जानिए, कैसे करें बेहतर टेस्ट ड्राइव?
जब आप कोई कार खरीदने की सोचतें है तो सबसे पहले आपके दिमाग में एक बात आती है कि क्यों न कार की टेस्ट ड्राइव कर ली जाये। यह एक बहुत ही शानदार और महत्वपूर्ण अनुभव होता है। क्योंकि जब आप कार का टेस्ट ड्राइव करतें है तो आप न केवल उस कार को चलातें है बल्कि आप उस कार को भीतर से अनुभव भी करतें है।
लेकिन कई बार जल्दबाजी में टेस्ट ड्राइव करने के दौरान आप कई मुख्य बातों पर गौर करना भुल जातें है जिसके कारण कार की टेस्ट ड्राइव करने के बाद भी आप अपनी उस कार के बारें में पूरी बातें नहीं जान पातें है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है ड्राइवस्पार्क इस बार अपने टिप्स कॉलम में आपको इसी बात की जानकारी देगा कि टेस्ट ड्राइव के दौरान कौन सी बातें आप ध्यान रखें। यकीन मानिए इन उपायों पर गौर करने के बाद आप जब भी टेस्ट ड्राइव करेंगे तो आप अपनी कार के बारें पूरी जानकारी रख सकेंगे। तो आइये जानतें है कि कैसे करें टेस्ट ड्राइव।
टेस्ट ड्राइव के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें:
- जब भी किसी कार को टेस्ट ड्राइव करने का निर्णय ले तो ध्यान रखें कि किसी एक के टेस्ट ड्राइव करने मात्र से आपको सारी बातों की जानकारी नहीं होगी। कोशिश करें कि दो तीन कार मॉडल का टेस्ट ड्राइव करें।
- जब आप किसी एक मॉडल को टेस्ट ड्राइव के लिए चुन लें तो कार में बैठने के बाद आप कार में सीटींग अरेंजमेंट, सीट की स्थिती और लेग रूम आदि पर जरूर करें। कहीं आपको कुछ असहज तो महसूस नहीं हो रहा है।
- इतना करने के बाद कार को स्टॉर्ट करें इस दौरान कार के विंडो को खुला रखें और कार के आवाज पर ध्यान दें। कार की आवाज कैसी है क्योंकि जैसे-जैसे आपकी कार पुरानी होती जायेगी आवाज में और भी वृद्वी होगी।
- उसके बाद कार को आगे बढ़ाये और एक्सलेटर, क्लच और ब्रेकिंग सिस्टम पर अपना ध्यान लगायें। कार को आगे बढ़ाने के लिए लगभग कितना एक्सलेटर का प्रयोग करना पड़ रहा है इस दौरा क्लच और ब्रेक का भी पूरा प्रयोग कर चेक करें कि ब्रेकिंग के दौरान कार का संतुलन कैसा है।
- कार को कुछ दूर तक ले जाते वक्त आप गियर की शिफ्टींग पर गौर करना न भूले, जब आप कार की गति आदि को कम-ज्यादा कर गियर शिफ्ट कर रहें है तो कार की स्मूथ राईडिंग या फिर गियर शिफ्टींग में कोई रूकावट तो नहीं आ रही है।
- कार को लगभग हर तरह के रोड़ पर राईड करने की कोशिश करें। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा दूर तक कार राईड करें। ध्यान रखें कि जब आप कार को किसी दिशा में मोड़ रहें है तो स्टीयरिंग व्हील में कोई कंपनी या फिर कार से कोई एक्सट्रा आवाज तो नहीं आ रही है। क्योंकि यदि स्टीयरिंग व्हील में कंपन आदि हो रहा है तो इसका सीधा मतलब है कि कार के फ्रंट हिस्से में कुछ असामनता है।
- इन सारी बातों पर गौर करने के बाद एक नजर कार के इंटीरियर भी डालें, कार के भीतर के स्पेश, या फिर उसमें जिन एक्ससरीज का प्रयोग किया गया है वो किस हद तक बेहतर है। यानी कि स्टीरियो सिस्टम, नेविगेशन सिस्टम, एसी, हेड रेस्ट, आर्म रेस्ट, विंडो, लॉकिंग सिस्टम, आदि।
- टेस्ट ड्राइव के दौरान कार के साईड मिरर और उसकी हेडलाईड आदि पर भी गौर करें कि उनके ऑन-ऑफ का सिस्टम कितना बेहतर है और आप कितना सुविधापूर्ण तरीके से उन्हे संचालित कर सकतें है। टेस्ट ड्राइव के दौरान तनीक भी घबरायें नहीं यदि शोरूम का कोई व्यक्ति आपके साथ हो तो उससे हर चीज के बारें में पूछने की कोशिश करें।
- आज कल सड़क पर आये दिन हादसें होतें है जिनको ध्यान में रखकर कार निर्माता भी काफी सजग है। जिसके मद्देनजर अब वो अपनी कारों में एक से बढ़कर एक बेहतरीन सुरक्षा यंत्रों का प्रयोग भी कर रहें है। टेस्ट ड्राइव के दौरान एअर बैग, उनकी पोजिशन, संख्या, चाईल्ड लॉक आदि के बारें में पूरा गौर करें।


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