सावधानी हटी, दुर्घटना घटी! Petrol Pumps पर लगाया जा रहा हजारों का चूना? ऐसे बचाएं अपनी गाढ़ी कमाई
एक ओर लगातार पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। वहीं, कुछ लोगों की यह भी शिकायत रहती है कि पेट्रोल पंप उन्हें कम फ्यूल दे दिया गया है। भारत में घटतौली की घटनाएं आए दिन देखने को मिलती हैं। अगर आप भी कभी इस चीज का शिकार हुए हैं या फिर Petrol Pump Fraud से बचना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए टिप्स आपकी मदद करेंगे।
प्रतिष्ठित पेट्रोल पंप चुनें: हमेशा विश्वसनीय और प्रतिष्ठित पेट्रोल पंप पर ही गाड़ी को फ्यूल-अप कराएं। बड़े और नामी ब्रांड्स जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम या हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पंपों पर धोखाधड़ी की संभावना लगभग न के बराबर होती है।

मीटर की जांच करें: पेट्रोल भरने से पहले सुनिश्चित करें कि मीटर शून्य (0) पर रीसेट है। अगर मीटर पहले से चालू है, तो कर्मचारी से इसे रीसेट करने के लिए कहें। साथ ही, पेट्रोल डालने की गति पर नजर रखें, क्योंकि तेजी से रिफ्यूलिंग करने पर मात्रा कम हो सकती है।
नोजल चेक करें: पेट्रोल या डीजल डालने से पहले नोजल को देखें। कुछ पंपों पर नोजल में चिप लगाकर कम ईंधन दिए जाने की शिकायतें भी आई हैं। अगर कुछ संदिग्ध लगे, तो दूसरा पंप चुनें।
डिजिटल भुगतान का उपयोग करें: नकद भुगतान के बजाय डिजिटल भुगतान (जैसे यूपीआई, कार्ड) का उपयोग करें। इससे आपके पास लेनदेन का रिकॉर्ड रहता है और धोखाधड़ी होने पर शिकायत करना आसान होता है।
रसीद जरूर लें: ईंधन भरवाने के बाद हमेशा रसीद मांगें। रसीद में मात्रा, मूल्य और तारीख की जांच करें। यह धोखाधड़ी के खिलाफ सबूत के रूप में काम आ सकती है।
फ्यूल क्वालिटी चेक करें: अगर संभव हो तो पेट्रोल पंप पर उपलब्ध फिल्टर पेपर टेस्ट का उपयोग करें। यह ईंधन में मिलावट की जांच करने में मदद करता है। अगर गाड़ी की परफॉर्मेंस में कमी दिखे, तो तुरंत जांच करवाएं।
सावधान और सतर्क रहें: कर्मचारियों के व्यवहार पर ध्यान दें। कई बार कर्मचारी ध्यान भटकाने के लिए बातचीत शुरू करते हैं। ऐसे में मीटर और नोजल पर नजर रखें।
शिकायत दर्ज कराएं: अगर आपको धोखाधड़ी का शक हो, तो तुरंत पेट्रोल पंप के मैनेजर से शिकायत करें। आप उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1800-2333-555 या संबंधित पेट्रोल कंपनी की वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।


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