Normal Vs Premium Fuel: नार्मल या प्रीमियम पेट्रोल, जानें कौन सा फ्यूल आपकी गाड़ी के लिए है बेस्ट
अक्सर हम पेट्रोल पंप पर नार्मल पेट्रोल के साथ प्रीमियम पेट्रोल का चैंबर भी देखते हैं। अधिकतर वाहन चालकों में यह भ्रम की स्थिति रहती है कि गाड़ी में नार्मल पेट्रोल डलवाएं या प्रीमियम। कई बार पेट्रोल पंप पर खड़ा एजेंट हमें प्रीमियम पेट्रोल लेने के फायदे बता कर प्रीमियम पेट्रोल दे देता है लेकिन जानते हैं कि आप जिस प्रीमियम पेट्रोल के लिए ज्यादा पैसे दे रहे हैं वह आपकी बाइक के लिए कितनी फायदेमंद है भी या नहीं?

अभी हाल ही में इंडियन आयल ने हाई ओकटाइन प्रीमियम पेट्रोल लॉन्च की है जिसकी कीमत साधारण पेट्रोल से करीब 15 रुपये अधिक है। तो आज हम बताने वाले हैं प्रीमियम और नार्मल पेट्रोल में क्या अंतर है और आपकी बाइक या कार के इंजन के अनुसार कौन सी फ्यूल ज्यादा माइलेज और परफॉरमेंस देगी।
प्रीमियम पेट्रोल vs नार्मल पेट्रोल
पेट्रोल का ग्रेड ऑक्टेन वैल्यू पर आधारित होता है। भारत में नार्मल पेट्रोल का ऑक्टेन वैल्यू 87 होता है जबकि प्रीमियम पेट्रोल 91 ऑक्टेन रेटिंग की होती है। हाई ऑक्टेन फ्यूल का कम्प्रेशन रेशियो अधिक होता है यानि यह इंजन स्टार्ट होने के पहले नहीं जलती जिससे इंजन में कार्बन नहीं जमता।

वहीं, साधारण पेट्रोल में कम ओकटाइन होता है जिससे यह इंजन के चालू होने के कुछ सेकंड पहले जलती है जिससे समय के साथ इंजन में कार्बन जमने लगता है जिससे इंजन की परफॉरमेंस और माइलेज पर असर पड़ता है।

हाई ऑक्टेन पेट्रोल के इस्तेमाल से इंजन के स्टार्ट होने पर खटकने की आवाज नहीं आती है, मतलब यह है कि इससे इंजन को स्टार्ट होने में आसानी होती है। वहीं, नार्मल पेट्रोल के लंबे इस्तेमाल से इंजन में खटकने की आवाज आने की संभावना अधिक होती है।

किस इंजन के लिए कौन सा फ्यूल सही?
दरअसल, प्रीमियम यानि हाई ऑक्टेन पेट्रोल अधिक कम्प्रेशन वाले इंजन के लिए उपयुक्त होता है। स्पोर्ट्स कार जिसमे अधिक पॉवरफुल इंजन लगे होते हैं उनके लिए प्रीमियम फ्यूल सबसे बढ़िया होता है। यह पॉवरफुल बाइक या कार में प्रीमियम फ्यूल डलवाने से इनकी परफॉरमेंस बरकरार रहती है।

वहीं, कम्यूटर बाइक जिनमे कम पॉवर वाले इंजन का इस्तेमाल होता है, उनके लिए यह फ्यूल ज्यादा काम की नहीं होती। कम पॉवर वाले इंजन में कम कम्प्रेशन रेशियो के कारण प्रीमियम फ्यूल ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाती और परफॉरमेंस में भी कुछ अधिक सुधार नहीं देखने को मिलता है, इसलिए इनमे प्रीमियम फ्यूल डलवाना फायदे का सौदा नहीं होता।

प्रीमियम फ्यूल के फायदे
पेट्रोल कंपनियों का कहना है कि प्रीमियम फ्यूल से माइलेज में सुधार होता है और इंजन में भी ज्यादा दबाव नहीं पड़ता। हाई ऑक्टेन पेट्रोल साधारण पेट्रोल के मुकाबले कम उत्सर्जन करता है। प्रीमियम फ्यूल में कुछ एडिटीव डाले जाते हैं जिससे बाइक के इंजन में कार्बन कम जमता है और यदि कार्बन पहले से जमा है तो निकल जाता है।

आपके लिए कौन से फ्यूल है बेहतर?
फ्यूल लेने के पहले हमेशा यह ध्यान में रखें कि गाड़ी के यूजर मैनुअल में कौन से फ्यूल को प्राथमिकता दी गई है। अगर आपकी कार या बाइक पांच या दस साल पुरानी है तो समझ ले की इसमें साधारण फ्यूल डलवाना ही सही रहेगा। यदि कार या बाइक अधिक पावरफुल है को वाहन के लिए प्रीमियम फ्यूल बेहतर विकल्प हो सकता है।


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