है। या फिर यदि मिलता भी है उनकी क्वॉलिटी और कीमत दोनों में ही भारी अंतर देखने को मिलता है।

7. रफली यूज्ड कारें:
कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है कि कुछ लोग गाड़ी खरीदने के साल या फिर दो साल के भीतर ही उसे बेच देते हैं। इसके पीछे एक कारण ये छिपा होता है कि, वो गाड़ी को लंबे समय तक के लिए अपने पास नहीं रखना चाहते थें। ऐसे में वो अपनी गाड़ी को बहुत ही रफली हैंडल करते हैं, खराब ड्राइविंग, ओवरलोडिंग या फिर समय पर सर्विसिंग न कराना ऐसी बहुत सी बाते हैं जिनका ध्यान वो कार मालिक नहीं रखता है। क्योंकि वो अपनी कार को लंबे समय तक अपने पास नहीं रखना चाहता था। ऐसे विक्रेता कार को हाल ही में खरीदा हुआ बताकर ग्राहक से उंची कीमत ऐठने की कोशिश करते हैं।

8. जंग लगी कार:
कुछ वाहन विक्रेता कार को बेचने से पहले उसे अच्छा दिखने के लिए कार में डेंटिंग का काम कराते हैं। इस दौरान वो कार में जंग लगे हिस्सों को पेंट से छुपाने की कोशिश करते हैं। ध्यान रखें कि, कार को खरीदते समय उसके हर हिस्से की ठीक प्रकार से जांच कर लें। यदि आपको थोड़ा सा भी जंग दिखता है तो ऐसी कार न खरीदें। क्योंकि मेटेल पर एक बार जंग लग जाती है तो फिर उसकी लाइफ खत्म होने लगती है।

9. फ्रॉड विक्रेता:
इस समय बाजार में ऐसे भी कई सेकेंड हैंड कार विक्रेता मौजूद हैं जो बड़ी बड़ी होर्डिंगों को इस्तेमाल कर ग्राहकों को आकर्षित करने में लगे हैं। हाल ही में कुछ ऐसे मामले सामने आये हैं जहां पर कार डीलर्स ने चोरी की कारों की बिक्री की है। इसलिए कार खरीदते समय सबसे पहले डीलर्स के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लें। इसके बाद कार के दस्तावेजों की भी पूरी तस्दीक कर लें। पूरी तसल्ली के बाद ही कार खरीदें।

10. पुलिस वेरिफिकेशन:
आप सोच रहे होंगे कि, भला कार खरीदने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन की क्या जरूरत है। आपको बता दें कि, कुछ कार विक्रेता अपनी कार को इसलिए बेचना चाहते हैं क्योंकि उनकी कार किसी अपराधिक मामले में शामिल होती है मसलन, हिट एंड रन केस, ड्रग्स ट्रांस्पोर्टेशन आदि। इसलिए कार खरीदने से पहले उसका पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करा लें। ताकि आप ऐसी कार खरीदने से बच जायें जो किसी भी तरह के अपराधिक मामले में शामिल हो।


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