सावधानी हटी, दुर्घटना घटी! Petrol Pumps पर ऐसे होती है धोखाधड़ी; बचने के लिए करें ये जरूरी काम
Petrol Pumps पर होने वाले Fraud की खबरें आएदिन आती रहती हैं। एक ओर पेट्रोल या डीजल खरीदने वाले लोग धोखाधड़ी के तरीकों के बारे में लगातार सतर्क रहते हैं, वहीं अपराधी भी ग्राहकों को ठगने के नए-नए तरीके खोज निकालते हैं।
अगर आप पेट्रोल पंप पर होने वाली धोखाधड़ी से बचे रहना चाहते हैं, तो आपको कुछ चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाते समय सतर्क रहना आपको ठगे जाने से बचा सकता है। आइए, कुछ जरूरी टिप्स और ट्रिक्स जान लेते हैं।

जीरो जरूर देखें: अपने वाहन में ईंधन भरते समय पालन की जाने वाली एक बहुत ही आम सलाह यह है कि गाड़ी फ्यूल-अप कराते समय ये देखें कि डिस्पेंसर का मीटर शून्य पर सेट है या नहीं? यदि मीटर जीरो पर सेट नहीं है, तो वाहन में ईंधन डालने से पहले पंप अटेंडेंट से इसे रीसेट करने के लिए कहें।
फ्रॉड करने वाले लोग अक्सर मीटर को '0' पर सेट करने का दिखावा करते हैं, लेकिन वास्तव में वे अधिक मात्रा से ईंधन भरना शुरू कर देते हैं। इसकी वजह से आपकी गाड़ी में कम फ्यूल जाता है और आपको पूरे ईंधन का पैसा चुकाना पड़ता है।
अच्छे पंप पर ही जाएं: किसी प्रतिष्ठित पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाना हमेशा दूसरे पंप पर गाड़ी फ्यूल-अप कराने से ज्यादा सुरक्षित होता है। जिस प्रतिष्ठित पेट्रोल पंप को आप जानते हैं और जिस पर आपको भरोसा है वहीं फ्यूल भराने जाएं।
शक होने पर नाप कराएं: यदि आपको लगता है कि पंप द्वारा दिया गया ईंधन सही नहीं है, तो आप इसकी मात्रा जांच कर सकते हैं। वहां का कर्मचारी एक कैलिब्रेटेड फ्यूल कंटेनर को विशिष्ट मात्रा में ईंधन से भरता है। यदि कंटेनर उस मात्रा तक नहीं गया, तो पंप आपके साथ धोखा कर रहा है।
महंगे फ्यूल से बचें: अक्सर पेट्रोल पंप के कर्मचारी वाहन मालिक से पूछे बिना ही कारों में हाई ऑक्टेन फ्यूल भर देते हैं, जिसे आमतौर पर पावर पेट्रोल के नाम से जाना जाता है। साधारण कारों में इस ईंधन का कोई मतलब नहीं होता। ऑक्टेन पेट्रोल आपकी कार पर नकारात्मक प्रभाव नहीं डालेगा, लेकिन यह महंगा होता है।


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