Second Hand Bike Purchasing Tips: सेकेंड हैंड बाइक खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी टिप्स
अक्सर लोग पैसे बचाने के लिए सेकेंड हैंड बाइक खरीदते हैं। सेकेंड हैंड बाइक खरीदने का अनुभव नई बाइक खरीदने जैसा नहीं होता लेकिन आपका काम निकल जाए तो क्या हर्ज है। कई लोग पुरानी बाइक खरीदते समय ठीक तरीके से जांच पड़ताल नहीं करते जिसके कारण बाद में बाइक परेशानी उत्पन्न करने लगती है।
कई बार सस्ती सेकेंड हैंड बाइक चोरी की निकल जाती है जिस वजह से आपको अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए पुलिस थाने के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। आज हम बात करेंगे कुछ टिप्स के बारे में जिन्हे सेकेंड हैंड बाइक खरीदने के पहले हमेशा ध्यान में रखना चाहिए -

रिसर्च करें
पुरानी बाइक खरीद रहे है तो सबसे पहले बाइक के बारे में अच्छी रिसर्च कर लें। रिसर्च के मतलब है कि बाइक के मॉडल की पड़ताल करें कि यह चालू है या बंद हो गई है। बंद मॉडल की बाइक के स्पेयर पार्ट्स मिलने में परेशानी का सामना काना पड़ सकता है। यह बाइक देख लें कि बाइक कहीं मॉडिफाई तो नहीं है या इसमें कोई बदलाव तो नहीं किया गया है। बाइक मॉडिफाई कराने पर उसकी वारंटी समाप्त हो जाती है, इस बात का जरूर ध्यान रखें।

एक्सीडेंटल तो नहीं है बाइक?
सेकेंड हैंड बाइक लेने आये हैं तो बाइक के डिजाइन को अच्छी तरह से जांच लें। यह देखें की बाइक में कहीं डेंट या एक्सीडेंट के निशान तो नहीं हैं। यह भी देख लें कि बाइक कहीं से टेढ़ी या पचकी हुई तो नहीं है। बाइक के रिम, सॉकर व हैंडल की अच्छी तरह जांच कर लें।

स्टार्ट करें बाइक
एक्सपर्ट्स का मानना है कि पुरानी बाइक लेते समय सबसे पहले बाइक को किक मार कर स्टार्ट करके देखें। बाइक स्टार्ट करने से पता चलता है कि इंजन कैसा काम कर रहा है। बाइक अगर दो-तीन किक से अधिक लगाने के बाद भी स्टार्ट नहीं हो रही है तो इसके इंजन में या किक में समस्या हो सकती है। हालांकि, ठंड के मौसम में नई बाइक भी कभी-कभी तीन-चार से अधिक कीच में स्टार्ट होती है।

चेसिस और इंजन नंबर जांच लें
पुरानी बाइक का इंजन नंबर और चेसिस नंबर ओनर के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट से मिलाना न भूलें। ऑनलाइन सेकेंड हैंड बाइक खरीदते समय कुछ लोग बाइक बदल कर खरीदने वाले को धोखा देते हैं। बाइक के नंबर प्लेट का भी ड्राइविंग लाइसेंस से मिलान करें। इंश्योरेंस कंपनी से पता करें कि बाइक एक्सीडेंटल तो नहीं है। आप नजदीकी आरटीओ से बाइक की डिटेल भी निकलवा सकते हैं।

मेंटेनेंस रिकॉर्ड
बाइक का मेंटेनेंस रिकॉर्ड ओनर से मांगना न भूलें। पता करें कि बाइक की समय पर सर्विसिंग हुई है या नहीं। अगर सर्विसंग का रिकॉर्ड नहीं है तो ओनर से पूछें कि बाइक साल में कितनी बार और कहां पर सर्विसंग के लिए गई है।

टेस्ट राइड जरूर लें
बाइक की टेस्ट राइड लेकर जरूर देखें और हो सके तो बाइक को खुद चलकर देखें। चलते समय बाइक की गियर, क्लच एक्सेलरेटर, सस्पेंशन, इंडिकेटर, हेडलाइट, टेललाइट और हैंडल की जांच करें। यह भी देखें कि चलाते समय बाइक किसी एक तरफ ज्यादा तो नहीं झुक रही या कहीं से आवाज नहीं आ रही।

मोलभाव
पुरानी बाइक खरीदते समय ओनर से मोलभाव करने में बिलकुल शर्म नहीं करें। बाइक कितनी चली है या उसके कंडीशन के हिसाब से ओनर को अपना रेट बता सकते हैं। कीमत तय कर लेने के बाद ओनर से जरूरी कागजात पर दस्तखत करवाना नहीं भूलें। संतुष्ट होने पर ही डील पक्की करें।


Click it and Unblock the Notifications








