TIPS : ये तरीके आज़माइए और पाइए हज़ारों रुपए की सालाना ईंधन बचत
पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही है। आए दिन कीमतों में इजाफा हो रहा है। एेसे में ये जरूरी है कि अपने वाहन का ईंधन बचाया जाए। ईंधन की बचत से आप अपने बजट को भी यथा संभव संभाल पाएंगे। Car Review : पढ़ें फॉक्सवैगन एमियो 1.2 लीटर पेट्रोल वर्जन कार का रिव्यू
यहां दिए जा रहे हैं कुछ एेसे टिप्स जिनसे आप अपने वाहन का ईंधन बचाकर वर्ष में कई हजार रुपए के अतिरिक्त खर्च से बच जाएंगे। बचा हुआ ईंधन आपके लिए कई मायनों में उपयोगी साबित होगा। तो जानिए क्या हैं पेट्रोल डीजल की बचत के टिप्स :

वाहन के टायरों में हवा का दबाव सही होना चाहिए, हवा की कमी ईंधन की खपत 1 फीसदी बढ़ा देती है। वाहन की रफ्तार 45-55 किमी प्रति घंटा के बीच रखें, 80-100 की गति पर ईंधन की खपत 30-40 फीसदी तक ज्यादा होती है।

एयरोडायनेमिक बनावट का ध्यान रखें, वाहन पर जरूरत से ज्यादा बाहरी एसेसरीज न लगाएं। अनावश्यक भार भी न लादें। वाहन में 50 किलो भार कम करने से ईंधन की खपत दो फीसदी तक कम की जा सकती है।

ज्यादातर लोग ट्रैफिक सिग्नल पर वाहन का इंजन बंद नहीं करते हैं। इससे तेल बर्बाद होता रहता है। इस मामले में सावधानी बरतें तो वाहन में करीब 20 फीसदी तेल की खपत कम की जा सकती है।

अगर आप ऑफिस आने-जाने के लिए अपने दोस्तों के साथ वाहन साझा करते हैं तो इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव भी कम होता है।

वाहन के ईंधन टैंक को पूरा कभी न भरें। अधिकांश लोग ये नहीं जानते हैं कि पेट्रोल कि ओस्क में एक रिटर्न पाइप लाइन भी होती है। जब पेट्रोल टैंक फुल हो जाता है तो एक प्रक्रिया के तहत मशीन वाहन के टैंक में से अतिरिक्त तेल को वापस ले लेती है।

अपनी कार या ट्रक में तेल सुबह सवेरे ही भरें जब तापमान कम होता है। याद रखें कि सभी सर्विस स्टेशनों पर स्टोरेज टैंक जमीन के अंदर ही होते हैं। वे जितना अधिक ठंडा रहेंगे, उतना ही घना पेट्रोल रहेगा। पेट्रोलियम कारोबार में ग्रेविटी और तापमान काफी अहम भूमिका रखता है। तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी भी काफी माएने रखती है।

जब आप वाहन के टैंक में फिलिंग करते हुए नोजल पर ध्यान नहीं देते ये गलत है। नोजल पर ट्रिगर के तीन चरण होते हैं, लो, मिडल और हाई। आपको लो मोड में तेल भरवाना चाहिए और इससे तेल का वाष्पीकरण कम होगा।

तेल की टंकी कभी खाली न होने दें। टंकी आधा खाली होने पर ही तेल दोबारा डलवाएं। बिल्कुल खाली टंकी में भी पेट्रोल के उडऩे की संभावना ज्यादा होती है।

कार में एसी चलाने से बचें। एसी चलाने से दस प्रतिशत अतिरिक्त ईंधर खर्च होता है। अगर जरूरी हो तो कुछ देर चलाने के बाद पर्याप्त ठंडक होने पर एसी को बंद कर दें।

हमें सार्वजनिक वाहनों से सफर को तरजीह देनी होगी। हफ्ते में एक दिन अपने वाहन को घर पर ही रखें और जरूरी काम के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सेवा को अपना सकते हैं।

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